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MP News: MP में मेडिकल कॉलेजों की तेजी से बढ़ रही संख्या,स्टाफ की कमी बनी बड़ी चुनौती,जल्द भर्ती करने का दावा
Fri, 12 Dec 2025 08:34 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Fri, 12 Dec 2025 08:34 PM IST
सार
मध्य प्रदेश में लगातार मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ी चुनौती वहां पर स्टाफ की कमी बनी हुई है। शुक्रवार को सरकार के 2 साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने एक प्रश्न पर जवाब देखते हुए स्वीकार किया कि अभी स्टाफ की कमी है लेकिन भारती भी तेजी से चल रही है।
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जीएमसी भोपाल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए लगातार नए मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं, राज्य में पिछले साल तीन और इस साल दो मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए। भविष्य में चार कॉलेज और शुरू हो जाएंगे। अन्य 6 अभी निर्माणाधीन हैं। लेकिन इन संस्थानों में स्टाफ की भारी कमी सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। शुक्रवार को सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं स्वीकार किया कि प्रदेश में मेडिकल स्टाफ की कमी है, लेकिन भर्ती प्रक्रिया तेजी से चल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मेडिकल कॉलेज तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में उनके अनुरूप मैनपॉवर की आवश्यकता भी बहुत बड़ी है। विशेषज्ञ डॉक्टर मिलना चुनौती है, लेकिन सरकार ने निर्णय लिया है कि प्राइवेट सेक्टर से अधिक वेतन देकर अनुभवी डॉक्टरों को सरकारी सेवाओं में शामिल किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी और स्टाफ की कमी
- प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 2118 से अधिक टीचिंग फैकल्टी पद खाली हैं।
- 19 मेडिकल कॉलेजों में से सिर्फ 7 कॉलेजों में ही पर्याप्त स्टाफ मौजूद है।
- नए कॉलेजों में कई विभागों में प्रोफेसर, असोसिएट व असिस्टेंट प्रोफेसर तक उपलब्ध नहीं हैं।
- पैरामेडिकल स्टाफ में भी कमी है, जिससे अस्पतालों की कार्यक्षमता प्रभावित।
इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी भी बड़ी समस्या
कई नए मेडिकल कॉलेजों में अभी भी हॉस्पिटल बिल्डिंग, लैब, ओटी, उपकरण व मान्यता के लिए अनिवार्य सुविधाओं का अभाव है। इससे छात्रों की ट्रेनिंग और चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है।
यह भी पढृें-इटारसी-भोपाल मार्ग से काचेगुड़ा-मदार और बनारस-एलटीटी के बीच स्पेशल ट्रेनें चलेंगी, यात्रियों को राहत
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सरकार के प्रयास
प्रदेश में कई नए मेडिकल कॉलेज जैसे बुधनी, मंडला, श्योपुर, सिंगरौली, राजगढ़ खोलने की तैयारी चल रही है। निर्माण और स्टाफिंग में तेजी लाने के लिए PPP मॉडल पर भी विचार किया जा रहा है। फैकल्टी की भर्ती प्रक्रिया जारी, हालांकि हाल ही में हाईकोर्ट द्वारा ऑटोनॉमस कॉलेजों से सरकारी कॉलेजों में ट्रांसफर पर रोक का असर पड़ा है।
यह भी पढृें-2025 बना 'उद्योग वर्ष', MP को मिले ₹8 लाख करोड़ के उद्योग, दो वर्ष में क्या रहा खास?
चार नए मेडिकल कॉलेजों का होगा उद्घाटन बढ़ेंगी सीटें
मध्य प्रदेश में चार नए मेडिकल कॉलेजों का भूमिपूजन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा करेंगे। ये कॉलेज पन्ना, बैतूल, कटनी और धार में शुरू होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष को आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि नए मेडिकल कॉलेजों का भूमिपूजन दिसंबर के अंतिम सप्ताह में होगा। ये मेडिकल कॉलेज पीपीपी मॉडल (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) के तहत स्थापित किए जाएंगे। हर कॉलेज में 100-100 MBBS सीटें मिलेंगी। इससे एमपी में कुल MBBS सीटें 3150 हो जाएंगी और सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या 21 हो जाएगी। इससे मध्य प्रदेश के छात्रों और मरीजों दोनों को बड़ा लाभ मिलेगा।
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मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी और स्टाफ की कमी
- प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 2118 से अधिक टीचिंग फैकल्टी पद खाली हैं।
- 19 मेडिकल कॉलेजों में से सिर्फ 7 कॉलेजों में ही पर्याप्त स्टाफ मौजूद है।
- नए कॉलेजों में कई विभागों में प्रोफेसर, असोसिएट व असिस्टेंट प्रोफेसर तक उपलब्ध नहीं हैं।
- पैरामेडिकल स्टाफ में भी कमी है, जिससे अस्पतालों की कार्यक्षमता प्रभावित।
इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी भी बड़ी समस्या
कई नए मेडिकल कॉलेजों में अभी भी हॉस्पिटल बिल्डिंग, लैब, ओटी, उपकरण व मान्यता के लिए अनिवार्य सुविधाओं का अभाव है। इससे छात्रों की ट्रेनिंग और चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है।
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सरकार के प्रयास
प्रदेश में कई नए मेडिकल कॉलेज जैसे बुधनी, मंडला, श्योपुर, सिंगरौली, राजगढ़ खोलने की तैयारी चल रही है। निर्माण और स्टाफिंग में तेजी लाने के लिए PPP मॉडल पर भी विचार किया जा रहा है। फैकल्टी की भर्ती प्रक्रिया जारी, हालांकि हाल ही में हाईकोर्ट द्वारा ऑटोनॉमस कॉलेजों से सरकारी कॉलेजों में ट्रांसफर पर रोक का असर पड़ा है।
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चार नए मेडिकल कॉलेजों का होगा उद्घाटन बढ़ेंगी सीटें
मध्य प्रदेश में चार नए मेडिकल कॉलेजों का भूमिपूजन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा करेंगे। ये कॉलेज पन्ना, बैतूल, कटनी और धार में शुरू होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष को आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि नए मेडिकल कॉलेजों का भूमिपूजन दिसंबर के अंतिम सप्ताह में होगा। ये मेडिकल कॉलेज पीपीपी मॉडल (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) के तहत स्थापित किए जाएंगे। हर कॉलेज में 100-100 MBBS सीटें मिलेंगी। इससे एमपी में कुल MBBS सीटें 3150 हो जाएंगी और सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या 21 हो जाएगी। इससे मध्य प्रदेश के छात्रों और मरीजों दोनों को बड़ा लाभ मिलेगा।
