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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News: IFS Meet and Forestry Conference inaugurated, CM said – the joy of being in the company of nature is

MP News: IFS मीट एवं वानिकी सम्मेलन का शुभारंभ, सीएम बोले-प्रकृति के सानिध्य का सुख सबसे अलग

Fri, 30 Jan 2026 07:26 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Fri, 30 Jan 2026 07:26 PM IST
सार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आईएफएस मीट-2026 में वन विभाग की सराहना की और कहा कि वन्य जीव और ग्रामीणों के बीच सह-अस्तित्व बनाए रखना वनकर्मियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों की पुनर्स्थापना और अन्य संरक्षण प्रयासों को सफल बताया।

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MP News: IFS Meet and Forestry Conference inaugurated, CM said – the joy of being in the company of nature is
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के वन विभाग की सराहना करते हुए कहा कि वन्य जीव और स्थानीय समुदाय के बीच सह-अस्तित्व की भावना विकसित करने में वनकर्मियों की भूमिका अहम है। उन्होंने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों की पुनर्स्थापना और चंबल में घड़ियाल तथा नर्मदा नदी में मगरमच्छों को स्वच्छंद विचरण के लिए छोड़ने के अनुभव को अद्भुत बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विभाग की दक्षता और समर्पण के कारण ही वन्य जीवों का संरक्षण संभव हो पाया है। राज्य सरकार असम से वन्य जीवों को लाने की भी योजना बना रही है। प्रदेश की जल संरचनाओं और प्राकृतिक संसाधनों की भूमिका वन्य जीव संरक्षण में महत्वपूर्ण है।
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डॉ. यादव शुक्रवार को आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में आयोजित वानिकी सम्मेलन एवं आईएफएस मीट-2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने वन विभाग के आईएफएस थीम सांग और वीडियो का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में भारतीय वन सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी और पूर्व पीसीसीएफ डॉ. पी.बी. गंगोपाध्याय को उनके वन संरक्षण योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड-2026 प्रदान किया गया।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि आईएएस, आईपीएस और अब आईएफएस मीट जैसे आयोजन अधिकारियों के बीच अनुभव साझा करने और ज्ञान बढ़ाने का अवसर हैं। भारतीय संस्कृति में वनों के साथ विशेष संबंध है और वानप्रस्थ आश्रम में वनों की महत्ता को समझने का संदेश मिलता है। उन्होंने यह भी बताया कि वन अधिकारी और कर्मचारी जंगलों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों के सहयोगी और मार्गदर्शक भी हैं। वन ग्रामों में सभी आवश्यक सुविधाओं का ध्यान रखा जाता है। वन्य जीव संरक्षण के लिए राष्ट्रीय अभयारण्यों में कोर एरिया और बफर जोन के बीच तारफेंसिंग शुरू की गई है, जिससे वन्य जीव और ग्रामीण दोनों सुरक्षित रहेंगे।

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प्रधान मुख्य वन संरक्षक वीएन अंबाडे ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई अविरल नर्मदा योजना के अंतर्गत नर्मदा बेसिन में 5,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में पौध-रोपण और नदी पुनर्भरण कार्य किया जा रहा है। विभाग द्वारा प्रति वर्ष 5 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया जाता है। रातापानी अभयारण्य को टाइगर रिजर्व घोषित किया गया है। मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के वन हमारी राष्ट्रीय धरोहर हैं और उनका संरक्षण सभी के सहयोग से ही संभव है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री के साथ भारतीय वन सेवा के अधिकारियों का ग्रुप फोटो भी खिंचवाया।
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