MP News: शिवराज ने सीधी पेशाब कांड पीड़ित को सुदामा कहा, धोए पैर, दशमत की पत्नी बोली- हमें पैसे का लालच नहीं
MP Urination Case Sidhi News: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीधी पीड़ित दशमत रावत को सुदामा कहते हुए कहा कि तुम अब मेरे दोस्त हो।
विस्तार
मध्य प्रदेश के सीधी जिले में आदिवासी दशमत रावत पर भाजपा विधायक केदारनाथ शुक्ला के पूर्व प्रतिनिधि प्रवेश शुक्ला के नशे में बेशर्मी से पेशाब करने की घटना के बाद से सियासत गरमाई हुई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को पीड़ित दशमत रावत को भोपाल बुलाया। यहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दशमत के पैर धोकर और शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मन दुखी है। मेरे लिए जनता ही भगवान है। उन्होंने दशमत की पत्नी से भी फोन पर बात की। उन्हें आश्वस्त किया कि मुख्यमंत्री तुम्हारे साथ है।
मन दु:खी है; दशमत जी आपकी पीड़ा बाँटने का यह प्रयास है, आपसे माफी भी माँगता हूँ, मेरे लिए जनता ही भगवान है! pic.twitter.com/7Y5cleeceF
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) July 6, 2023विज्ञापन
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में पीड़ित दशमत से बात की। सीएम ने पूछा कि बच्चे पढ़ रहे हैं? छात्रवृत्ति मिलती है? कोई परेशानी हो तो मुझे बताना है। बेटी लाडली लक्ष्मी है। पत्नी को लाड़ली बहना का लाभ मिल रहा है? आवास योजना का लाभ मिल रहा है? सीएम ने कहा कि बेटी को पढ़ाना है। बेटियां आगे बढ़ रही हैं। दशमत ने सीएम को बताया कि वह पल्लेदारी का काम करता है। मुख्यमंत्री ने पीड़ित से कहा कि मुझे बहुत दुख हुआ। मैं माफी चाहता हूं। मेरे लिए जनता ही भगवान समान है। सीएम ने दशमत को सुदामा कहते हुए कहा कि तुम अब मेरे दोस्ते हो।
ये है मामला
बता दें सीधी में भाजपा नेता प्रवेश शुक्ला का दशमत रावत के ऊपर पेशाब करते वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद प्रदेश का सियासी पारा चढ़ गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही मामले में जांच के लिए जांच कमेटियां बनाई हैं। सीधी विधायक पंडित केदारनाथ शुक्ला के पूर्व विधायक प्रतिनिधि प्रवेश शुक्ला को आदिवासी युवक पर पेशाब करने के मामले में मंगलवार रात करीब दो बजे गिरफ्तार कर लिया गया था। प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बुधवार को सीधी पेशाब कांड पर कहा कि कृत्य बहुत घृणित और निंदनीय बताया था। कानून अपना काम कर रहा है। ये भाजपा की सरकार है यहां कानून का राज है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद तत्काल मुख्यमंत्री के कहने पर एनएसए की कार्रवाई और कानूनी कार्रवाई कर दी गई थी। आरोपी को रात में गिरफ्तार कर लिया गया था। उसे रीवा जेल में रखा जाएगा। प्रशासन ने उसका घर भी तोड़ दिया है।
दस दिन पहले वायरल हुआ वीडियो
यह वीडियो दस दिन पुराना है। वीडियो में सीधी जिले के कुबरी बाजार में एक युवक बैठा हुआ है। प्रवेश शुक्ला ने नशे की हालत में उसके ऊपर पेशाब कर दी। किसी ने इसका वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर डाल दिया। इसे लेकर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्ति की थी। ग्राम कुबरी के रहने वाले प्रवेश शुक्ला पूर्व में विधायक प्रतिनिधि थे। वर्तमान में वे सक्रिय बीजेपी कार्यकर्ता हैं। प्रवेश शुक्ला सामान्य परिवार से ताल्लुक रखते हैं।
सीएम ने कहा-हर इंसान में ही भगवान निवास करता है
शिवराज ने कहा कि मेरे लिए दरिद्र ही नारायण हैं और जनता ही भगवान है। जनता की सेवा हमारे लिए भगवान की पूजा है। हम यह मानते हैं हर इंसान में ही भगवान निवास करता है। भाई दशमत के साथ अन्याय हुआ है। मेरा मन दर्द और पीड़ा से भर हुआ है इसलिए दशमत को मैंने यहां बुलाया। मन मेरा गहरी वेदना से भरा हुआ था। मन में बहुत तकलीफ थी। बहुत ही अमानवीय घटना हमारे भाई के साथ घटीं। मैं अंतरात्मा से मानता हूं गरीब ही हमारे लिए पूज्य हैं। गरीब का अपमान, हम सब का अपमान है।
दशमत की पत्नी से शिवराज से कहा- पैसे का लालच नहीं
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दशमत की पत्नी से फोन पर बात की। उस समय दशमत की पत्नी को कांग्रेस नेताओं ने घेर रखा था। शिवराज ने कहा कि दशमत भाई मेरे साथ हैं। इस पर दशमत की पत्नी ने कहा कि आप तो उन्हें घर भेजो। आप उन्हें हमारे सामने ले आइए। इसके बाद दशमत ने भी अपनी पत्नी से बात की। इस दौरान उनकी पत्नी रूंआसी हो गई। कहने लगी कि हमें आपकी चिंता हो रही है। दशमत बोले कि हमें साहब ने बुला लिया था तो हम भोपाल आ गए। आप लोग खाना खा लो। बाद में शिवराज ने फिर दशमत की पत्नी से बात की। उन्होंने कहा कि दशमत मेरा भाई है। तुम मेरी बहन हो। चिंता मत करो। बाकी सब परिवार की चिंता मैं कर रहा हूं। मकान भी बनने वाला है। कुछ पैसे भी करवा रहा हूं काम-धंधे के लिए। इस पर दशमत की पत्नी ने कहा कि पैसे का लालच नहीं है। आप तो पहले उन्हें (दशमत को) भेजिए।
कमलनाथ ने कहा- सच्ची आत्मा होती तो कैमरा लगाकर नहीं दिखाते
पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि सीधी की घटना ने पूरे मध्य प्रदेश को देशभर में कलंकित किया है। मध्य प्रदेश में आदिवासी समाज सबसे अधिक है। उनके यह हालात है। पिछले कुछ महीनों से जिले-जिले से खबरें आ रही हैं। कहीं जिंदा गाड़ दिया गया, कहीं गाड़ी से घसीटा गया। सिर्फ 10 प्रतिशत घटनाएं ही सामने आती हैं। शिवराज सिंह जी कितनी भी नाटक-नौटंकी कर लें, और अपने 18 साल का पाप धोने का प्रयास कर लें, वह नहीं धुलेगा। उनकी सच्ची आत्मा होती तो कैमरा बुलाकर नहीं दिखाते। उनका मतलब कैमरे से था। कैमरे की नौटंकी उन्होंने 18 साल कर ली है। अब यह चलने वाली नहीं है। पत्नी को प्रलोभन दे रहे हैं। यह नाटक-नौटंकी है। यह सब अपना पाप साफ करने के लिए है। ये ही समिति बनाएंगे। कैमरे की नौटंकी करेंगे। फिर क्लीन चिट दे देंगे। शिवराज सिंह जी सोचते हैं कि आदिवासी समाज माफ कर देगा। वह परिचित है कि किस तरह की घटनाएं होती हैं। आदिवासी समाज इन्हें कभी माफ नहीं करेगा। कितने भी पैर धुलवा लें, कितने भी कैमरे सामने लगवा लें, जिनकी आत्मा और मन साफ होता है, वह कैमरे के सामने यह नहीं करते।
मामले में बसपा सुप्रीमो मायावती का कहना है कि मध्यप्रदेश के सीएम द्वारा सीधी ज़िले के पेशाबकांड के पीड़ित आदिवासी युवक को लगभग 600 किलोमीटर दूर भोपाल बुलाकर सीएम हाउस में कैमरे के घेरे में उसके पैर धोना सरकारी पश्चाताप कम तथा इनकी नाटकबाजी व चुनावी स्वार्थ की राजनीति ज्यादा लगती है। ऐसा नुमाइशी कार्य क्या उचित? चूंकि मध्यप्रदेश में विधानसभा का आमचुनाव निकट है, इसलिए सरकार की ऐसी बेचैनी स्वाभाविक। किन्तु पूरे राज्य में खासकर एससी, एसटी, अतिपिछड़े व मुस्लिम समाज के साथ ही सर्वसमाज के लोगों का महंगाई व बेरोजगारी आदि से इनका जीवन जितना त्रस्त हुआ है उसका हिसाब वे जरूर ही मांगेंगे।
