MP News: मऊगंज में बवाल के बाद बड़ा फेरबदल, कलेक्टर-एसपी को हटाया, अब संजय जैन और दिलीप सोनी को कमान
सरकार ने मऊगंज जिले में हिंसा के बाद कलेक्टर अजय श्रीवास्तव और एसपी रसना ठाकुर को हटा दिया है। संजय कुमार जैन को कलेक्टर और दिलीप सोनी को जिले का नया पुलिस अधीक्षक (एसपी) नियुक्त किया गया है।
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मऊगंज में एएसआई और एक युवक की मौत और जमकर हुए बवाल के बाद राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। जिले के कलेक्टर अजय श्रीवास्तव और पुलिस अधीक्षक (एसपी) रसना ठाकुर को हटा दिया है। 2012 बैच के अधिकारी अजय श्रीवास्वत को मंत्रालय में लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग का उप सचिव पदस्थ किया गया है। वहीं, अब जिले का नया कलेक्टर 2015 बैच के संजय कुमार जैन को बनाया गया है। वह अभी मध्य प्रदेश लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग के उप सचिव के पद पर कार्यरत थे। इसके अलावा, 2012 बैच की आईपीएस और जिले की एसपी रसना ठाकुर को भोपाल पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है। वहीं, उनकी जगह उज्जैन आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) के पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी को जिले के नए एसपी के रूप में पदस्थ किया गया है।
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दरअसल, मऊगंज में हुई हिंसा में दो लोगों की मौत के बाद जिले और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल है। इस घटना के बाद से सामाजिक संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। यह घटना मऊगंज के गढवा गांव की है, जहां दो महीने पहले एक सड़क हादसे में अशोक नाम के व्यक्ति की मौत हो गई थी। उसके परिजनों ने इसे एक साजिश करार देते हुए हत्या का आरोप सनी द्विवेदी नाम के युवक पर लगाया था। इसके बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत भी की थी। 15 मार्च को अशोक के परिजनों ने सनी को बंधक बना लिया और उसके साथ बुरी तरह मारपीट की। आरोप है कि सनी को करंट लगाया गया और बेरहमी से पीटा गया, जिससे उसकी मौत हो गई। अशोक आदिवासी समुदाय से था, जबकि सनी ब्राह्मण समुदाय से था। दोनों पक्षों के बीच इस घटना के बाद तनाव बढ़ गया।
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घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस का एक दल मौके पर पहुंचा, लेकिन वह सनी को छुड़ाने में असफल रहा। इसके बाद जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन आदिवासी पक्ष ने उन पर हमला कर दिया। इस हमले में एएसआई और तहसीलदार समेत 10 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए। अब इस घटना के खिलाफ जिले और आसपास के इलाकों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। वहीं, विधानसभा में विपक्ष भी इस घटना को लेकर सरकार से कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सवाल उठा रहा है।
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