फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News: CM Dr. Yadav said - Industrial investment will take huge shape amidst cultural heritage and tribal he

MP News: सीएम डॉ. यादव बोले- सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय धरोहर के बीच विशाल आकार लेगा औद्योगिक निवेश

Sat, 08 Feb 2025 06:38 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश Published by: आनंद पवार Updated Sat, 08 Feb 2025 06:38 PM IST
सार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश एक ऐसा राज्य है, जहां विकास की संभावनाएं और पारंपरिक धरोहर समान रूप से फल-फूल रही हैं। पहली बार भोपाल में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट इस बात का प्रमाण है कि मध्यपप्रदेश निवेशकों के लिए एक नए केंद्र के रूप में उभर रहा है।

विज्ञापन
MP News: CM Dr. Yadav said - Industrial investment will take huge shape amidst cultural heritage and tribal he
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी भोपाल में पहली बार 24-25 फरवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) होने जा रही है। इसको लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार राजधानी भोपाल में आयोजित हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट केवल निवेश और व्यापार के अवसरों का मंच ही नहीं, बल्कि यह आयोजन मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और औद्योगिक क्षमता को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का एक ऐतिहासिक अवसर है। इस समिट का राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में आयोजन इसका महत्व एवं प्रभाव को और अधिक बढ़ाता है। जीआईएस का आयोजन स्थल भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय परंपराओं का जीवंत उदाहरण है। जब दुनिया भर के उद्योगपति, नीति-निर्माता और निवेशक इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे, तो वे मध्यप्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं के साथ यहां की सांस्कृतिक आत्मा को भी महसूस कर सकेंगे।
विज्ञापन


निवेशकों के लिये सजीव उदाहरण बनेगा मानव संग्रहालय
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश एक ऐसा राज्य है, जहां विकास की संभावनाएं और पारंपरिक धरोहर समान रूप से फल-फूल रही हैं। पहली बार भोपाल में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट इस बात का प्रमाण है कि मध्यपप्रदेश निवेशकों के लिए एक नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। राष्ट्रीय मानव संग्रहालय इस सोच का सजीव उदाहरण है कि कैसे मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक जड़ों को संरक्षित रखते हुए औद्योगिक प्रगति की ओर बढ़ रहा है। यह केवल एक संग्रहालय नहीं, बल्कि एक जीवंत मंच है, जहां जनजातीय समुदाय स्वयं अपनी परंपराओं को प्रस्तुत करते हैं, उनके जीवन के पहलुओं को दर्शाया जाता है, और उनके इतिहास को संरक्षित किया जाता है। यहां 35 से अधिक जनजातीय समुदायों की प्रामाणिक झोपड़ियां, पारंपरिक शिल्प और जीवनशैली इस संग्रहालय को विश्वस्तरीय पहचान देते हैं।
विज्ञापन


पर्यटन और हस्तशिल्प में भी निवेश को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक निवेश के साथ जोड़कर एक नया मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। इस समिट के दौरान निवेशकों को न केवल प्रदेश की औद्योगिक नीति और अधोसंरचना विकास की जानकारी मिलेगी, बल्कि वे देखेंगे कि किस प्रकार मध्यप्रदेश अपनी पारंपरिक संपदा को आर्थिक संभावनाओं से जोड़ रहा है। वैश्विक निवेशक अब केवल उद्योगों में ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पर्यटन और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में भी निवेश के लिए मध्यप्रदेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


निवेशक कर सकेंगे ऐतिहासिक परंपराओं का अनुभव
भोपाल में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को राष्ट्रीय मानव संग्रहालय जैसे विशेष स्थल पर आयोजित करना यह दर्शाता है कि मध्यप्रदेश केवल उद्योगों और व्यापार के लिए नहीं, बल्कि सांस्कृतिक नवाचार और पर्यटन के लिए भी वैश्विक आकर्षण का केंद्र बन चुका है। यह आयोजन निवेशकों को न केवल नए व्यापारिक अवसरों से परिचित कराएगा, बल्कि उन्हें प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परंपराओं का अनुभव भी कराएगा।

सतत विकास के साथ सांस्कृतिक पुनर्जागरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब निवेशक राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के परिवेश में इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे, तो वे देखेंगे कि किस तरह प्रदेश ने अपनी ऐतिहासिक धरोहर को जीवंत रखा है और उसे आधुनिक विकास से जोड़ा है। मध्यप्रदेश की यह सोच इसे अन्य राज्यों से अलग बनाती है, जहां निवेश केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण और सतत विकास का माध्यम भी है।


औद्योगिक निवेश के सांस्कृतिक और पर्यटन में खुलेंगे नये अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल में आयोजित यह समिट मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित करेगी। यह आयोजन न केवल औद्योगिक निवेश को गति देगा, बल्कि सांस्कृतिक और पर्यटन क्षेत्रों में भी नए अवसर खोलेगा, जिससे मध्यप्रदेश का बहुआयामी विकास सुनिश्चित होगा। इस ऐतिहासिक आयोजन से प्रदेश की वैश्विक पहचान और अधिक सशक्त होगी, जिससे न केवल उद्योग बल्कि सांस्कृतिक और रचनात्मक क्षेत्रों में भी नए अवसर सृजित होंगे।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed