{"_id":"67750988c393ff3e46004af5","slug":"mp-news-indefinite-protest-begins-against-removal-of-ban-on-fcra-registration-of-sambhavna-trust-clinic-2025-01-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: संभावना ट्रस्ट क्लिनिक के विदेशी चंदे पर लगी रोक हटाने की मांग, बेमुद्दत धरना प्रदर्शन शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: संभावना ट्रस्ट क्लिनिक के विदेशी चंदे पर लगी रोक हटाने की मांग, बेमुद्दत धरना प्रदर्शन शुरू
Wed, 01 Jan 2025 02:53 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 01 Jan 2025 02:53 PM IST
सार
गैस पीड़ितों के लिए मुफ्त इलाज की सुविधा देने वाला संभावना ट्रस्ट क्लिनिक के कर्मचारी और लाभार्थी 1 जनवरी से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। उनकी मांग संभावना ट्रस्ट के एफसीआरए रजिस्ट्रेशन पर लगी पाबंदी को हटाना है।
विज्ञापन
संभावना ट्रस्ट का अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन आज से शुरू
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
यूनियन कार्बाइड जहर पीड़ित इलाज अधिकार मोर्चा के सदस्यों ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। भोपाल गैस पीड़ितों को मुफ्त इलाज उपलब्ध कराने वाला संभावना ट्रस्ट क्लिनिक के कर्मचारी और लाभार्थियों ने धरना प्रदर्शन किया। उनकी केंद्रीय गृह मंत्रालय से मांग है कि संभावना ट्रस्ट क्लिनिक पर एफसीआरए (फॉरेन कॉन्ट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट) रजिस्ट्रेशन पर लगी पाबंदी को तुरंत हटाया जाए।
विज्ञापन
दरअसलख् 2019 में केंद्र सरकार ने एफसीआरए (फॉरेन कॉन्ट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट) के पोर्टल पर एनुअल ऑडिट रिपोर्ट अपलोड नहीं करने को लेकर इस ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया था। जबकि ट्रस्ट के पदाधिकारियों का कहना है कि उन्होंने रिपोर्ट सबमिट की थी, लेकिन तकनीकी कारण से रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने रिपोर्ट उपलब्ध कराई, लेकिन उसे मान्य नहीं किया गया। इसके बाद नियमानुसार तीन साल बाद दोबारा संभावना ट्रस्ट क्लिनिक के नाम से एफसीआरए रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया गया, लेकिन 2020-21 में किया आवेदन पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। अभी भी वह लंबित बता रहा है।
विज्ञापन
संभावना ट्रस्ट क्लिनिक बाफना कॉलोनी बैरसिया रोड के कर्मचारी और धरना प्रदर्शन के संयोजक बीजू नायर ने बताया कि ट्रस्ट को देश और विदेश से गैस पीड़ितों के इलाज के लिए सहयोग करते थे, लेकिन रजिस्ट्रेशन कैंसिल होने से अब ट्रस्ट पर आर्थिक संकट आ गया है। ट्रस्ट को विदेशी फंड की प्राप्ति नहीं हो पा रही है। अब मजबूरी में क्लिनिक बंद करने की स्थिति है। गैस पीडितों के मुफ्त इलाज पर प्रतिवर्ष साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च होता है। विदेशों से आर्थिक सहयोग बंद होने से पीड़ितों के इलाज में गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। 37 हजार रजिस्टर्ड गैस पीड़ितों के इलाज पर संकट मंडरा रहा है।
विज्ञापन
बता दें, संभावना ट्रस्ट के क्लिनिक में 51 कर्मचारी कार्यरत हैं और रोजाना 100 से ज्यादा गैस पीड़ित मरीज इलाज के लिए आते हैं। पैसों की कमी के कारण डॉक्टरों और कर्मचारियों की संख्या में कटौती की जा चुकी है। वर्तमान में क्लिनिक में 37 हजार गैस पीड़ित पंजीकृत हैं, जिनका मुफ्त इलाज ट्रस्ट करता है।
