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MP News: KBC की हॉट सीट पर पहुंचे भोपाल के राहुल, जानें किस बीमारी के रिसर्च के लिए डोनेट करेंगे जीत की राशि

Fri, 18 Aug 2023 12:15 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Fri, 18 Aug 2023 12:15 PM IST
सार

 Kaun Banega Crorepati : भोपाल के राहुल नेमा ऑस्टियोजेनेसिस इंपरफेक्टा बीमारी से पीड़ित है। इस बीमारी में हड्डियां कमजोर होती है। राहुल की 18 साल की उम्र तक 350 से 400 बार हड्डियां टूट चुकी है। अभी भी शरीर कमजोर है। 

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KBC: Contestant Rahul Kumar from Bhopal will Donate Winning Amount For Osteogenesis Imperfecta Research
केबीसी में भोपाल के राहुल नेमा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी भोपाल के राहुल नेमा अमिताभ बच्चन के कौन बनेगा करोड़पति कार्यक्रम में 3 लाख 20 हजार रुपये जीत गए हैं। शुक्रवार रात बिग बी ने उनसे 6 लाख 40 हजार रुपये के लिए अगला प्रश्न करेंगे। भोपाल के मध्यप्रदेश ग्रामीण विकास बैंक में राहुल असिस्टेंट ब्रांच मैनेजर हैं। 31 वर्षीय राहुल 90 प्रतिशत दिव्यांग हैं। वह बचपन से ऑस्टियोजेनेसिस इंपरफेक्टा बीमारी से पीड़ित है। तीन फीट के राहुल मूवमेंट नहीं कर सकते। राहुल का कहना है कि डॉक्टरों के अनुसार ऑस्टियोजेनेसिस इंपरफैक्टा बीमारी का अभी कोई इलाज नहीं है। वह केबीसी में जीती राशि का उपयोग अपने आप को सेल्फडिपेंडेट बनाने डिवाइस बनाने और इस बीमारी के रिसर्च और डेवलपमेंट पर खर्च करेंगे। 
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अमिताभ से मिलकर कैसा लगा? क्या पहले कभी सोचा था कि अमिताभ बच्चन से मिलेगे? 
राहुल -  मेरा सिलेक्शन हुआ तो सपने के हकीकत में बदलने की फीलिंग हुई। अच्छा अनुभव रहा। अमिताभ बच्चन से एक जगह आमने-सामने बैठकर एक से डेढ़ घंटे बात करने का मौका मिला। 
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आप कब से तैयारी कर रहे थे, किस तरह से तैयारी की? 
राहुल - मैं बचपन से केबीसी देखता आ रहा हूं। 10 से 12 साल से प्रयास कर रहा था। ऑडिशन के लिए लाइन ओपन होने पर प्रयास करता था। 

अमिताभ बचपन से कोई खास बातचीत की? 
राहुल- मैंने उनसे बहुत सारे प्रश्न किए। उनकी फेवरेंट एक्ट्रेस के बारे में पूछा। अमिताभा बचपन बहुत सकारात्मक व्यक्ति हैं। मुझे अमिताभ बहुत प्रभावित करते हैं। उनके जीवन के बारे में जानने के लिए प्रश्न किए। कुछ के जवाब मिले और कुछ के नहीं मिले। 
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केबीसी में जीते रुपयों से क्या करेंगे?  
राहुल - मेरी बीमारी की रिसर्च के लिए कोई डिवाइस बना सकूं। ताकि मैं सेल्फ मूवमेंट कर सकूं और ऑस्टियोजेनेसिस इंपरफैक्टा बीमारी की रिसर्च और डेवलमेंट के लिए राशि को डोनेट करुंगा। ताकि इस बीमारी से पीड़ितों का इलाज हो सकें। 

आप लोगों को क्या मैसेज देना चाहेंगे?   
राहुल नेमा- सभी के सामने कुछ ना कुछ चैलेंज आते हैं। मेरा अनुभव है कि उसको फेस करें और आगे बढ़ते जाए है। काफी समय ऐसा लगता था कि इसके बाद क्या होगा, लेकिन सकारात्मक सोच और खुद पर विश्वास रखकर आप अपना काम कर सकते हैं। 

आपकी हाइट तीन फीट है, दिन प्रतिदिन क्या चुनौती फेस करते हैं?
राहुल -  मैं बैंक में असिस्टेंट मैनेजर हूं। अभी तक लाइफ की जर्नी रही है तो अपना काम इमानदारी से कर रहे हैं तो काम सरल हो जाता है। 

आपके परिवार में कौन-कौन है? 
राहुल - मेरे पिता विजय कुमार नेमा स्कूल शिक्षा विभाग भोपाल संभाग के ऑफिस में असिस्टेंड डॉयरेक्टर है। मां सीमा नेमा हाउस वाइफ हैं। छोटा भाई आदित्य नोएडा में जॉब करता है। छोटी बहन आयुषी होम्यपैथी की डॉक्टर है।


पिता ने बताया इसलिए रखा था नाम लक्की 
राहुल का परिवार मूलत: सिवनी का रहने वाला है। वहीं, पर राहुल की स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई पूरी हुई। राहुल के पिता विजय नेमा ने बताया कि राहुल शरीर से भले कमजोर है, लेकिन मानसिक बहुत मजबूत है। 2004 में उसने पांचवी बोर्ड परीक्षा में जिले में टॉप किया था। उसे केंद्र सरकार की तरफ से राष्ट्रीय बाल सम्मान से सम्मानित किया गया था। विजय नेमा ने बताया कि राहुल का जब जन्म हुआ तो एक हाथ टूटा और पैर मुड़े हुए थे। उसको नागपुर रेफर कर दिया गया था। जहां डॉक्टरों ने उसे क्रिटिकल केस बता कर लौटा दिया था। हमने उसका नाम लक्की रखा। आज सचमुच में हमारे लिए वह लक्की साबित हो रहा है। मुझे गर्व है कि मुझे लोग उसके पिता के रूप में पहचानेंगे। राहुल एमपी पीएससी की दो बार प्रारंभिक परीक्षा निकाल चुका है। उन्होंने बताया कि ऑस्टियोजेनेसिस इंपरफैक्टा बीमारी में ग्रीन स्टीक फ्रेंक्चर होते है। राहुल के अभी तक 350 से 400 हाथ और पैर में ग्रीन फ्रेंक्चर हो गए है। हालांकि उम्र के साथ अब हड्डियों में मजबूती आ रही है। 
 
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