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MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज संबल योजना के तहत 600 करोड़ रुपये की राशि करेंगे वितरित
Wed, 30 Apr 2025 07:55 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 30 Apr 2025 07:55 AM IST
सार
मध्यप्रदेश के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक बड़ी सौगात के रूप में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को धार जिले के उमरबन में संबल योजना के अंतर्गत अनुग्रह सहायता के 27,523 प्रकरणों में 600 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक से वितरित करेंगे।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक बड़ी सौगात के रूप में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को धार जिले के उमरबन में संबल योजना के तहत अनुग्रह सहायता के 27,523 प्रकरणों में कुल 600 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से वितरित करेंगे। इस अवसर पर श्रम एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना प्रदेश के असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना है। योजना के अंतर्गत: दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपये, सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रुपये, स्थायी अपंगता पर 2 लाख रुपये, आंशिक स्थायी अपंगता पर 1 लाख रुपये एवं अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5,000 रुपये प्रदान किए जाते हैं। महिला श्रमिकों को प्रसूति सहायता के रूप में 16,000 रुपये और श्रमिकों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए महाविद्यालय शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत शिक्षण शुल्क की पूरी राशि राज्य सरकार वहन करती है।
गिग एवं प्लेटफॉर्म वर्कर्स को भी मिला लाभ
नीति आयोग की पहल पर राज्य सरकार ने गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स (जैसे ऑनलाइन डिलीवरी एजेंट्स आदि) को भी संबल योजना में शामिल कर उनका पंजीयन प्रारंभ किया है। इन्हें भी योजना के सभी लाभ मिल रहे हैं। संबल हितग्राहियों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची भी प्रदान की जाती है, जिसके माध्यम से वे केंद्र और राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर राशन प्राप्त करते हैं।
5 लाख रुपए तक का निशुल्क इलाज
योजना के तहत श्रमिकों को जन्म से लेकर मृत्यु तक आर्थिक सहायता सुनिश्चित की गई है। निर्माण श्रमिकों के लिए मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के माध्यम से कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें मृत्यु, स्थायी अपंगता और आंशिक अपंगता की स्थिति में सहायता दी जाती है।
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सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत - निरामयम योजना में पात्र मानते हुए शामिल किया गया है, जिसके अंतर्गत वे प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क चिकित्सा सेवा प्राप्त कर रहे हैं।
1 करोड़ 75 लाख से अधिक श्रमिक योजना में है रजिस्ट्रर
अब तक प्रदेश में 1 करोड़ 75 लाख से अधिक श्रमिकों का संबल योजना में पंजीयन हो चुका है और यह प्रक्रिया निरंतर जारी है। वर्ष 2018 से अब तक 6 लाख 81 हजार से अधिक प्रकरणों में लगभग 6,432 करोड़ रुपये के हितलाभ वितरित किए जा चुके हैं।
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गिग एवं प्लेटफॉर्म वर्कर्स को भी मिला लाभ
नीति आयोग की पहल पर राज्य सरकार ने गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स (जैसे ऑनलाइन डिलीवरी एजेंट्स आदि) को भी संबल योजना में शामिल कर उनका पंजीयन प्रारंभ किया है। इन्हें भी योजना के सभी लाभ मिल रहे हैं। संबल हितग्राहियों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची भी प्रदान की जाती है, जिसके माध्यम से वे केंद्र और राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर राशन प्राप्त करते हैं।
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5 लाख रुपए तक का निशुल्क इलाज
योजना के तहत श्रमिकों को जन्म से लेकर मृत्यु तक आर्थिक सहायता सुनिश्चित की गई है। निर्माण श्रमिकों के लिए मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के माध्यम से कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें मृत्यु, स्थायी अपंगता और आंशिक अपंगता की स्थिति में सहायता दी जाती है।
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सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत - निरामयम योजना में पात्र मानते हुए शामिल किया गया है, जिसके अंतर्गत वे प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क चिकित्सा सेवा प्राप्त कर रहे हैं।
1 करोड़ 75 लाख से अधिक श्रमिक योजना में है रजिस्ट्रर
अब तक प्रदेश में 1 करोड़ 75 लाख से अधिक श्रमिकों का संबल योजना में पंजीयन हो चुका है और यह प्रक्रिया निरंतर जारी है। वर्ष 2018 से अब तक 6 लाख 81 हजार से अधिक प्रकरणों में लगभग 6,432 करोड़ रुपये के हितलाभ वितरित किए जा चुके हैं।
