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MP News: क्षिप्रा नदी के पानी से स्किन कैंसर होने का खतरा, पीसीसी चीफ पटवारी बोले- आचमन लायक भी नहीं बचा
Tue, 18 Jun 2024 04:14 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अरविंद कुमार
Updated Tue, 18 Jun 2024 04:14 PM IST
सार
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने क्षिप्रा नदी के पानी को लेकर कहा है कि वैज्ञानिकों की रिपोर्ट ने बताया है कि क्षिप्रा के पानी से स्किन कैंसर होने का खतरा है।
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जीतू पटवारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने उज्जैन की क्षिप्रा नदी के पानी की शुद्धता पर बड़ा सवाल उठाते हुए उज्जैन निवासी प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दावे को पाखंड करार दिया है। पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र उज्जैन में क्षिप्रा नदी का पानी अब आचमन लायक भी नहीं है। इस पानी में ऐसे तत्व हैं, जो इंसानों के साथ जलीय जीव-जंतुओं के लिए भी हानिकारक हैं। उज्जैन में भगवान महाकाल के दर्शन करने और महाकाल लोक बनने के बाद लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं।
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पटवारी ने कहा कि जब क्षिप्रा जल की वैज्ञानिक जांच करवाई तो तब यह खुलासा हुआ। इसमें दत्त आश्रम और रामघाट के पानी की जांच रिपोर्ट चौंकाने वाली आई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस पानी में लगातार स्नान से स्किन कैंसर होने का खतरा है। पटवारी ने कहा कि ये भी वही रामघाट है, जहां सबसे ज्यादा श्रद्धालु स्नान करने पहुंचते हैं। सारे कर्मकांड और विधि-विधान भी यहीं संपन्न किए जाते हैं। कई श्रद्धालु पहले रामघाट पहुंचकर क्षिप्रा में स्नान करते हैं, फिर महाकाल के दर्शन के लिए जाते हैं।
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भोपाल नगर निगम की वाटर टेस्टिंग लेबोरेटरी से करवाई गई जांच
पटवारी ने कहा कि पानी सैंपल की जांच भी भोपाल नगर निगम की वाटर टेस्टिंग लेबोरेटरी से करवाई गई है। ताकि सवाल उठने के बाद किसी को यह कहने का मौका न मिले कि प्रदेश की भाजपा सरकार और उज्जैन को बदनाम करने के लिए इस तरह की कोशिश की गई है। लोकसभा चुनाव के दौरान उज्जैन से कांग्रेस प्रत्याशी महेश परमार ने क्षिप्रा में डुबकी लगाकर आरोप भी लगाए थे कि इस पवित्र नदी का पानी गंदा है। सफाई पर सरकार का ध्यान नहीं है। इसके बाद मुख्यमंत्री जी आपने भी मां क्षिप्रा में डुबकी लगाकर यह जताने की कोशिश की थी कि यह पवित्र जल पवित्र ही है। लेकिन अपवित्र को पवित्र दिखाने का आपका पाखंड एक बार फिर देश-प्रदेश की जनता के सामने आ चुका है।
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पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को घेरा
पटवारी ने कहा कि मोहन यादव मुझे नहीं लगता कि देश की सबसे पवित्र नदियों में शामिल शिप्रा की इस स्थिति पर अब आप फिर से कुछ कहने का साहस कर पाएंगे। अब बात अलग है कि सरकार की लूटी हुई लाज बचाने के लिए फिर से आप क्षिप्रा जी में डुबकी लगा लें। यदि मन हो तो आप फिर से डुबकी जरूर लगाएं, लेकिन जब बाहर आएं, तो यह विश्वास भी दिलाएं कि क्षिप्रा जी की पवित्रता आपके दावे जितनी ही शुद्ध होगी। वैसे मुझे तो संदेह ही रहेगा, क्योंकि मैं ऐसे तमाशे पहले भी कई बार देख चुका हूं।
