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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News: 62 leaders left Congress in five years, only seven got lucky, the rest became backbenchers only.

MP News: ज्योतिरादित्य सिंधिया से लेकर इमरती देवी,कांग्रेस छोड़ने वालों का क्या हाल, कुछ के करियर पर लगा ताला

Sun, 18 Feb 2024 02:12 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Sun, 18 Feb 2024 02:12 PM IST
सार

मध्य प्रदेश में कमलनाथ के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने की सुगबुगाहट है। इससे पहले भी ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई बड़े नेता भाजपा में गए हैं। लेकिन, ज्यादातर को इसका कुछ बड़ा लाभ नहीं मिला है। 

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MP News: 62 leaders left Congress in five years, only seven got lucky, the rest became backbenchers only.
एमपी कांग्रेस - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्य प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने की संभावना बताई जा रही है। ऐसे में महत्वपूर्ण है कि उन नेताओं की बात की जाएं, जो पहले कांग्रेस से भाजपा में गए हैं। क्या उन्हें न्याय मिला? इस सियासी अटकलों के बीच मध्य प्रदेश कांग्रेस भड़क गई है। उसकी तरफ से पिछले पांच साल में कांग्रेस छोड़ने वाले 62 नेताओं की सूची जारी की गई है। इसमें दावा किया है कि भाजपा में शामिल सिर्फ सात नेताओं की ही किस्मत चमकी है। शेष पूर्व विधायक, जिलाध्यक्ष राजनीति में हाशिये पर हैं।  
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पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके सांसद बेटे नकुलनाथ के कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होने की अटकलें हैं। दोनों नेता दिल्ली में हैं। चर्चा है कि कमलनाथ और नकुलनाथ रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर सकते हैं। इसके बाद भाजपा में शामिल हो सकते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के कांग्रेस छोड़ने की चर्चाओं के बीच प्रदेश कांग्रेस में खलबली मच गई है। अब पिछले पांच साल में कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं के करियर पर भी चर्चा शुरू हो गई है। पिछले पांच साल में 62 कांग्रेस नेताओं ने पार्टी छोड़ी। इनमें सिर्फ सात नेताओं की ही किस्मत चमकी है। बाकी पूर्व विधायक और जिलाध्यक्ष अब तक बैकबेंचर्स ही बने हुए हैं।   
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इनकी चमकी किस्मत 
मध्य प्रदेश में 2018 में कमलनाथ ने भाजपा के विजय रथ को रोक कर कांग्रेस की सत्ता में वापसी कराई थी। हालांकि, 15 माह की सरकार के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने समर्थक विधायकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इससे कांग्रेस की सरकार गिर गई थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया को भाजपा ने राज्यसभा में भेजा और उनके साथ आए समर्थक विधायकों को प्रदेश सरकार में मंत्री बनाया। सिंधिया केंद्र सरकार में उड्डयन मंत्री है। उनका कद भाजपा में लगातार बढ़ रहा है। उनके समर्थक विधायक तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, प्रद्यूम सिंह तोमर समेत अन्य नेता भाजपा सरकार में मजबूत हुए। 
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55 नेताओं का भविष्य भाजपा में खत्म 
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए 62 में से 55 नेताओं का भविष्य खत्म हो गया या राजनीति के हाशिये पर चले गए। अब वह भाजपा में बैकबैंचर्स की भूमिका में हैं। कांग्रेस के नेताओं का दावा है कि भाजपा उनका उपयोग करने के बाद उनकी राजनीति ही खत्म कर देगी। जानकारों का कहना है कि कांग्रेस अब अपने विधायक और बड़े नेताओं को भाजपा में शामिल होने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है। 


कमलनाथ गए तो होगी कांग्रेस में बड़ी टूट 
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के भाजपा में शामिल होने पर प्रदेश कांग्रेस में बड़ी टूट होने का अनुमान लगाया जा रहा है। दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री के साथ करीब दो दर्जन विधायक और पूर्व विधायक के साथ ही दो महापौर भी कांग्रेस छोड़ सकते हैं। इसमें परासिया से विधायक सोहन वाल्मीकि, सौंसर से विधायक विजय चौरे, जुन्नारदेव से विधायक सुनील उईके, पांढुर्णा से विधायक निलेश उईके, अमरवाड़ा से विधयाक कमलेश शाह, परसवाड़ा से विधायक मधु भगत, चौरई से विधायक सुजीत चौधरी, बैहर से विधायक संजय उईके, मुरैना से विधायक दिनेश गुर्जर, वारासिवनी से विधायक विवेक पटेल और मुरैना और छिंदवाड़ा महापौर के भी कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें हैं।
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