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MP News: आईएएस पी. नरहरि और महिला अधिकारी की फर्जी अश्लील चैट वायरल करने वाला गिरफ्तार
Thu, 15 Feb 2024 08:03 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 15 Feb 2024 08:03 AM IST
सार
इंदौर के कारोबारी ने अपने कर्मचारी से फर्जी चैट बनवाकर वायरल कराई थी। पुलिस को मुख्य आरोपी कारोबारी की तलाश कर रही है।
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भोपाल की क्राइम ब्रांच पुलिस ने आरोपी कर्मचारी को इंदौर से दबोच
- फोटो : Istock
विस्तार
मप्र कैडर के आईएएस एमएसएमई विभाग के सचिव व उद्योग आयुक्त पी. नरहरि व एक महिला अधिकारी की फर्जी वॉट्सएप चैट को इंदौर के एक कारोबारी के कहने पर उसके कर्मचारी ने वायरल किया था। भोपाल की क्राइम ब्रांच पुलिस ने कर्मचारी को इंदौर से दबोच लिया है, जबकि उसका सेठ फरार होने में कामयाब रहा। क्राइम ब्रांच का कहना है कि कारोबारी के गिरफ्त में आने के बाद पता चल सकेगा कि उसने किस नीयत से फर्जी चैट के स्क्रीनशॉट वायरल करवाए।
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नरहरि व महिला अधिकारी के बीच वाट्सएप की फर्जी चैट के स्क्रीनशॉट वायरल होने से प्रशासनिक हल्कों में हड़कंप मच गया था। दोनों अधिकारियों ने भोपाल पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा को मामले की शिकायत की थी। इसमें कहा गया कि आपत्तिजनक चैट का स्क्रीन शॉट उन्हें बदनाम करने एवं छवि को धूमिल करने की दृष्टि से अज्ञात व्यक्तियों द्वारा दुर्भावना एवं रंजिशवश सोशल मीडिया पर वायरल कर प्रसारित किया जा रहा है, जिससे अत्यधिक बदनामी एवं मानहानि तथा मानसिक वेदना हो रही है जिसे रोका जाना आवश्यक है।
पुलिस आयुक्त ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी थी। जांच के लिए क्राइम ब्रांच की टीम गठित कर दी गई।
रमनवीर अरोरा के कहने पर बनाई थी
टीम द्वारा आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक साधनों से पता लगाया कि इंदौर के रहने वाले जावेद मोहम्मद पिता शफी मोहम्मद खान ने अपने सेठ रमनवीर सिंह अरोरा के कहने पर उक्त फर्जी कूटरचित स्क्रीन शॉट, एप के माध्यम से बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किए थे। यह पता चलते ही क्राइम ब्रांच की टीम ने जावेद को गिरफ्तर कर लिया, मुख्य आरोपी रमनवीर अरोरा फरार हो गया। उसकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। जावेद ने पूछताछ में बताया कि वह गरीब तबके की महिलाओं को पैसों का लालच देने के बाद उनके नाम पर मोबाइल सिम खरीदता था। आरोपी इंदौर के खजराना इलाके का रहने वाला है तथा पांचवीं कक्षा तक पढ़ा है।
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वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नरहरि व महिला अधिकारी के बीच वाट्सएप की फर्जी चैट के स्क्रीनशॉट वायरल होने से प्रशासनिक हल्कों में हड़कंप मच गया था। दोनों अधिकारियों ने भोपाल पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा को मामले की शिकायत की थी। इसमें कहा गया कि आपत्तिजनक चैट का स्क्रीन शॉट उन्हें बदनाम करने एवं छवि को धूमिल करने की दृष्टि से अज्ञात व्यक्तियों द्वारा दुर्भावना एवं रंजिशवश सोशल मीडिया पर वायरल कर प्रसारित किया जा रहा है, जिससे अत्यधिक बदनामी एवं मानहानि तथा मानसिक वेदना हो रही है जिसे रोका जाना आवश्यक है।
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पुलिस आयुक्त ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी थी। जांच के लिए क्राइम ब्रांच की टीम गठित कर दी गई।
रमनवीर अरोरा के कहने पर बनाई थी
टीम द्वारा आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक साधनों से पता लगाया कि इंदौर के रहने वाले जावेद मोहम्मद पिता शफी मोहम्मद खान ने अपने सेठ रमनवीर सिंह अरोरा के कहने पर उक्त फर्जी कूटरचित स्क्रीन शॉट, एप के माध्यम से बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किए थे। यह पता चलते ही क्राइम ब्रांच की टीम ने जावेद को गिरफ्तर कर लिया, मुख्य आरोपी रमनवीर अरोरा फरार हो गया। उसकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। जावेद ने पूछताछ में बताया कि वह गरीब तबके की महिलाओं को पैसों का लालच देने के बाद उनके नाम पर मोबाइल सिम खरीदता था। आरोपी इंदौर के खजराना इलाके का रहने वाला है तथा पांचवीं कक्षा तक पढ़ा है।
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