फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News: Chandra Mohan Notiyal said - Science-rich cinema empowers the country and the people

MP News: चंद्र मोहन नोटियाल बोले- विज्ञान से भरपूर सिनेमा देश और लोगों को सशक्त बनाता है

Sat, 21 Jan 2023 09:44 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Sat, 21 Jan 2023 09:44 PM IST
सार

फिल्म महोत्सव के उद्घाटन सत्र के दौरान एक फिल्म - 'रिटर्न ऑफ चीता' दिखाई गई। इस 2.27 मिनट की फिल्म का निर्माण क्रिएटिव चैनल और पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा किया गया है।  

विज्ञापन
MP News: Chandra Mohan Notiyal said - Science-rich cinema empowers the country and the people
भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान फिल्म महोत्सव शुरू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान फिल्म महोत्सव (आईएसएफएफआई) शनिवार को पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद संस्थान भोपाल में शुरू हुआ है। तीन दिवसीय महोत्सव में मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (INSA) में विज्ञान संचार सलाहकार डॉ चंद्र मोहन नौटियाल ने कहा कि विज्ञान से भरपूर सिनेमा समाज की तकनीकी ताकत है और यह देश और इसके लोगों को सशक्त बनाने का एक प्रभावी उपकरण है। नौटियाल "फिल्म्स टू रिफ्लेक्ट इंडियाज इमर्जेंस एज साइंस एंड टेक्नोलॉजी लीडर" विषय पर सभा को संबोधित कर रहे थे। 
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में जी-20 की अध्यक्षता भारत कर रहा है। 2023 के लिए S-20 की थीम 'नवोन्मेषी और सतत् विकास के लिए विघटनकारी विज्ञान' है। पिछले कई वर्षों से, G-20 देशों का समूह जलवायु परिवर्तन शमन और सतत् विकास जैसी अन्य वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने की दिशा में काम कर रहा है। इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए S-20 सहित कई कार्यकारी समूहों की स्थापना की गई है। इंटरनेशनल साइंस फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (ISFFI); भोपाल के मौलाना आज़ाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (MANIT) में चल रहे चार दिवसीय भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (आईआईएसएफ)-2022 का एक प्रमुख घटक है।
विज्ञापन

 
फिल्म महोत्सव के उद्घाटन सत्र के दौरान एक फिल्म - 'रिटर्न ऑफ चीता' दिखाई गई। इस 2.27 मिनट की फिल्म का निर्माण क्रिएटिव चैनल और पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा किया गया है। यह लघु फिल्म खूबसूरती से दर्शाती है कि कैसे भारत में चीतों की वापसी मानव निर्मित पारिस्थितिक दोष को ठीक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नामीबियाई चीतों का भारत आना विश्व में एक ऐतिहासिक घटना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
कोविड-19 महामारी के दौरान भारत के लचीलेपन का उल्लेख करते हुए, डॉ. सीएम नौटियाल ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी की ताकत और लोगों को बीमारी के बारे में शिक्षित करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने जी-20 और एस-20 पहलों के महत्व के बारे में भी बताया। डॉ. नौटियाल ने कहा, एस-20 विज्ञान में सहयोग के लिए शुरू की गई पहल है। किसी भी राष्ट्र को महाशक्ति बनाने के लिए संचार के माध्यम से एस-20 कार्यक्रमों में वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं की भागीदारी बहुत आवश्यक है। इन विकासात्मक कार्यक्रमों को संचार के कई चैनलों द्वारा समर्थित किया जाता है, और ऐसे कुशल माध्यमों में से एक फिल्म और सिनेमा है।
 
डॉ नौटियाल ने कहा, “चूंकि फिल्म और सिनेमा को बड़े पैमाने पर लोगों द्वारा आसानी से समझा जा सकता है, खासकर अनपढ़ लोगों द्वारा भी इसे समझा जा सकता है। इसीलिए, फिल्मों का उपयोग मानव सभ्यता में विज्ञान और उसके विभिन्न पहलुओं और भूमिकाओं को चित्रित करने के लिए प्रभावी माध्यम के रूप में किया जा सकता है। यह छात्रों और युवाओं जैसे आला दर्शकों को लक्षित करके परिवर्तनकारी प्रभाव छोड़ने में सक्षम है। भारत में, विज्ञान प्रसार द्वारा लगभग 4000 विज्ञान फिल्में पहले ही बनायी जा चुकी हैं और दर्शकों के लिए उपलब्ध करायी जा चुकी हैं। कुछ अन्य संस्थान जैसे डीडी, एनसीएसटीसी (डीएसटी) और कुछ निजी चैनल भी विज्ञान फिल्म बनाने की दुनिया में मुख्य खिलाड़ी हैं।”
 
डॉ नौटियाल ने कहा, पश्चिमी सिनेमा, जो पहले से ही साइंस फिक्शन शैलियों में समृद्ध था, ने जुरासिक पार्क, इंटरस्टेलर, ग्रेविटी, स्टार वार्स जैसी फिल्मों का निर्माण किया, और अपने दर्शकों के लिए एक पूरी तरह से अलग दुनिया बनायी। वहीं, ‘मिस्टर एक्स इन बॉम्बे’, ‘कोई मिल गया’, ‘क्रिश’ और ‘द्रोणा’ जैसी फिल्मों ने साइंस फिक्शन लीग में भारतीय सिनेमा का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने कहा, “विज्ञान और प्रौद्योगिकी, कुल मिलाकर एक राष्ट्र की नियति को नियंत्रित करते हैं, और अंततः राष्ट्र के औद्योगीकरण और तकनीकी उद्भव को आकार देने में मदद करते हैं।”

 
आईएसएफएफआई-2022 के समन्वयक और विज्ञान प्रसार के वरिष्ठ वैज्ञानिक निमिष कपूर ने बताया है कि “विज्ञान फिल्मोत्सव के अंतर्गत विज्ञान, प्रौद्योगिकी और शोध तथा विकास से जुड़े विविध विषयों पर चार श्रेणियों में फिल्म प्रविष्टियां आमंत्रित की गई थीं। प्राप्त 437 प्रविष्टियों में से 61भारतीय और 33 विदेशी फिल्मों को समारोह के लिए नामांकित किया गया है। भारत, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, रूस, कनाडा, इज़राइल, फिलीपींस, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया सहित अन्य देशों की पुरस्कृत विज्ञान फिल्मों की विशेष स्क्रीनिंग फिल्मोत्सव में की जाएगी। फिल्म महोत्सव में किसी प्रकार का शुल्क नहीं रखा गया है। 21 से 23 जनवरी 2023 के दौरान इन फिल्मों की स्क्रीनिंग में बच्चों और छात्रों समेत हर आयु वर्ग के लोग आकर फिल्में देख सकते हैं।” 

 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed