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MP News: भोपाल में आतंकी हमले के विरोध में लगे विवादित पोस्टर, लिखा- अब तो नाम पूछना ही पड़ेगा
Thu, 01 May 2025 08:44 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 01 May 2025 08:44 AM IST
सार
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा लगाए गए विवादास्पद पोस्टरों से सियासत गरमा गई है।
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भोपाल में लगा पोस्टर
- फोटो : भोपाल में लगा पोस्टर
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विस्तार
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के विरोध में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा लगाए गए पोस्टरों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। शहर के विभिन्न इलाकों में लगे इन बैनरों पर लिखा है-"अब तो नाम पूछना ही पड़ेगा, बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए आदत डालिए नाम पूछने की। इन पोस्टरों में पहलगाम हमले के दौरान मारे गए विनय नरवाल और उनकी पत्नी की तस्वीर का इस्तेमाल भी किया गया है। यह वही तस्वीर है जिसमें गोली लगने के बाद नरवाल की पत्नी उनके पास बैठी दिखाई दी थी, जिसने देशभर को झकझोर दिया था।
हमले में आतंकियों ने यात्रियों से उनका धर्म पूछकर हमला किया और वे लोग निशाना बने जो 'कलमा' नहीं पढ़ सके। इसी घटनाक्रम के बाद भोपाल में इन संगठनों ने अपनी प्रतिक्रिया पोस्टरों और बैनरों के माध्यम से दर्ज कराई है। बता दें, पहलगाम हमले के विरोध में 26 अप्रैल को भोपाल बंद का भी आह्वान किया गया था। आधे दिन तक अधिकांश बाजार बंद रहे और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। केवल आवश्यक सेवाएं ही चालू थीं।
पहले भी लग चुके है पोस्टर
यह पहला मौका नहीं है जब इस तरह के संदेशों वाले पोस्टर लगाए गए हों। इससे पहले दिवाली के दौरान भी एक विवादित पोस्टर सामने आया था, जिसमें हिंदू समाज से अपील की गई थी कि त्योहार का सामान केवल हिन्दू दुकानदारों से ही खरीदें। भोपाल में लगे नए पोस्टरों को लेकर सियासी चर्चा भी तेज हो गई है। कुछ लोग इसे समाज में विभाजन पैदा करने वाला बता रहे हैं, वहीं हिंदू संगठनों का कहना है कि यह आत्मरक्षा और जागरूकता की अपील है।
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हमले में आतंकियों ने यात्रियों से उनका धर्म पूछकर हमला किया और वे लोग निशाना बने जो 'कलमा' नहीं पढ़ सके। इसी घटनाक्रम के बाद भोपाल में इन संगठनों ने अपनी प्रतिक्रिया पोस्टरों और बैनरों के माध्यम से दर्ज कराई है। बता दें, पहलगाम हमले के विरोध में 26 अप्रैल को भोपाल बंद का भी आह्वान किया गया था। आधे दिन तक अधिकांश बाजार बंद रहे और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। केवल आवश्यक सेवाएं ही चालू थीं।
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पहले भी लग चुके है पोस्टर
यह पहला मौका नहीं है जब इस तरह के संदेशों वाले पोस्टर लगाए गए हों। इससे पहले दिवाली के दौरान भी एक विवादित पोस्टर सामने आया था, जिसमें हिंदू समाज से अपील की गई थी कि त्योहार का सामान केवल हिन्दू दुकानदारों से ही खरीदें। भोपाल में लगे नए पोस्टरों को लेकर सियासी चर्चा भी तेज हो गई है। कुछ लोग इसे समाज में विभाजन पैदा करने वाला बता रहे हैं, वहीं हिंदू संगठनों का कहना है कि यह आत्मरक्षा और जागरूकता की अपील है।
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