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MP News: भोपाल में बालगृह से 26 बच्चियां गायब, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सीएस से मांगी रिपोर्ट
Sat, 06 Jan 2024 11:47 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sat, 06 Jan 2024 11:47 AM IST
सार
राजधानी भोपाल के बालगृह से 26 बच्चियां गायब हो गई है। इसकी जानकारी राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सीएस वीरा राणा को दी है।
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आंचल चिल्ड्रन होम में 26 बच्चियों गायब
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भोपाल के परवलिया थाना क्षेत्र से संचालित आंचल मिशनरी संस्था के चिल्ड्रन होम के निरीक्षण में 68 में से 26 बच्चियां गायब मिली है। यहां रायसेन, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सीहोर, विदिशा समेत राजस्थान, झारखंड, गुजरात की 41 बच्चियां ही मिली है। गायब बच्चियों को कोई रिकॉर्ड भी नहीं मिला है। खास बात यह है कि बालगृह का रजिस्ट्रेशन भी नहीं है। इस संबंध में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने मुख्य सचिव वीरा राणा को पत्र लिखा है। साथ ही सात दिन में जांच रिपोर्ट मांगी है। इस जिसमें उन्होंने बताया कि बालगृह में इस मामले में परवलिया थाना ने एफआईआर दर्ज की है।
इस मामले में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने चिल्ड्रन होम का निरीक्षण किया। जिसमें जानकारी मिली की यह चिल्ड्रन होम बिना मान्यता और रजिस्ट्रेशन के संचालित किया जा रहा था। यहां पर अनाथ बच्चों को बिना सरकार को जानकारी दिए रखा जा रहा था। आयोग को मिली जानकारी के अनुसार आंचल मिशनरी संस्था में बालिकाओं का मतांतरण करने का शक है। यहां पर कई अव्यवस्थाएं भी मिली है। यहां पर चाइल्ड हेल्प लाइन पर कॉल के बाद बच्चों को रेस्क्यू कर बिना बाल कल्याण समिति के सामने पेश करे चिल्ड्रन होम में रखा गया।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के तारासेवनिया में राज्य बाल आयोग अध्यक्ष व सदस्यों के साथ संयुक्त रूप से एक मिशनरी द्वारा संचालित अवैध बाल गृह का निरीक्षण किया। यहां की संचालक NGO हाल तक सरकारी एजेन्सी की तरह चाइल्ड लाइन पार्ट्नर के रूप में कार्यरत रही है,एवं इसने सरकारी प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हुए जो बच्चे सड़कों से रेस्क्यू किए उनको बग़ैर सरकार को सूचना दिए बिना लाईसेंस चलाए जा रहे स्वयं के इस बाल गृह में गुपचुप ढंग से रख कर उनसे ईसाई धार्मिक प्रैक्टिस करवाई जा रही हैं। 6 साल से 18 साल तक की 40 से ज़्यादा लड़कियों में अधिकांश हिंदू हैं। काफ़ी कठिनाई के बाद पुलिस ने FIR दर्ज की है। दुर्भाग्य से मध्यप्रदेश के महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी ऐसी ही NGO’s से चाइल्ड हेल्पलाइन ठेके पर चलवाना चाहते हैं। मुख्य सचिव को पृथक से नोटिस जारी किया है।
इस मामले में भोपाल ग्रामीण एसपी प्रमोद सिन्हा ने कहा कि किशोर न्याय अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है, रजिस्टर्ड में दर्ज 26 बच्चियां नहीं मिलने की बात सामने आ रही है, जांच के आधार पर धाराएं बढ़ाई जाएगी।
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इस मामले में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने चिल्ड्रन होम का निरीक्षण किया। जिसमें जानकारी मिली की यह चिल्ड्रन होम बिना मान्यता और रजिस्ट्रेशन के संचालित किया जा रहा था। यहां पर अनाथ बच्चों को बिना सरकार को जानकारी दिए रखा जा रहा था। आयोग को मिली जानकारी के अनुसार आंचल मिशनरी संस्था में बालिकाओं का मतांतरण करने का शक है। यहां पर कई अव्यवस्थाएं भी मिली है। यहां पर चाइल्ड हेल्प लाइन पर कॉल के बाद बच्चों को रेस्क्यू कर बिना बाल कल्याण समिति के सामने पेश करे चिल्ड्रन होम में रखा गया।
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कल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के तारासेवनिया में राज्य बाल आयोग अध्यक्ष व सदस्यों के साथ संयुक्त रूप से एक मिशनरी द्वारा संचालित अवैध बाल गृह का निरीक्षण किया।
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यहाँ की संचालक NGO हाल तक सरकारी एजेन्सी की तरह चाइल्ड लाइन पार्ट्नर के रूप में कार्यरत रही है,एवं इसने सरकारी… pic.twitter.com/yVlWt04c90 — प्रियंक कानूनगो Priyank Kanoongo (@KanoongoPriyank) January 5, 2024
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के तारासेवनिया में राज्य बाल आयोग अध्यक्ष व सदस्यों के साथ संयुक्त रूप से एक मिशनरी द्वारा संचालित अवैध बाल गृह का निरीक्षण किया। यहां की संचालक NGO हाल तक सरकारी एजेन्सी की तरह चाइल्ड लाइन पार्ट्नर के रूप में कार्यरत रही है,एवं इसने सरकारी प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हुए जो बच्चे सड़कों से रेस्क्यू किए उनको बग़ैर सरकार को सूचना दिए बिना लाईसेंस चलाए जा रहे स्वयं के इस बाल गृह में गुपचुप ढंग से रख कर उनसे ईसाई धार्मिक प्रैक्टिस करवाई जा रही हैं। 6 साल से 18 साल तक की 40 से ज़्यादा लड़कियों में अधिकांश हिंदू हैं। काफ़ी कठिनाई के बाद पुलिस ने FIR दर्ज की है। दुर्भाग्य से मध्यप्रदेश के महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी ऐसी ही NGO’s से चाइल्ड हेल्पलाइन ठेके पर चलवाना चाहते हैं। मुख्य सचिव को पृथक से नोटिस जारी किया है।
इस मामले में भोपाल ग्रामीण एसपी प्रमोद सिन्हा ने कहा कि किशोर न्याय अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है, रजिस्टर्ड में दर्ज 26 बच्चियां नहीं मिलने की बात सामने आ रही है, जांच के आधार पर धाराएं बढ़ाई जाएगी।
