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MP News: पुलिसकर्मियों के साप्ताहिक अवकाश पर सियासत, नाथ बोले-यह तो मामा की चुनावी चाल है, नरोत्तम का पलटवार
Mon, 07 Aug 2023 01:26 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Mon, 07 Aug 2023 01:26 PM IST
सार
कमलनाथ बोले मैंने मुख्यमंत्री के रूप में जनवरी 2019 में प्रदेश के पुलिसकर्मियों को यह अधिकार दिया था। लेकिन शिवराज सरकार बनते ही पुलिसकर्मियों से उनका यह अधिकार छीन लिया गया था।
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कमलनाथ-नरोत्तम फिर आमने-सामने
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मध्य प्रदेश के पुलिसकर्मियों को सोमवार से साप्ताहिक अवकाश मिलना शुरू हो गया है। इस पर अब श्रेय लेने की सियासत भी शुरू हो गई है। पूर्व सीएम कलनाथ ने शिवराज सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पुलिसकर्मी जानते है कि यह तो मामला की चुनावी चाल है। इस पर नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार किया है।
पीसीसी चीफ कमलनाथ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मुझे खुशी है कि आज से मध्य प्रदेश के पुलिसकर्मियों को फिर से साप्ताहिक अवकाश देने की व्यवस्था शुरू की जा रही है। मैंने मुख्यमंत्री के रूप में जनवरी 2019 में प्रदेश के पुलिसकर्मियों को यह अधिकार दिया था। लेकिन शिवराज सरकार बनते ही पुलिसकर्मियों से उनका यह अधिकार छीन लिया गया था।
नाथ ने कहा कि यह बात इसलिए याद दिला रहा हूं कि नीयत को समझना जरूरी है। एक तरफ कांग्रेस है जिसने सरकार बनते ही पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश दिया, दूसरी तरफ भाजपा है, जिसे 18 साल तक साप्ताहिक अवकाश की याद नहीं आई, बल्कि उसने पुलिसकर्मियों का अधिकार छीना। साप्ताहिक अवकाश बहाल करके शिवराज सरकार पुलिसकर्मियों के साथ किए गए अन्याय का प्रायश्चित करने की कोशिश कर रही है। अगर यह प्रायश्चित सच्चे दिल से होता तब भी कोई बात थी, लेकिन पुलिसकर्मी अच्छी तरह जानते हैं कि यह तो मामा की चुनावी चाल है।
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कमलनाथ जी सरकार चलाने और मुंह चलाने में फर्क होता है
वहीं, गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने घोषणा की और उधर पीएचक्यू से आदेश निकला। पुलिसकर्मी साप्ताहिक अवकाश पर चले गए। ऐसे काम किया जाता है। कमलनाथ जी आपको आपके तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष ने समय दिया था, लेकिन आपने सिर्फ घोषणा की। काम कुछ नहीं किया। कमलनाथ जी सरकार चलाने और मुंह चलाने में फर्क होता है।
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पीसीसी चीफ कमलनाथ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मुझे खुशी है कि आज से मध्य प्रदेश के पुलिसकर्मियों को फिर से साप्ताहिक अवकाश देने की व्यवस्था शुरू की जा रही है। मैंने मुख्यमंत्री के रूप में जनवरी 2019 में प्रदेश के पुलिसकर्मियों को यह अधिकार दिया था। लेकिन शिवराज सरकार बनते ही पुलिसकर्मियों से उनका यह अधिकार छीन लिया गया था।
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नाथ ने कहा कि यह बात इसलिए याद दिला रहा हूं कि नीयत को समझना जरूरी है। एक तरफ कांग्रेस है जिसने सरकार बनते ही पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश दिया, दूसरी तरफ भाजपा है, जिसे 18 साल तक साप्ताहिक अवकाश की याद नहीं आई, बल्कि उसने पुलिसकर्मियों का अधिकार छीना। साप्ताहिक अवकाश बहाल करके शिवराज सरकार पुलिसकर्मियों के साथ किए गए अन्याय का प्रायश्चित करने की कोशिश कर रही है। अगर यह प्रायश्चित सच्चे दिल से होता तब भी कोई बात थी, लेकिन पुलिसकर्मी अच्छी तरह जानते हैं कि यह तो मामा की चुनावी चाल है।
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कमलनाथ जी सरकार चलाने और मुंह चलाने में फर्क होता है
वहीं, गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने घोषणा की और उधर पीएचक्यू से आदेश निकला। पुलिसकर्मी साप्ताहिक अवकाश पर चले गए। ऐसे काम किया जाता है। कमलनाथ जी आपको आपके तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष ने समय दिया था, लेकिन आपने सिर्फ घोषणा की। काम कुछ नहीं किया। कमलनाथ जी सरकार चलाने और मुंह चलाने में फर्क होता है।
