MP News: स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप बोले- जबरन कोई धर्म किसी दूसरे धर्म की तालीम नहीं दे सकता
मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने मदरसों में हिंदू बच्चों के दाखिले पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जबरन कोई धर्म किसी दूसरे धर्म की तालमी नहीं दे सकता है।
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मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने मदरसों में हिंदू बच्चों के दाखिले को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि फरवरी महीने से शिकायतें आ रही थीं कि मदरसों में हिंदू बच्चे पढ़ रहे हैं। शिकायतों की जांच में पता चला कि मदरसे कागजों में चल रहे हैं और हजारों की संख्या में मदरसों में हिंदू बच्चे पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जबरन कोई धर्म किसी दूसरे धर्म की तालीम नहीं दे सकता है, ऐसे में नियमों का उल्लंघन है। स्कूल शिक्षा विभाग में धारा 18, 3 की उपयोग करते हुए आदेश जारी किया है और मुख्यमंत्री की तरफ से मार्गदर्शन मिला है। उन्होंने कहा कि धार्मिक व्यवस्था मध्य प्रदेश में नहीं बिगड़ने दी जाएगी।
बता दें मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय बाल आयोग के आकड़ों के अनुसार करीब 18 सौ मदरसे रजिस्टर है। इनमें करीब 9 हजार हिंदू बच्चे पढ़ रहे हैं। इन आकड़ों के बाद शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों को मदरसों की जांच के आदेश दिए थे। जिसमें सामने आया कि मदरसों में हिंदू बच्चों को दीनी तालीम दी जा रही है।
मध्यप्रदेश में मदरसा को लेकर जारी सियासत के बीच राष्ट्रीय बाल आयोग के आंकड़े में चौंकाने वाले खुलासे हुए है। इन आंकड़ों में दावा किया गया की मध्यप्रदेश में 1,755 पंजीकृत मदरसों में 9,417 हिंदू बच्चे पढ़ रहे हैं। आंकड़े सामने आने पर शिक्षा विभाग ने डीईओ को मदरसों के जांच के निर्देश दिए है। जांच में पता चला कि हिंदू बच्चों को दीनी तालीम दी जा रही है। जांच में यह भी सामने आया कि कई मदरसों में समग्र आईडी जुटा कर फर्जी तरीके से बच्चों को दाखिला कराया है। दरअसल 100 बच्चे वाले मदरसे को सरकार की तरफ से 50 हजार रुपए से 60 हजार रुपए का अनुदान मिलता है। हाल ही सरकार की तरफ से श्योपुर में 56 मदरसों की मान्यता रद्द करने की कार्यवाही भी की गई।
