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MP News: देव प्रबोधिनी एकादशी पर चित्रकूट से अमरकंटक तक 3,51,111 दीपों से जगमगाई पावन धरा
Sat, 01 Nov 2025 09:02 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sat, 01 Nov 2025 09:02 PM IST
सार
देव प्रबोधिनी एकादशी पर मध्यप्रदेश की धरती भक्ति और प्रकाश से जगमगा उठी। चित्रकूट से अमरकंटक तक श्रीरामचंद्र पथ गमन के 9 स्थलों पर 3,51,111 दीपों की रोशनी प्रदेश आलोकित हुआ। हर घाट पर “राममय” आस्था का अनूठा दृश्य दिखाई दिया।
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श्रीरामचंद्र पथगमन 9 स्थलों पर दीपोत्सव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
देव प्रबोधिनी एकादशी के शुभ अवसर पर मध्यप्रदेश की पावन भूमि श्रद्धा, भक्ति और प्रकाश के अद्भुत संगम में नहाई रही। जब चित्रकूट से लेकर अमरकंटक तक 3,51,111 दीपों की ज्योति एक साथ प्रज्वलित हुई, तो पूरा प्रदेश प्रभु श्रीरामचंद्र, माता सीता, मां नर्मदा और मां मंदाकिनी की भक्ति में आलोकित हो उठा। श्रीरामचंद्र पथ गमन न्यास के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एनपी नामदेव ने बताया कि यह “दीपोत्सव पर्व-2025” केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा, संस्कृति और सभ्यता की वह ज्योति है जो समाज में ‘रामत्व’ की भावना को जागृत करती है। नामदेव ने कहा कि यह आयोजन केवल दीपोत्सव नहीं, बल्कि प्रभु श्रीराम के आदर्शों, नारी-पुरुष समानता, धर्म और लोककल्याण की भावना को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम है। यह पर्व मध्यप्रदेश की “राममय संस्कृति” और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक बन गया है।
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श्रीराम पथ गमन के नौ प्रमुख स्थलों चित्रकूट, अमरकंटक, नर्मदापुरम्, मैहर, कटनी, पन्ना, उमरिया, शहडोल और सतना में यह दीपोत्सव पर्व मनाया गया। अमरकंटक के रामघाट और नर्मदापुरम् के सेठानी घाट पर 51,000 दीपों से नर्मदा तट जगमगा उठा। चित्रकूट के राघव प्रयाग घाट पर 1,11,111 दीप और पंचवटी घाट पर 20,000 दीपों की प्रकाशमालाओं ने घाटों को स्वर्णिम आभा से भर दिया। प्रत्येक स्थल पर सायंकालीन महाआरती और भक्ति संगीत संध्या का आयोजन हुआ। सागर के “विभोर इंडियन फ्यूजन बैंड” और बालाघाट की मुस्कान चौरसिया ने चित्रकूट में, जबकि मनीष अग्रवाल ने अमरकंटक में भक्ति गीतों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मैहर में आल्हा तलैया घाट पर 51,000 दीपों के साथ सागर की साक्षी पटेरिया और उनके साथियों ने भक्ति प्रस्तुति दी। वहीं नर्मदापुरम् के सेठानी घाट पर भोपाल के “दीप म्यूजिकल ग्रुप” ने श्रीराम भजनों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
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कटनी के कटायेघाट पर 15,000 दीपों की आरती के साथ नमन तिवारी और उनके साथियों ने लोकभजनों से भक्ति रस बिखेरा। पन्ना के धरमसागर तालाब पर 11,000 दीपों के साथ वेदिका मिश्रा ने मनमोहक भजनों की प्रस्तुति दी। उमरिया के सगरा मंदिर में 31,000 दीपों से परिसर आलोकित हुआ, जहां सत्यम आरख और दल ने श्रद्धापूर्ण गायन किया। वहीं शहडोल के सीतामढ़ी (गंधिया) स्थल पर 11,000 दीप प्रज्वलित कर श्रीराम और माता सीता की महाआरती की गई, जिसमें बबली यादव और उनके साथी कलाकारों ने भक्ति संगीत से वातावरण को मंगलमय बना दिया।
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श्रीराम पथ गमन के नौ प्रमुख स्थलों चित्रकूट, अमरकंटक, नर्मदापुरम्, मैहर, कटनी, पन्ना, उमरिया, शहडोल और सतना में यह दीपोत्सव पर्व मनाया गया। अमरकंटक के रामघाट और नर्मदापुरम् के सेठानी घाट पर 51,000 दीपों से नर्मदा तट जगमगा उठा। चित्रकूट के राघव प्रयाग घाट पर 1,11,111 दीप और पंचवटी घाट पर 20,000 दीपों की प्रकाशमालाओं ने घाटों को स्वर्णिम आभा से भर दिया। प्रत्येक स्थल पर सायंकालीन महाआरती और भक्ति संगीत संध्या का आयोजन हुआ। सागर के “विभोर इंडियन फ्यूजन बैंड” और बालाघाट की मुस्कान चौरसिया ने चित्रकूट में, जबकि मनीष अग्रवाल ने अमरकंटक में भक्ति गीतों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मैहर में आल्हा तलैया घाट पर 51,000 दीपों के साथ सागर की साक्षी पटेरिया और उनके साथियों ने भक्ति प्रस्तुति दी। वहीं नर्मदापुरम् के सेठानी घाट पर भोपाल के “दीप म्यूजिकल ग्रुप” ने श्रीराम भजनों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
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