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MP News: भारतीय ज्ञान परंपरा...पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ,CM बोले-यूनिवर्सिटी देश के बाहर भी साख बनाएं
Tue, 27 Feb 2024 02:01 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Tue, 27 Feb 2024 02:01 PM IST
सार
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 अंतर्गत भारतीय ज्ञान परंपरा विविध संदर्भ विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का राज्यपाल मंगू भाई पटेल और मुख्यमंत्रीडॉ. मोहन यादव ने शुभारंभ किया।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भोपाल के शासकीय सरोजनी नायडू स्नात्तकोत्तर विश्वविद्यालय में मंगलवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 अंतर्गत भारतीय ज्ञान परंपरा विविध संदर्भ विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का राज्यपाल मंगू भाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुभारंभ किया। तुलसी का पौधा और अंग वस्त्र भेंट अतिथिगणों का स्वागत किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल मंगू भाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगल क्लिक के माध्यम से 860 करोड़ 82 लाख रुपये की लागत से सरोजिनी नायडू कन्या स्नातकोत्तर भोपाल का विस्तारीकरण एवं नवीनीकरण और 617 करोड़ 82 लाख रुपए की लागत से शासकीय महाविद्यालय सिराली हरदा के नवीन भवन का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि धीरे-धीरे हमारी उच्च शिक्षा नीति लगभग चौथे वर्ष में प्रवेश कर रही है, उसे नाते से आने वाले समय में भारतीय ज्ञान की कई सारी विधाओं को अलग-अलग सब्जेक्ट के माध्यम से, विद्वानों को लेकर के उच्च शिक्षा विभाग ठोस कदम उठाए। आगामी शैक्षणिक सत्र में इसकी अत्यंत आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात का संतोष है कि विभाग अच्छे से दक्षता के साथ काम कर रहा है। यहां पर हमने इस बात को भी रेखांकित किया है कि विश्वविद्यालय, भारत के बाहर भी शिक्षा के मामले में अपनी साख बनाए।
सीएम ने कहा कि विभाग की जो आवश्यकता होगी, जो भी जरूरतें होगी शासन उनके साथ खड़ा है। उच्च शिक्षा विभाग के जिनको खास करके शासकीय विश्वविद्यालय की श्रेणी में लिया गया। शासकीय विश्वविद्यालय के शैक्षणिक जगत के अंदर जो जो कठिनाइयां है उसको भी पूरा करने का सरकार ने निर्णय किया है। हमारे कुलपति भी अब कुलगुरु कहलाए जाने लगे हैं। मुझे इस बात का संतोष है कि उच्च शिक्षा विभाग लगातार अपनी साख बनता जा रहा है। मेरी अपनी ओर से बधाई।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि धीरे-धीरे हमारी उच्च शिक्षा नीति लगभग चौथे वर्ष में प्रवेश कर रही है, उसे नाते से आने वाले समय में भारतीय ज्ञान की कई सारी विधाओं को अलग-अलग सब्जेक्ट के माध्यम से, विद्वानों को लेकर के उच्च शिक्षा विभाग ठोस कदम उठाए। आगामी शैक्षणिक सत्र में इसकी अत्यंत आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात का संतोष है कि विभाग अच्छे से दक्षता के साथ काम कर रहा है। यहां पर हमने इस बात को भी रेखांकित किया है कि विश्वविद्यालय, भारत के बाहर भी शिक्षा के मामले में अपनी साख बनाए।
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सीएम ने कहा कि विभाग की जो आवश्यकता होगी, जो भी जरूरतें होगी शासन उनके साथ खड़ा है। उच्च शिक्षा विभाग के जिनको खास करके शासकीय विश्वविद्यालय की श्रेणी में लिया गया। शासकीय विश्वविद्यालय के शैक्षणिक जगत के अंदर जो जो कठिनाइयां है उसको भी पूरा करने का सरकार ने निर्णय किया है। हमारे कुलपति भी अब कुलगुरु कहलाए जाने लगे हैं। मुझे इस बात का संतोष है कि उच्च शिक्षा विभाग लगातार अपनी साख बनता जा रहा है। मेरी अपनी ओर से बधाई।
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