फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News: Tiger hunted in Narmadapuram, nails, teeth and tail hair were cut off, investigation continues, 42 ti

MP News: नर्मदापुरम में बाघ का शिकार, नाखून, दांत, पूंछ के बाल काट ले गए, जांच जारी, एक साल में 42 बाघ की मौत

Sat, 14 Dec 2024 09:56 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Sat, 14 Dec 2024 09:56 PM IST
सार

नर्मदापुरम के बानापुरा रेंज के बांसपानी जंगल में मृत  बाघ मिला है।  शिकारियों की तलाश में वन विभाग और टाइगर स्ट्राइक फोर्स की टीम जुटी है। 

विज्ञापन
MP News: Tiger hunted in Narmadapuram, nails, teeth and tail hair were cut off, investigation continues, 42 ti
बाघ (फाइल फोटो)

विस्तार

नर्मदापुरम जिले के बानापुरा रेंज के बांसपानी जंगल में मृत पाए गए बाघ का शिकार किए जाने की पुष्टि हुई है। शिकारियों ने बाघ के नाखून, चार केनाइन दांत और पूंछ के बाल काटकर ले गए हैं। इस मामले में वन विभाग और स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (टीएसएफ) की टीमें शिकारियों का पता लगाने के लिए सक्रिय रूप से जांच कर रही हैं। मध्य प्रदेश में 2024 में अब तक 42 बाघ की मौत हो चुकी है। 
विज्ञापन


नर्मदापुरम जिले के बानापुरा रेंज के बांसपानी जंगल में 11 दिसंबर को एक बाघ का शव मिला था, जिसकी उम्र लगभग 9 साल बताई जा रही है। पोस्टमॉर्टम के दौरान यह सामने आया कि शिकारियों ने बाघ के 4 केनाइन दांत, 3 नाखून और पूंछ के बाल काटकर ले गए। वन विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकारियों की तलाश में तीन टीमों को तैनात किया है। इसके साथ ही जांच में मदद के लिए स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (टीएसएफ) की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। टाइगर के नाखून, दांत और पूंछ के बाल काटे जाने से यह संदेह जताया जा रहा है कि किसी तंत्र-मंत्र या झाड़-फूंक करने वाले व्यक्ति का हाथ हो सकता है। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि बाघ की मौत लगभग चार-पांच दिन पहले हुई थी। उसके शव को झाड़ियों के नीचे दबा दिया गया था और घटनास्थल से कुछ दूर तक खींचकर ले जाया गया था। बाघ के शव के बाकी अंगों को शिकारियों ने नहीं निकाला था, जिससे इसकी मौत के कारण को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। 
विज्ञापन


वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बाघ के शव को देखने से यह प्रतीत होता है कि शिकारियों ने उसे मारने के बाद दूर फेंक दिया था और शव को झाडियों से ढंक दिया था। जांच में यह भी सामने आया कि कीड़े शव के अंदर तक पहुंच गए थे, जिससे बाघ के नर या मादा होने की पुष्टि नहीं हो पा रही है। शिकारियों का पता लगाने के लिए वन विभाग और टीएसएफ की टीम ने बांसपानी गांव और उसके आसपास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन जारी रखा है। डॉग स्क्वायड ने भी घटनास्थल से कुछ दूरी तक खोजबीन की, लेकिन फिलहाल शिकारियों का कोई सुराग नहीं मिला है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस क्षेत्र में तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक के लिए बाघ के नाखून, दांत और अन्य अंगों का इस्तेमाल किया जाता है और यह संभावना जताई जा रही है कि शिकार का मकसद तंत्र-मंत्र विद्या से संबंधित हो सकता है। उन्होंने बताया कि प्रोफेशनल शिकारी का इसमें हाथ नहीं लगता। बाघ की पहचान के लिए बानापुरा रेंज में हुई कैमरा ट्रैपिंग से प्राप्त पुराने फोटोज की जांच की जा रही है, ताकि मृत बाघ की पहचान की जा सके। प्रथम दृष्टया यह संदेह जताया जा रहा है कि बाघ की मौत करंट लगने के कारण हुई है, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा। वन विभाग का दावा है कि वह जल्द ही शिकारियों को पकड़ने में सफल होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


सड़क हादसे में बाघिन की मौत 
रायसेन जिले के भोजपुर में एक सड़क हादसे में एक साल की बाघिन की मौत हो गई। यह हादसा भोपाल-जबलपुर हाइवे पर बिनेका गांव के पास हुआ, जब अज्ञात वाहन ने बाघिन को टक्कर मार दी, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे के समय बाघिन के साथ दो बच्चे भी मौजूद थे, जिनमें से एक बच्चा दुर्घटना का शिकार हुआ। वन विभाग ने मृतक बाघिन का पोस्टमॉर्टम कर शव का अंतिम संस्कार कर दिया है और अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है। विभाग सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रहा है ताकि वाहन का पता लगाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed