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MP Mission 2023: संत रविदास के बहाने बीजेपी-कांग्रेस का अनुसूचित जाति वर्ग के वोटरों पर फोकस
Sun, 05 Feb 2023 05:39 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sun, 05 Feb 2023 05:39 PM IST
सार
संत रविदास जयंती के मौके पर बीजेपी और कांग्रेस दोनों के ही नेता एसटी वोटरों को साधने के लिए ग्वालियर-चंबल में संभाग में एकजुट हुए। मध्य प्रदेश में 230 सीटें में से 35 सीटें अनूसचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं। 2018 में इस वर्ग के छिंटकने से बीजेपी के हाथ से सत्ता चली गई। इस वर्ष कांग्रेस ने 18 और बीजेपी ने 17 सीटें जीती थी। जबकि 2013 में बीजेपी के पास 28 सीटें थी।
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बीजेपी कांग्रेस
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विस्तार
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव का काउंन टाउन शुरू हो गया हैं। इसके साथ ही बीजेपी कांग्रेस अनुसूचित जाति वर्ग के वोटरों को साधने में जुट गई हैं। प्रदेश की सत्ता में बैठी बीजेपी ने रविदास जयंती पर विकास यात्रा के बहाने अपना चुनावी अभियान शुरू कर दिया हैं। वहीं, कांग्रेस ने भी संत रविदास की जयंती पर ग्वालियर में बड़ा कार्यक्रम किया।
संत रविदास जयंती के मौके पर बीजेपी और कांग्रेस दोनों के ही नेता एसटी वोटरों को साधने के लिए ग्वालियर-चंबल में संभाग में एकजुट हुए। बीजेपी की तरफ से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, ज्योतिरादित्य सिंधिया कार्यक्रम कर रहे हैं। तो वहीं, कांग्रेस की तरफ से पूर्व सीएम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह समेत तमाम बड़े नेता ग्वालियर पहुंचे।
मध्य प्रदेश में 230 सीटें में से 35 सीटें अनूसचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं। 2003 और 2013 तक अनुसूचित जनजाति वर्ग का साथ मिलने पर बीजेपी सत्ता में काबिज रही, लेकिन 2018 में इस वर्ग के छिंटकने से बीजेपी के हाथ से सत्ता चली गई। इस वर्ष कांग्रेस ने 18 और बीजेपी ने 17 सीटें जीती थी। जबकि 2013 में बीजेपी के पास 28 सीटें थी।
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बीजेपी आदिवासी वर्ग के बाद अनुसूचित जाति वर्ग को अपने साथ लाने के लिए कार्यक्रम बना रही हैं। सरकारी योजनाओं में उनको मिल रहे लाभ का प्रचार प्रसार किया जा रहा हैं। एसटी वर्ग की हितैषी बताने के लिए ही संत रविदास जयंती पर पूरे प्रदेश में विकास यात्राओं का शुभारंभ किया और कार्यक्रम किये गए। वहीं, तीन दिन बाद सागर में संत रविदास महाकुंभ भी बड़ा कार्यक्रम करने जा रही हैं।
वहीं, कांग्रेस ने भी अनुसूचित जाति वर्ग के वोटरो को साधने में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती हैं। यहीं कारण है कि ग्वालियर में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पीसीसी चीफ कमलनाथ शामिल होने पहुंचे। कांग्रेस इस वर्ग को अपने साथ लाने के लिए संपर्क अभियान चला रही हैं।
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संत रविदास जयंती के मौके पर बीजेपी और कांग्रेस दोनों के ही नेता एसटी वोटरों को साधने के लिए ग्वालियर-चंबल में संभाग में एकजुट हुए। बीजेपी की तरफ से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, ज्योतिरादित्य सिंधिया कार्यक्रम कर रहे हैं। तो वहीं, कांग्रेस की तरफ से पूर्व सीएम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह समेत तमाम बड़े नेता ग्वालियर पहुंचे।
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मध्य प्रदेश में 230 सीटें में से 35 सीटें अनूसचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं। 2003 और 2013 तक अनुसूचित जनजाति वर्ग का साथ मिलने पर बीजेपी सत्ता में काबिज रही, लेकिन 2018 में इस वर्ग के छिंटकने से बीजेपी के हाथ से सत्ता चली गई। इस वर्ष कांग्रेस ने 18 और बीजेपी ने 17 सीटें जीती थी। जबकि 2013 में बीजेपी के पास 28 सीटें थी।
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बीजेपी आदिवासी वर्ग के बाद अनुसूचित जाति वर्ग को अपने साथ लाने के लिए कार्यक्रम बना रही हैं। सरकारी योजनाओं में उनको मिल रहे लाभ का प्रचार प्रसार किया जा रहा हैं। एसटी वर्ग की हितैषी बताने के लिए ही संत रविदास जयंती पर पूरे प्रदेश में विकास यात्राओं का शुभारंभ किया और कार्यक्रम किये गए। वहीं, तीन दिन बाद सागर में संत रविदास महाकुंभ भी बड़ा कार्यक्रम करने जा रही हैं।
वहीं, कांग्रेस ने भी अनुसूचित जाति वर्ग के वोटरो को साधने में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती हैं। यहीं कारण है कि ग्वालियर में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पीसीसी चीफ कमलनाथ शामिल होने पहुंचे। कांग्रेस इस वर्ग को अपने साथ लाने के लिए संपर्क अभियान चला रही हैं।
