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MP News:प्रदेश में अब अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन से होगी बकाया बिजली बिल वसूली
Mon, 23 Sep 2024 08:00 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Mon, 23 Sep 2024 08:00 PM IST
सार
बिजली कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल ने इस संबंध में कंपनी कार्यक्षेत्र के सभी 16 जिलों के कलेक्टरों को पत्र लिखकर शासकीय विभाग में कार्यरत सेवकों से राशि जमा करने का आग्रह किया था। इसके बाद कलेक्टरों ने भी जिले के सभी विभाग प्रमुखों को पत्र लिखकर इस बात की आवश्यकता बताई थी।
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बिजली का बिल।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अब सरकारी विभागों में पदस्थ अधिकारियों कर्मचारियों से बकाया बिल वसूली अभियान तेज कर दिया है। इसके लिए कंपनी ने अलग-अलग विभागों में पदस्थ अधिकारी कर्मचारियों को चिन्हित किया है, जिन पर बिजली बिल के 10 हजार रुपये से अधिक बकाया हैं। इन सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों को सात दिन के अंदर बिजली बिल बकाया भरना होगा। बिल जमा नहीं होने की स्थिति में इन सभी बकायादार कर्मचारियों की सूची विभाग प्रमुख और कोषालय को भेजी जा रही है। कंपनी ने कहा है कि बकाया बिजली बिल जमा नहीं करने पर इन बकायदारों को अगले महीने वेतन नहीं मिलेगा। बिजली कंपनी ने पहले चरण में विभिन्न सरकारी कार्यालयों में पदस्थ 500 से ज्यादा अधिकारी कर्मचारियों को टारगेट किया है, जिन पर बिजली कंपनी का एक करोड़ रुपये से अधिक बकाया है।
बता दें कि बिजली कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल ने इस संबंध में कंपनी कार्यक्षेत्र के सभी 16 जिलों के कलेक्टरों को पत्र लिखकर शासकीय विभाग में कार्यरत सेवकों से राशि जमा करने का आग्रह किया था। इसके बाद कलेक्टरों ने भी जिले के सभी विभाग प्रमुखों को पत्र लिखकर इस बात की आवश्यकता बताई थी। पत्र में कहा था कि जिले के विभिन्न शासकीय विभाग में कार्यरत अनेक शासकीय सेवक, नियमित, संविदा, बाह्य स्रोत आदि द्वारा अपने बिजली बिल का नियमित भुगतान नहीं किया जाता है। ऐसे कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए बिजली कंपनी के प्रबंध संचालक ने पत्र लिखा था। कलेक्टर ने पत्र के माध्यम से विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए कि अपने-अपने कार्य क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को वेतन मानदेय आदि भुगतान किया जाता है, उनके विरुद्ध बिजली बिल भुगतान समय पर नहीं करने पर उचित कार्रवाई करें। कंपनी ने कहा है कि इनमें से कई कर्मचारियों के ऊपर लाखों रुपये का बिल बकाया है।
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बता दें कि बिजली कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल ने इस संबंध में कंपनी कार्यक्षेत्र के सभी 16 जिलों के कलेक्टरों को पत्र लिखकर शासकीय विभाग में कार्यरत सेवकों से राशि जमा करने का आग्रह किया था। इसके बाद कलेक्टरों ने भी जिले के सभी विभाग प्रमुखों को पत्र लिखकर इस बात की आवश्यकता बताई थी। पत्र में कहा था कि जिले के विभिन्न शासकीय विभाग में कार्यरत अनेक शासकीय सेवक, नियमित, संविदा, बाह्य स्रोत आदि द्वारा अपने बिजली बिल का नियमित भुगतान नहीं किया जाता है। ऐसे कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए बिजली कंपनी के प्रबंध संचालक ने पत्र लिखा था। कलेक्टर ने पत्र के माध्यम से विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए कि अपने-अपने कार्य क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को वेतन मानदेय आदि भुगतान किया जाता है, उनके विरुद्ध बिजली बिल भुगतान समय पर नहीं करने पर उचित कार्रवाई करें। कंपनी ने कहा है कि इनमें से कई कर्मचारियों के ऊपर लाखों रुपये का बिल बकाया है।
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