MP News: शिवराज का कमलनाथ पर पलटवार, बोले- कांग्रेस झूठ बोलने की दुकान है
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि वो मेरे बारे में कुछ कहते रहे। मैंने आपत्ति नहीं की, लेकिन कल कमलनाथ जी ने राज्यपाल जी के अभिभाषण पर अशोभानीय टिप्पणी की है। और उन्होंने झूठ बोलने का आरोप लगाया है।
विस्तार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, 'वो मेरे बारे में कुछ कहते रहे। मैंने आपत्ति नहीं की, लेकिन कल कमलनाथ जी ने राज्यपाल जी के अभिभाषण पर अशोभनीय टिप्पणी की। उन्होंने झूठ बोलने का आरोप लगाया है।' मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल एक संवैधानिक पद है। कम से कम संवैधानिक पद पर बैठे हुए व्यक्ति के बारे में यह कहना कि उनसे झूठ बुलावाया गया, लोकतंत्र की गरिमा गिराने का काम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झूठे वादे आप करो। सवाल पूछें तो उत्तर न दो और फिर चीजें गोलमोल करने के लिए दूसरों पर झूठ बोलने का आरोप लगाओ। यह कांग्रेस की शैली है। आज मैं फिर पूछ रहा हूं आप कितने झूठ बोलते हैं। आपने वचन दिया था कि संभाग स्तर पर कन्याओं के लिए आवासीय खेल स्कूल खोले जाएंगे। सवा साल की सरकार में एक भी ऐसा स्कूल खोला क्या? मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इसका जवाब तो दो?
बता दें, सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण के बाद कमलनाथ ने कहा था कि राज्य सरकार ने राज्यपाल से भी झूठ बुलवा दिया।
कांग्रेस झूठ परोसने की दुकान है।
राज्यपाल संवैधानिक पद है, राज्यपाल जी पर अशोभनीय टिप्पणी कर कमलनाथ जी ने लोकतंत्र की गरिमा गिराने का काम किया है।
कमलनाथ जी वादा किया था कि संभाग स्तर पर कन्याओं के लिए खेल स्कूल खोले जाएंगे, सवा साल की सरकार में एक भी स्कूल खोला? pic.twitter.com/ZnMGjSy2Hqविज्ञापन विज्ञापन— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) February 28, 2023
नाथ बोले-'उल्टा चोर कोतवाल को डांटे
उधर, कमलनाथ ने मंगलवार को सीएम शिवराज के सवाल पर पलटवार किया। नाथ ने कहा कि शिवराज जी, कम से कम आप के श्री मुख से लोकतंत्र और संविधान की बातें अच्छी नहीं लगतीं। सत्ता के लालच में लोकतंत्र का गला घोटने के आप अनुपम उदाहरण हैं। आपकी बातें सुनकर मुझे 'उल्टा चोर कोतवाल को डांटे' वाली कहावत याद आ जाती है। आप अपने अंतर्मन में झांकने के बजाय दूसरों से सवाल करते हैं। मध्य प्रदेश की जनता आपसे पूछती है कि आपने मुख्यमंत्री कन्या विवाह और निकाह योजना के लाभार्थी नवविवाहित दंपतियों को, जिनके पास पक्का मकान नहीं है, उन्हें रियायती दरों पर पक्का मकान देने की घोषणा की थी। क्या यह योजना भी आपकी झूठ मशीन की भेंट चढ़ गई?
शिवराज जी, कम से कम आप के श्री मुख से लोकतंत्र और संविधान की बातें अच्छी नहीं लगती। सत्ता के लालच में लोकतंत्र का गला घोटने के आप अनुपम उदाहरण हैं। आपकी बातें सुनकर मुझे 'उल्टा चोर कोतवाल को डांटे' वाली कहावत याद आ जाती है।
— Kamal Nath (@OfficeOfKNath) February 28, 2023
