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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News: Nagar and Gram Nivesh Amendment Bill 2025 passed, government will give 50 percent land instead of com

MP News: नगर और ग्राम निवेश संशोधन विधेयक 2025 पारित, जमीन के बदले मुआवजा नहीं 50 फीसदी भूखंड देगी सरकार

Tue, 25 Mar 2025 06:09 AM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश Published by: आनंद पवार Updated Tue, 25 Mar 2025 06:09 AM IST
सार

मध्य प्रदेश में अब सरकारी प्रोजेक्ट्स के लिए भूमि अधिग्रहण की बजाय लैंड पूलिंग का तरीका अपनाया जाएगा। विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन सोमवार को सरकार ने इस संबंध में कानून में बदलाव का विधेयक पेश किया, जिसे पारित कर दिया गया। इसके तहत, अब भूमि मालिकों को मुआवजा देने के बजाय 50 फीसदी विकसित भूमि या भूखंड दिए जाएंगे, जिससे परियोजनाओं की गति तेज होगी और जमीन मालिकों को भी फायदा होगा। सरकार ने गुजरात के मॉडल को अपनाते हुए यह निर्णय लिया है, जिससे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। 

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MP News: Nagar and Gram Nivesh Amendment Bill 2025 passed, government will give 50 percent land instead of com
मध्य प्रदेश विधानसभा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश सरकार ने सोमवार को विधानसभा में भूमि अधिग्रहण से संबंधित नए विधेयक को पेश किया, जिसे पारित कर दिया गया। इस विधेयक में संशोधन के तहत, अब भूमि अधिग्रहण की बजाय लैंड पूलिंग सिस्टम को लागू किया जाएगा। इसके मुताबिक, सरकारी प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन अधिग्रहण करने के बजाय, सरकार भूमि मालिकों को 50 फीसदी विकसित जमीन देगी, जो प्रोजेक्ट के पास होगी। इस बदलाव से परियोजनाओं के लिए भूमि मिलने की प्रक्रिया तेज होगी और भूमि मालिकों को मुआवजे के बजाय विकसित भूमि प्राप्त होगी, जो समय के साथ अपनी कीमत बढ़ा लेगी। इस विधेयक के प्रावधान सिंचित कृषि भूमि और सिंहस्थ मेला क्षेत्र उज्जैन के अधिग्रहण पर लागू नहीं होगे। 
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भू अर्जन 40 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर  
विपक्ष ने सदन से लेकर सड़क तक विधेयक का विरोध करने की बात कही। पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन ने कहा कि किसानों की जमीनें हड़पने के लिए संशोधन विधेयक लाया गया है। हमारी शंकाओं का समाधान नहीं हुआ तो सदन से सड़क तक विरोध होगा। वन क्षेत्र की 37 लाख हेक्टेयर जमीन सरकार लेना चाहती है। कांग्रेस विधायकों ने संशोधन विधेयक पर किसानों को नुकसान की आशंका जताई। निवेश के लिए किसानों की जमीन औने-पौने दाम पर जबरन अधिग्रहण की आशंका जताई। इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब देते हुए कहा कि भू अर्जन पर मुआवजा नहीं सीधे जमीन विकसित कर राशि दी जाएगी। विपक्ष गलत आशंका का जाहिर कर रहा है। भू अर्जन छोटे-मोटे निवेश के लिए नहीं होगा। भू अर्जन 40 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर निवेश प्रस्ताव आने पर ही होगा।
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अधिक लागत वाले प्रोजेक्ट पर लागू होगा 
इस कानून से विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) जैसी संस्थाओं का एकाधिकार खत्म कर दिया जाएगा। अब सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और हाउसिंग प्रोजेक्ट्स पर सभी सरकारी विभाग काम कर सकेंगे। हालांकि, 500 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले प्रोजेक्ट्स पर यह नया प्रावधान लागू होगा। सरकार ने इस विधेयक में गुजरात के भूमि अधिग्रहण फॉर्मूले को अपनाने का निर्णय लिया है। इसमें परियोजना क्षेत्र को विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण घोषित कर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, जैसा कि महाराष्ट्र में भी लागू है। इसके तहत, संबंधित प्राधिकरण को एक योजना तैयार करनी होगी और राज्य शासन से अनुमति लेनी होगी।
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विकास कार्यों में आएगी तेजी 
इसका फायदा यह होगा कि अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होगी और प्रोजेक्टों की मंजूरी में कोई विलंब नहीं होगा। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग 17 महीने के भीतर इन प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देगा। अंततः यह कदम न केवल सरकारी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण को आसान बनाएगा, बल्कि भूमि मालिकों के लिए भी एक बेहतर अवसर प्रदान करेगा, क्योंकि उन्हें अब मुआवजा के बजाय जमीन का डेवलपमेंट मिलेगा, जिससे उनकी संपत्ति की कीमत बढ़ेगी।
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