फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News: Demand to terminate the contractual service of Sushma Rani Shukla, accused in fake recruitment case i

MP News: आजीविका मिशन में फर्जी भर्ती मामले में आरोपी सुषमा रानी शुक्ला की संविदा सेवा समाप्त करने की मांग

Fri, 04 Apr 2025 09:42 AM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश Published by: आनंद पवार Updated Fri, 04 Apr 2025 09:42 AM IST
सार

मध्यप्रदेश आजीविका मिशन के राज्य कार्यालय में कार्यरत राज्य परियोजना प्रबंधक सुषमा रानी शुक्ला की संविदा सेवा को तत्काल समाप्त करने की मांग उठी है। पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने इस संबंध में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है। 

विज्ञापन
MP News: Demand to terminate the contractual service of Sushma Rani Shukla, accused in fake recruitment case i
सुषमा रानी शुक्ला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश आजीविका मिशन के राज्य कार्यालय में संविदा पर कार्यरत राज्य परियोजना प्रबंधक सुषमा रानी शुक्ला की संविदा सेवा तत्काल समाप्त करने की मांग की गई है। पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने पंखयत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में लिखा कि आर्थिक अपराध  EOW द्वारा दर्ज एफआईआर और तीन आईएएस अधिकारियों की जांच में दोषी पाए जाने के बावजूद अब तक सुषमा रानी शुक्ला की सेवा समाप्त न किए जाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विज्ञापन


तीन आईएएस अधिकारियों की जांच में दोषी करार
सुषमा रानी शुक्ला की फर्जी भर्ती के मामले में वर्ष 2022 में आईएएस अधिकारी नेहा मारव्या द्वारा जांच की गई थी, जिसमें वह दोषी पाई गई थीं। इसके बाद तत्कालीन अपर मुख्य सचिव मलय श्रीवास्तव द्वारा विकास आयुक्त कार्यालय से कराई गई जांच में भी उन पर दोष सिद्ध हुआ। हाल ही में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने भी इस मामले की जांच कर उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।
विज्ञापन


संविदा नियमों के अनुसार कार्रवाई की मांग
मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश दिनांक 5 जून 2018 के तहत भ्रष्टाचार एवं अनियमितता में दोषी संविदा कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने का प्रावधान है। राज्य में 100 से अधिक संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों को इस नियम के तहत सेवा से हटाया भी जा चुका है। बावजूद इसके, तीन आईएएस अधिकारियों की जांच और EOW की एफआईआर के बावजूद सुषमा रानी शुक्ला की सेवा जारी रहने को लेकर विभाग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


विभाग पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप
इस मामले में दीपक जोशी ने कहा कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बाद भी दोषी कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं की जा रही है, तो यह भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को बढ़ावा देने जैसा होगा। अतः पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से सुषमा रानी शुक्ला की संविदा सेवा तत्काल समाप्त करने की मांग की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed