{"_id":"63c81add43fedc2b842a2cbd","slug":"mp-news-general-secretary-of-vhp-s-national-organization-said-we-are-hindu-today-because-of-the-sacrifice-a-2023-01-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: विहिप के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बोले- हम SC\/ST के त्याग और बलिदान के कारण आज हिंदू हैं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: विहिप के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बोले- हम SC/ST के त्याग और बलिदान के कारण आज हिंदू हैं
Wed, 18 Jan 2023 09:49 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 18 Jan 2023 09:49 PM IST
सार
उन्होंने कहा कि जिनको हम अनुसूचित जाति और जनजाति कहते है, उनके त्याग और बलिदान के कारण हिंदू के नाते आज हम जिंदा है। उन्होंने इस्लाम धर्म स्वीकार नहीं किया और अपना धर्म नहीं छोड़ा। हमको उनको प्रणाम करना चाहिए और सम्मान देना चाहिए।
विज्ञापन
विहिप के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री विनायक राव देशपांडे
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
विश्व हिंदू परिषद भोपाल समरसता विभाग ने समरस्ता गोष्ठी का श्यामला हिल्स मानस भवन में आयोजन किया गया। इसमें विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री विनायक राव देशपांडे ने अपने उद्बोधन में बताया कि मुगल काल से पहले किसी भी ऐतिहासिक धार्मिक ग्रंथ या पुस्तक में जातिवादी व्यवस्था का वर्णन नहीं मिलता यह उल्लेख स्वयं डॉ भीमराव अंबेडकर ने भी अपनी पुस्तक में किया है। उन्होंने बताया कि वैदिक काल में सभी हिंदू समान थे तथा सभी अपनी योग्यता और पुरुषार्थ से दूसरे वर्ग को धारण कर सकते थे।
उन्होंने कहा कि चौदहवीं शताब्दी से पूर्व हिंदू धर्म में रात्रि कालीन विवाह, बाल विवाह, घूंघट प्रथा, सती प्रथा, छुआछूत आदि अनेक विकृतियां कहीं भी नहीं थी। उन्होंने कहा कि जिनको हम अनुसूचित जाति और जनजाति कहते है, उनके त्याग और बदलिदान के कारण हिंदू के नाते आज हम जिंदा है। उन्होंने इस्लाम धर्म स्वीकार नहीं किया और अपना धर्म नहीं छोड़ा। हमको उनको प्रणाम करना चाहिए और सम्मान देना चाहिए।
देशपांडे ने कहा कि पहले घरों में शौचालय नहीं थे। सभी बाहर जाते थे। सफाई की कोई जरूरत ही नहीं थी। मुसलमान महिलाएं घूंघट में रहती थी। सम्राट पृथ्वीराज चौहान के हारने के बाद हमारा हारने का सिलसिला शुरू हो गया। लाखों की संख्या में हिंदुओं को जबरदस्ती मुसलमान बनाया गया और लाखों की संख्या में हिंदुओं को गुलाम बनाया। इसमें पुरुष और महिला दोनों गुलाम बनें। महिलाएं सभी घूंघट में आ गई। इससे गांवों में गंदगी बढ़ने लगी और घर में ही शौचालय बनाने पड़े। उनकी गंदगी को साफ करने के लिए इस्लाम कबूल करने से इंकार करने वाले हिंदुओं को लाया गया। उनसे कहा गया कि या तो इस्लाम कबूल करो या हमारे घर का मैला साफ करो। हमारे रणबाकुरों ने मैला उठाना स्वीकार किया, लेकिन अपना धर्म नहीं बदला।
विज्ञापन
उन्होंने भारत के संत समाजसेवी आग्रह किया कि संत समाज आदिवासी वनवासी एवं अनुसूचित जाति ग्रामों में जाकर प्रवास करें इसी के माध्यम से सभी जाति एवं पंतो को हिंदू जीवन मूल्य एवं संस्कृति से जोड़ने का कार्य किया जा सकता है। भविष्य में विश्व हिंदू परिषद का लक्ष्य है प्रत्येक हिंदू जाति एक सरोवर से पानी भरेगा और पिएगा संपूर्ण हिंदू समाज का एक श्मशानघाट हो। सभी हिंदू मंदिरों में सभी जाति पंथ का प्रवेश हो इसको बहुत जल्द विश्व हिंदू परिषद पूरा करेगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि चौदहवीं शताब्दी से पूर्व हिंदू धर्म में रात्रि कालीन विवाह, बाल विवाह, घूंघट प्रथा, सती प्रथा, छुआछूत आदि अनेक विकृतियां कहीं भी नहीं थी। उन्होंने कहा कि जिनको हम अनुसूचित जाति और जनजाति कहते है, उनके त्याग और बदलिदान के कारण हिंदू के नाते आज हम जिंदा है। उन्होंने इस्लाम धर्म स्वीकार नहीं किया और अपना धर्म नहीं छोड़ा। हमको उनको प्रणाम करना चाहिए और सम्मान देना चाहिए।
विज्ञापन
देशपांडे ने कहा कि पहले घरों में शौचालय नहीं थे। सभी बाहर जाते थे। सफाई की कोई जरूरत ही नहीं थी। मुसलमान महिलाएं घूंघट में रहती थी। सम्राट पृथ्वीराज चौहान के हारने के बाद हमारा हारने का सिलसिला शुरू हो गया। लाखों की संख्या में हिंदुओं को जबरदस्ती मुसलमान बनाया गया और लाखों की संख्या में हिंदुओं को गुलाम बनाया। इसमें पुरुष और महिला दोनों गुलाम बनें। महिलाएं सभी घूंघट में आ गई। इससे गांवों में गंदगी बढ़ने लगी और घर में ही शौचालय बनाने पड़े। उनकी गंदगी को साफ करने के लिए इस्लाम कबूल करने से इंकार करने वाले हिंदुओं को लाया गया। उनसे कहा गया कि या तो इस्लाम कबूल करो या हमारे घर का मैला साफ करो। हमारे रणबाकुरों ने मैला उठाना स्वीकार किया, लेकिन अपना धर्म नहीं बदला।
विज्ञापन
उन्होंने भारत के संत समाजसेवी आग्रह किया कि संत समाज आदिवासी वनवासी एवं अनुसूचित जाति ग्रामों में जाकर प्रवास करें इसी के माध्यम से सभी जाति एवं पंतो को हिंदू जीवन मूल्य एवं संस्कृति से जोड़ने का कार्य किया जा सकता है। भविष्य में विश्व हिंदू परिषद का लक्ष्य है प्रत्येक हिंदू जाति एक सरोवर से पानी भरेगा और पिएगा संपूर्ण हिंदू समाज का एक श्मशानघाट हो। सभी हिंदू मंदिरों में सभी जाति पंथ का प्रवेश हो इसको बहुत जल्द विश्व हिंदू परिषद पूरा करेगा।
