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Cough Syrup: मृतक बच्चों के परिजनों को 4-4 लाख की आर्थिक सहायता, डिप्टी सीएम बोले-दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
Sat, 04 Oct 2025 06:33 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sat, 04 Oct 2025 06:33 PM IST
सार
छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ सिरप पीने के बाद 11 बच्चों की मौत के मामले में सीएम डॉ. मोहन यादव सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। सिरप पर एमपी में बैन लगा दिया है। साथ ही मृतक बच्चों को चार-चार लाख रुपए की सहायता राशि देने के निर्देश दिए हैं। वहीं, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि दोषियों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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छिंदवाड़ा में कफ सिरप से बच्चों की मौत।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश में सिरप पीने से 11 बच्चों की मौत के बाद सरकार ने जांच रिपोर्ट के बाद कंपनी की सभी दवाएं एमपी में बैन कर दी हैं। साथ ही राज्य सरकार ने प्रभवित परिवारों को चार-चार लाख रुपए की सहायता राशि देने के निर्देश दिए है। साथ ही भर्ती बच्चों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि राज्य सरकार जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। औषधियों की गुणवत्ता से कोई समझौता स्वीकार्य नहीं है। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इस मामले में कठोर कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ा जाएगा। आमजन को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय औषधियां उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि 26 से 28 सितंबर 2025 तक जिला छिंदवाड़ा में औषधि निरीक्षकों की टीम द्वारा औषधि विक्रय संस्थानों एवं अस्पतालों का संयुक्त निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण में प्राप्त अनियमितताओं पर गंभीरता से संज्ञान लेकर अब तक कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इस दौरान कुल 19 औषधि नमूने एकत्रित कर शासकीय परीक्षण प्रयोगशालाओं को भेजे गए हैं। जनहित को दृष्टिगत रखते हुए 30 सितंबर 2025 को छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ़ सिरप और नास्ट्रो-डीएस के विक्रय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई गई।
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कारण बताओ सूचना पत्र जारी
30 सितम्बर 2025 को ही इंदौर स्थित आर्क फार्मास्यूटिकल्स के विरुद्ध कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर डिफ्रॉस्ट सिरप बैच नं. 11198 को बाजार से रिकॉल करने के निर्देश दिए गए। औषधि महानियंत्रक (भारत सरकार), नई दिल्ली तथा संबंधित राज्यों हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु के औषधि नियंत्रकों को 1 अक्टूबर 2025 को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा गया। साथ ही जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट और मंडला जिलों के औषधि निरीक्षकों को सम्मिलित कर 1 अक्टूबर 2025 को विशेष जांच दल गठित किया गया।
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एडवाइजरी जारी की गई
सभी औषधि निर्माताओं, औषधि निरीक्षकों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों तथा मेडिकल कॉलेजों के डीन को 1 अक्टूबर 2025 को क्लोर फ़ेनिरामाइन मलेट एवं फ़ेनाइलफ़्रिन एचसीएल के उपयोग के संबंध में एडवाइजरी जारी की गई है। जबलपुर स्थित कटारिया फार्मास्यूटिकल्स पर कार्रवाई करते हुए 2 अक्टूबर 2025 को कोल्ड्रिफ सिरप की 66 बोतलों में से 50 बोतलें बिक्री के लिए रोक दी गई और 16 बोतलों का नमूना परीक्षण हेतु संकलित किया गया है।
ये भी पढ़ें- कफ सिरप कांड: 11 बच्चों की मौत से हड़कंप, MP सरकार जांच में उलझी तो राजस्थान के मंत्री ने माताओं को बताया दोषी
इस मामले में सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश
तमिलनाडु औषधि नियंत्रक कार्यालय से कोल्ड्रिफ सिरप(बैच नं. एसआर-13, Mfg. Dt. 05/2025) को अवमानक घोषित किए जाने की सूचना 4 अक्टूबर को प्राप्त हुई। इस सूचना के आधार पर मध्यप्रदेश में इसके विक्रय और वितरण पर 4 अक्टूबर को तत्काल रोक लगा दी गई है। साथ ही कंपनी की सभी दवाएं एमपी में बैन कर दी हैं। औषधि निरीक्षक छिंदवाड़ा और जबलपुर को इस प्रकरण में आगामी कठोर कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया है।
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कारण बताओ सूचना पत्र जारी
30 सितम्बर 2025 को ही इंदौर स्थित आर्क फार्मास्यूटिकल्स के विरुद्ध कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर डिफ्रॉस्ट सिरप बैच नं. 11198 को बाजार से रिकॉल करने के निर्देश दिए गए। औषधि महानियंत्रक (भारत सरकार), नई दिल्ली तथा संबंधित राज्यों हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु के औषधि नियंत्रकों को 1 अक्टूबर 2025 को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा गया। साथ ही जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट और मंडला जिलों के औषधि निरीक्षकों को सम्मिलित कर 1 अक्टूबर 2025 को विशेष जांच दल गठित किया गया।
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एडवाइजरी जारी की गई
सभी औषधि निर्माताओं, औषधि निरीक्षकों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों तथा मेडिकल कॉलेजों के डीन को 1 अक्टूबर 2025 को क्लोर फ़ेनिरामाइन मलेट एवं फ़ेनाइलफ़्रिन एचसीएल के उपयोग के संबंध में एडवाइजरी जारी की गई है। जबलपुर स्थित कटारिया फार्मास्यूटिकल्स पर कार्रवाई करते हुए 2 अक्टूबर 2025 को कोल्ड्रिफ सिरप की 66 बोतलों में से 50 बोतलें बिक्री के लिए रोक दी गई और 16 बोतलों का नमूना परीक्षण हेतु संकलित किया गया है।
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इस मामले में सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश
तमिलनाडु औषधि नियंत्रक कार्यालय से कोल्ड्रिफ सिरप(बैच नं. एसआर-13, Mfg. Dt. 05/2025) को अवमानक घोषित किए जाने की सूचना 4 अक्टूबर को प्राप्त हुई। इस सूचना के आधार पर मध्यप्रदेश में इसके विक्रय और वितरण पर 4 अक्टूबर को तत्काल रोक लगा दी गई है। साथ ही कंपनी की सभी दवाएं एमपी में बैन कर दी हैं। औषधि निरीक्षक छिंदवाड़ा और जबलपुर को इस प्रकरण में आगामी कठोर कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया है।
