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MP News: दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे सीएम मोहन, अतिवृष्टि राहत की समीक्षा; बोले- बीमारी फैलने न दें
Sun, 23 Aug 2026 09:18 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Sun, 23 Aug 2026 09:18 PM IST
सार
मुख्यमंत्री मोहन यादव रविवार को रीवा पहुंचे और अतिवृष्टि से प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने, बीमारी रोकने और फसल नुकसान का तत्काल सर्वे कराने के निर्देश दिए।
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सीएम रीवा में अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री मोहन यादव रविवार को नई दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे। उन्होंने रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ अतिवृष्टि से बने हालात और राहत कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने रीवा के गुलाब नगर में जलभराव वाले क्षेत्र का निरीक्षण भी किया। साथ ही उन्होंने कहा कि फसल नुकसान का तत्काल सर्वे करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन इलाकों में अभी भी बाढ़ का पानी है, वहां राहत शिविरों का बेहतर संचालन किया जाए। शिविरों में पर्याप्त भोजन, पीने का पानी और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रहे। जिन लोगों का घर या खाने-पीने का सामान नष्ट हुआ है, उन्हें आरबीसी 6 (4) के तहत तत्काल सहायता दी जाए। उन्होंने राहत शिविरों में साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। बाढ़ का पानी उतर चुके क्षेत्रों में भी प्रशासन की टीमें तुरंत पहुंचें। सभी जल स्रोतों और हैंडपंपों में ब्लीचिंग पाउडर से क्लोरीनेशन कराया जाए। प्रभावित गांवों और नगरीय वार्डों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं।
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बुखार-जुकाम को भी गंभीरता से लें
सीएम ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ के बाद बीमारी फैलने की आशंका को देखते हुए बुखार, सर्दी-जुकाम जैसे मामलों को भी गंभीरता से लिया जाए। किसी भी स्थिति में महामारी जैसी स्थिति नहीं बननी चाहिए। प्रभावित गांवों में बिजली व्यवस्था तत्काल बहाल करने के निर्देश दिए गए। पशु चिकित्सा विभाग की टीमें भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भेजने को कहा गया। मृत पशुओं का वैज्ञानिक तरीके से निपटारा किया जाए। गौशालाओं में चारा और पानी की पर्याप्त व्यवस्था हो।
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फसल नुकसान का तत्काल सर्वे
मुख्यमंत्री ने फसल क्षति की सूचना मिलते ही सर्वे कराने के निर्देश दिए। शुरुआती अवस्था में बोई गई फसल नष्ट होने पर किसानों को बीज आदि उपलब्ध कराने को कहा। राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, पशुपालन और कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी फील्ड में रहकर काम करें। प्रभावित क्षेत्रों में अलग-अलग टीमें भेजने के निर्देश दिए गए।
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24 से 27 अगस्त तक सतर्कता
मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते दो दिनों से बारिश थमने के बाद अधिकांश लोग राहत शिविरों से घर लौट चुके हैं। जिनके घर क्षतिग्रस्त हुए हैं या जनहानि-पशुहानि हुई है, उन्हें नियमानुसार मुआवजा और सहायता दी जाएगी। 24 से 27 अगस्त के बीच संभावित बारिश को देखते हुए प्रभावित जिलों में निगरानी और राहत-बचाव की तैयारियां बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस साल प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 20 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
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बुखार-जुकाम को भी गंभीरता से लें
सीएम ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ के बाद बीमारी फैलने की आशंका को देखते हुए बुखार, सर्दी-जुकाम जैसे मामलों को भी गंभीरता से लिया जाए। किसी भी स्थिति में महामारी जैसी स्थिति नहीं बननी चाहिए। प्रभावित गांवों में बिजली व्यवस्था तत्काल बहाल करने के निर्देश दिए गए। पशु चिकित्सा विभाग की टीमें भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भेजने को कहा गया। मृत पशुओं का वैज्ञानिक तरीके से निपटारा किया जाए। गौशालाओं में चारा और पानी की पर्याप्त व्यवस्था हो।
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फसल नुकसान का तत्काल सर्वे
मुख्यमंत्री ने फसल क्षति की सूचना मिलते ही सर्वे कराने के निर्देश दिए। शुरुआती अवस्था में बोई गई फसल नष्ट होने पर किसानों को बीज आदि उपलब्ध कराने को कहा। राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, पशुपालन और कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी फील्ड में रहकर काम करें। प्रभावित क्षेत्रों में अलग-अलग टीमें भेजने के निर्देश दिए गए।
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24 से 27 अगस्त तक सतर्कता
मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते दो दिनों से बारिश थमने के बाद अधिकांश लोग राहत शिविरों से घर लौट चुके हैं। जिनके घर क्षतिग्रस्त हुए हैं या जनहानि-पशुहानि हुई है, उन्हें नियमानुसार मुआवजा और सहायता दी जाएगी। 24 से 27 अगस्त के बीच संभावित बारिश को देखते हुए प्रभावित जिलों में निगरानी और राहत-बचाव की तैयारियां बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस साल प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 20 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
