{"_id":"6890f58dc5757174e70fb527","slug":"mp-news-big-cities-of-madhya-pradesh-will-get-the-status-of-metropolitan-region-development-will-get-a-new-d-2025-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: मध्य प्रदेश के बड़े शहरों को मिलेगा मेट्रोपॉलिटन रीजन का दर्जा, विकास को मिलेगा नया आयाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: मध्य प्रदेश के बड़े शहरों को मिलेगा मेट्रोपॉलिटन रीजन का दर्जा, विकास को मिलेगा नया आयाम
Tue, 05 Aug 2025 07:54 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Tue, 05 Aug 2025 07:54 AM IST
सार
प्रदेश सरकार ने 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों को ‘मेट्रोपॉलिटन रीजन’ का दर्जा देने की नई पहल की है। इसी उद्देश्य से विधानसभा में "मध्य प्रदेश महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास विधेयक 2025" प्रस्तुत किया गया है। इस विधेयक के तहत भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों को एक नए शहरी ढांचे के अंतर्गत विकसित किया जाएगा। इन शहरों के सुनियोजित विकास के लिए विशेष मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री करेंगे।
विज्ञापन
मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव
- फोटो : X (@DrMohanYadav51)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश सरकार ने एक बड़ी पहल करते हुए 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों को मेट्रोपॉलिटन रीजन का दर्जा देने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। सोमवार को विधानसभा में "मध्य प्रदेश महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास विधेयक 2025" पेश किया गया। इस विधेयक पर मंगलवार को चर्चा की जाएगी। विधेयक के लागू होते ही भोपाल और इंदौर जैसे प्रमुख शहरों को नए शहरी ढांचे के तहत विकसित किया जाएगा। इन शहरों के लिए मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री करेंगे। भोपाल के लिए सीमांकन का सर्वे कार्य जारी है, जबकि इंदौर में यह प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। प्रस्तावित प्राधिकरण में विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव, आयुक्त, नगरीय विकास, राजस्व, परिवहन, ऊर्जा, पर्यावरण जैसे विभागों के प्रतिनिधि, साथ ही मेट्रो, रेलवे, दूरसंचार, नगर निगम और अन्य स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
विकास को मिलेगा नया ढांचा
प्राधिकरण का कार्यक्षेत्र मेट्रोपॉलिटन एरिया होगा, जहां वह भूमि उपयोग, अधोसंरचना, परिवहन, ऊर्जा, जल, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि विषयों पर योजनाएं तैयार करेगा। इसके दायरे में नगरीय निकायों की विकास योजनाओं की निगरानी, टाउनशिप योजना का निर्माण, भूमि अधिग्रहण एवं आवंटन, तथा निवेश की संभावनाएं तलाशना शामिल रहेगा।
ये भी पढ़ें- Bhopal: सुप्रीम कोर्ट में मध्य प्रदेश OBC आरक्षण की सुनवाई टली, अगली सुनवाई 12 अगस्त को,OBC छात्रों की याचिका
विज्ञापन
एकीकृत परिवहन प्रणाली का गठन
प्राधिकरण द्वारा मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी का गठन किया जाएगा, जो संबंधित शहरों में परिवहन नेटवर्क के विकास, संचालन, टिकटिंग प्रणाली और परिवहन संबंधी नीतिगत सलाह के लिए कार्य करेगी।
योजना समिति और विकास अधिकार
प्रत्येक महानगर क्षेत्र में एक योजना समिति बनाई जाएगी, जिसमें क्षेत्रीय सांसद, महापौर और अन्य जनप्रतिनिधि सदस्य होंगे। यह समिति निवेश योजनाओं को अंतिम रूप देगी और दो या अधिक महानगरों को एकीकृत रूप से विकसित करने की रूपरेखा तैयार करेगी।
भूमि उपयोग और शुल्क वसूली का अधिकार
प्राधिकरण को बीडीए (भोपाल विकास प्राधिकरण) या आईडीए (इंदौर विकास प्राधिकरण) की तर्ज पर योजनाएं लागू करने और शुल्क वसूली का अधिकार प्राप्त होगा। इसके तहत दावा-आपत्ति और अधिसूचना की प्रक्रिया भी अनिवार्य रूप से अपनाई जाएगी।
विज्ञापन
विकास को मिलेगा नया ढांचा
प्राधिकरण का कार्यक्षेत्र मेट्रोपॉलिटन एरिया होगा, जहां वह भूमि उपयोग, अधोसंरचना, परिवहन, ऊर्जा, जल, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि विषयों पर योजनाएं तैयार करेगा। इसके दायरे में नगरीय निकायों की विकास योजनाओं की निगरानी, टाउनशिप योजना का निर्माण, भूमि अधिग्रहण एवं आवंटन, तथा निवेश की संभावनाएं तलाशना शामिल रहेगा।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- Bhopal: सुप्रीम कोर्ट में मध्य प्रदेश OBC आरक्षण की सुनवाई टली, अगली सुनवाई 12 अगस्त को,OBC छात्रों की याचिका
विज्ञापन
एकीकृत परिवहन प्रणाली का गठन
प्राधिकरण द्वारा मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी का गठन किया जाएगा, जो संबंधित शहरों में परिवहन नेटवर्क के विकास, संचालन, टिकटिंग प्रणाली और परिवहन संबंधी नीतिगत सलाह के लिए कार्य करेगी।
योजना समिति और विकास अधिकार
प्रत्येक महानगर क्षेत्र में एक योजना समिति बनाई जाएगी, जिसमें क्षेत्रीय सांसद, महापौर और अन्य जनप्रतिनिधि सदस्य होंगे। यह समिति निवेश योजनाओं को अंतिम रूप देगी और दो या अधिक महानगरों को एकीकृत रूप से विकसित करने की रूपरेखा तैयार करेगी।
भूमि उपयोग और शुल्क वसूली का अधिकार
प्राधिकरण को बीडीए (भोपाल विकास प्राधिकरण) या आईडीए (इंदौर विकास प्राधिकरण) की तर्ज पर योजनाएं लागू करने और शुल्क वसूली का अधिकार प्राप्त होगा। इसके तहत दावा-आपत्ति और अधिसूचना की प्रक्रिया भी अनिवार्य रूप से अपनाई जाएगी।
