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MP News: फर्जी नाम से जज और वकीलों को पत्र भेजने वाले रिटा. IAS निसार अहमद के खिलाफ FIR दर्ज

Sat, 11 Mar 2023 04:45 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Sat, 11 Mar 2023 04:45 PM IST
सार

भोपाल में जज और वकीलों को फर्जी नाम से भेजे गए पत्र के मामले में क्राइम ब्रांच ने रिटायर्ड आईएएस अधिकारी निसार अहमद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। निसार ने बेटे के अस्पताल के खिलाफ आयुष्मान घोटाले का कोर्ट में प्रकरण दर्ज करने के चलते जज और वकीलों के खिलाफ आपत्तिजक पत्र लिखा था। 

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MP News: Reta sending letters to judges and lawyers in fake names. FIR lodged against IAS Nisar Ahmed
Prayagraj News : एफआईआर - फोटो : social media

विस्तार

भोपाल में वक्फ बोर्ड के पूर्व प्रशासक रहे और रिटायर्ड आईएएस अधिकारी निसार अहमद के खिलाफ क्राइफ ब्रांच ने एफआईआर दर्ज की है। अहमद पर फर्जी नाम से जज और वकीलों को पत्र लिख कर भेजने का आरोप है। पत्र में धार्मिक वैमन्स्य फैलाने की बात लिखी गई।
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भोपाल के कुछ जज और वकीलों को एक पत्र उनके नाम से भेजा गया था। इसमें भेजने वाला का नाम राजेश मेहरा और पता बाग मुगालिया लिखा था। पत्र में धार्मिक वैमन्सय फैलाने वाली बात लिखी गई थी। साथ ही पत्र में कुछ जज और वकीलों के खिलाफ आपत्तिजनक बातें और झूठे आरोप लगाए गए थे। जिला एवं सत्र न्यायाधीश के निर्देश पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भोपाल ने पत्र की जांच करने के लिए क्राइम ब्रांच को पत्र लिखा था। इस मामले में अधिवक्ता तारिक सिद्दीकी ने भी भोपाल क्राइम ब्रांच को शिकायत की थी। इसकी क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की। तो पता चला कि पत्र में लिखा पता फर्जी है। और राजेश मेहरा नाम का कोई वकील जिला बार एसोसिएशन ने बताया कि इस नाम का कोई अधिवक्ता नहीं है।
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ऐसे हुआ खुलासा
पत्र शाहजहानाबाद स्थित एक टाइपिंग की दुकान से टाइप कराया गया है। उसके संचालक शादाब अहमद ने पूछताछ में बताया कि पत्र राशिद गोरी नामक व्यक्ति ने टाइप करानेआया था। जब राशिद गोरी  से पूछताछ की तो उसने बताया कि निसार अहमद ने अपने घर बुलाकर यह टाइप कराने को दिया था। उसने बताया कि उस समय   निसार अहमद के घर दो-तीन लोग और भी बैठे हुए थे। पत्र को निसार अहमद ने 28 जनवरी 2023 को जुमराती स्थित एक छोटे से पोस्ट ऑफिस से कुछ न्यायाधीश और वकीलों को पोस्ट कराया। पोस्ट ऑफिस में सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे हुए थे।
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प्रतिष्ठा खराब करने लिखा पत्र
जांच में पता चला कि वकील तारीख सिद्दीकी ने निसार अहमद के पुत्र के भोपाल  मल्टीस्पेशिलिटी हॉस्पिटल में आयुष्मान घोटाले का प्रकरण कोर्ट में लगाया था। जिसका बदला लेने के लिए निसार अहमद ने वकीलों व जज की प्रतिष्ठा खराब करने की योजना बनाई। इसके लिए उसने पत्र में फर्जी बातें लिखकर दूसरे व्यक्ति के नाम से पत्र भेंजे। जानकारी के अनुसार निसार अहमद पूर्व में जिला पंचायत खंडवा के सीईओ थे। उस समय उन पर सिमी के सफदर नागौरी से संबंध होने के भी आरोप लगे थे।
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