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MP News: MP कांग्रेस में अंदरूनी कलह जारी, पार्टी के नेता ने लिखा शिकायती पत्र, कहा- 20 सीट भी नहीं जीत पाएंगे

Thu, 13 Jun 2024 11:00 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल Published by: दिनेश शर्मा Updated Thu, 13 Jun 2024 11:00 PM IST
सार

मध्य प्रदेश कांग्रेस में युवा नेतृत्व को सीनियर नेता स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। उन पर लगातार आरोप लगा रहे हैं। अब मध्य प्रदेश की स्थिति पर केंद्रीय नेतृत्व को पत्र लिखा गया है। पत्र में चेतावनी दी है कि अगर इन पदाधिकारियों को नहीं हटाया गया तो कांग्रेस प्रदेश में 20 सीट भी नहीं जीत पाएगी।

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MP News: Internal strife continues in Madhya Pradesh Congress, party leader wrote a complaint letter
मप्र कांग्रेस में सीनियर नेताओं को युवाओं का नेतृत्व रास नहीं आ रहा है। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्य प्रदेश कांग्रेस में विधानसभा और लोकसभा चुनाव हारने के बाद भी कांग्रेस में अंदरूनी कलह कम होने का नाम नहीं ले रही है। पहले सीनियर नेताओं के पास जिम्मेदारी थी तो कोई कुछ भी बोलने से बचते रहता था, लेकिन जब से जीतू पटवारी को प्रदेश का अध्यक्ष और उमंग सिंघार को नेता प्रतिपक्ष बनाया गया, तब से विरोधभरे सुर लगातार उठ रहे हैं। भोपाल के एक नेता ने कांग्रेस की दयनीय स्थिति को देखते हुए आलाकमान को पत्र लिखा है। 
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आलाकमान को पत्र लिख बताई स्थिति और लगाए आरोप
मध्यप्रदेश कांग्रेस नेता और पूर्व कांग्रेस प्रवक्ता अमिताभ अग्निहोत्री ने कांग्रेस आलाकमान को एक पत्र के माध्यम से प्रदेश कांग्रेस की दयनीय स्थिति से अवगत कराया और कई आरोप लगाए। अमिताभ अग्निहोत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नाम लिखे पत्र में कहा है कि मध्य प्रदेश में निष्ठावान, कर्मठ, जनता से जुड़ाव रखने वाले नेताओं की उपेक्षा की जाती है एवं मध्य प्रदेश में कांग्रेस में पुत्रवाद, परिवारवाद, पट्टावाद, पूंजीवाद एवं चापलूसवाद को तवज्जो दिया जाता है।
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अग्निहोत्री ने आगे लिखा है कि मध्य प्रदेश में वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को लगभग 40 प्रतिशत मत प्राप्त हुए थे, जो वर्तमान लोकसभा चुनाव में घटकर लगभग 32 प्रतिशत रह गए। यह 8 प्रतिशत वोट की गिरावट कांग्रेस के वोट प्रतिशत में कैसे आ गई? यह चिंता का विषय है। वर्तमान में बहुत ही चिंता का विषय यह है कि लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस को मध्य प्रदेश की पूरी 29 सीटों में भारी पराजय का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के लगभग 11 लोकसभा प्रत्याशी 4 लाख के भारी मतों से पराजित हुए। कांग्रेस के 66 विधायकों के विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस को लगभग 50 विधायकों के क्षेत्र में हार का सामना करना पड़ा।
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अपना क्षेत्र भी नहीं बचा पाए प्रदेश अध्यक्ष 
अमिताभ अग्निहोत्री ने जीतू पटवारी को लेकर कहा है कि मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी का स्वयं के गृह क्षेत्र इंदौर शहर में ही प्रभाव नहीं है। जिन अक्षय कांति बम को मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर लोकसभा चुनाव का प्रत्याशी बनवाया, वह लोकसभा चुनाव के पहले ही भाजपा के खेमे में चले गए। इसके परिणामस्वरूप इंदौर लोकसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी को लगभग 11 लाख मतों से विजयश्री प्राप्त हुई। जीतू पटवारी की अभिमानपूर्वक कार्यशैली के कारण कई प्रभावशाली नेता कांग्रेस छोड़कर चले गए। कांग्रेस के नेताओं को पलायन से रोकने के लिए डेमैज कंट्रोल कमेटी नहीं बनाई गई एवं कांग्रेस नेताओं के पलायन को रोकने के लिए कोई गंभीर प्रयास भी नहीं किए गए।

पटवारी ने कहा- घोटाले को मुद्दा बनाने से नहीं मिलते वोट
अमिताभ अग्निहोत्री ने आगे लिखा कि मैंने मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी से निवेदन किया था कि कांग्रेस को नर्सिंग घोटाला, आयुष्मान अस्पताल घोटाला, कोरोना काल घोटाला, रेमडेसिविर इंजेक्शन घोटाला को मध्य प्रदेश के प्रत्येक शहर एवं जिले में युवक कांग्रेस एनएसयूआई के माध्यम से उठाना चाहिए, जिससे लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को लाभ मिलेगा। जिस पर जीतू पटवारी ने जवाब दिया कि घोटाले को मुद्दा बनाने से वोट नहीं मिलते।
मध्य प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व की ओर से लोकसभा चुनाव के समय यह बयान दिए जाते रहे कि अब प्रदेश कांग्रेस में युवा नेतृत्व को महत्व दिया जाएगा। पुरानी पत्तियां झड़ गईं, अब नई पत्तियों को मौका दिया जाएगा। इन बयानों से वर्षों पुराने कांग्रेस कार्यकर्ता नाराज़ होकर निष्क्रिय हो गए एवं वर्तमान प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व, युवा नौजवान कार्यकर्ताओं को कांग्रेस से जोड़ नहीं पाया। 


नेतृत्व नहीं बदला तो आगे के चुनाव में भी मिलेगी हार
अग्निहोत्री ने पत्र में आगे लिखा कि लोकसभा चुनाव के समय ही प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व द्वारा यह कहा गया कि हमारे सामने वर्ष 2028 का विधानसभा चुनाव एवं वर्ष 2029 का लोकसभा चुनाव है, जिसके लिए हमारी भविष्य में नई कार्ययोजना होगी। मेरा मानना है कि मध्य प्रदेश में अगर जीतू पटवारी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहेंगे एवं उमंग सिंघार नेता प्रतिपक्ष रहेंगे, तो वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 20 से अधिक सीट पर विजयी नहीं होगी एवं वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस मध्य प्रदेश में एक भी लोकसभा सीट नहीं जीत पाएगी।
 
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