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भोपाल: साइबर खतरे के चलते मध्य प्रदेश में 30 से अधिक सरकारी पोर्टल बंद, सरकार ने उठाया बड़ा कदम
Fri, 30 Oct 2026 06:33 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 30 Oct 2026 06:33 PM IST
सार
पीएचपी सॉफ्टवेयर में गंभीर खामी के चलते मध्य प्रदेश सरकार ने साइबर सुरक्षा के मद्देनजर 30 से अधिक सरकारी पोर्टल अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं। शुरुआत में करीब 100 वेबसाइटों की सेवाएं रोकी गई थीं, जिनमें से 70 अपग्रेड के बाद चालू हो चुकी हैं। शेष पोर्टल सप्ताहांत तक बहाल करने का लक्ष्य है।
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साइबर अटैक
- फोटो : अमर उजाला (एआई जनरेटेड)
विस्तार
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वैश्विक स्तर पर पीएचपी शेल सॉफ्टवेयर में सामने आई गंभीर खामी और एमपी-सर्ट की ओर से जारी चेतावनी के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार के पुराने पीएचपी सॉफ्टवेयर पर संचालित हो रहे 130 से अधिक वेब पोर्टलों पर संभावित साइबर हमले का खतरा मंडरा रहा है। इस स्थिति से निपटने और डेटा को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 30 से अधिक सरकारी पोर्टलों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।
साइबर खतरे की चेतावनी
ग्लोबल स्तर पर पीएचपी शेल तकनीक में तकनीकी खराबी की जानकारी सामने आने के बाद राज्य की ऑनलाइन प्रणालियों पर जोखिम बढ़ गया था। मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन और साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते इस स्थिति का आकलन किया। राज्य में जनसेवाओं और सरकारी विभागों से जुड़ी डिजिटल प्रणालियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि पुरानी तकनीक पर आधारित वेब सेवाएं साइबर अपराधियों के निशाने पर आ सकती हैं। इसके बाद सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए तुरंत प्रभावित पोर्टलों की सेवाएं रोकने का फैसला लिया गया, ताकि किसी भी तरह की अनधिकृत घुसपैठ या डेटा चोरी को रोका जा सके।
ये भी पढ़ें- कलयुग की सावित्री: करवाचौथ पर पति की जान बचाने के लिए व्रत में जहरीले सांप से भिड़ी पत्नी, पटक-पटककर ले ली जान
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सौ पोर्टलों पर कार्रवाई
एमपीएसईडीसी के प्रबंध निदेशक अंशुमान राज ने बताया कि तकनीकी एजेंसियों की आधिकारिक एडवाइजरी जारी होने से पहले ही राज्य की डिजिटल प्रणालियों में असामान्य गतिविधियों के संकेत मिल गए थे। संदिग्ध गतिविधियों की पहचान होते ही विभाग ने तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिया था। एहतियाती कदम उठाते हुए शुरुआत में लगभग 100 सरकारी वेबसाइटों को एक साथ बंद कर दिया गया था। इसके बाद विशेषज्ञ टीमों ने लगातार काम करते हुए सॉफ्टवेयर को अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू की। तकनीकी सुधार और सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद इनमें से 70 वेबसाइटों को नए संस्करण पर अपग्रेड करके दोबारा चालू कर दिया गया है।
सप्ताहांत तक पूरी बहाली
प्रशासन का कहना है कि शेष बचे 30 से अधिक पोर्टलों की सुरक्षा जांच और सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन का काम तेजी से जारी है। इन सभी पोर्टलों को शनिवार और रविवार तक पूरी तरह सुरक्षित करके दोबारा ऑनलाइन लाइव कर दिया जाएगा। सरकार साइबर सुरक्षा के विषय पर पूरी तरह मुस्तैद और सतर्क है। आम नागरिकों की सुविधाओं और सरकारी डेटा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार सभी प्रणालियों के सुरक्षित होने के बाद ही उन्हें आम जनता के लिए दोबारा उपलब्ध कराया जाएगा।
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साइबर खतरे की चेतावनी
ग्लोबल स्तर पर पीएचपी शेल तकनीक में तकनीकी खराबी की जानकारी सामने आने के बाद राज्य की ऑनलाइन प्रणालियों पर जोखिम बढ़ गया था। मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन और साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते इस स्थिति का आकलन किया। राज्य में जनसेवाओं और सरकारी विभागों से जुड़ी डिजिटल प्रणालियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि पुरानी तकनीक पर आधारित वेब सेवाएं साइबर अपराधियों के निशाने पर आ सकती हैं। इसके बाद सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए तुरंत प्रभावित पोर्टलों की सेवाएं रोकने का फैसला लिया गया, ताकि किसी भी तरह की अनधिकृत घुसपैठ या डेटा चोरी को रोका जा सके।
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सौ पोर्टलों पर कार्रवाई
एमपीएसईडीसी के प्रबंध निदेशक अंशुमान राज ने बताया कि तकनीकी एजेंसियों की आधिकारिक एडवाइजरी जारी होने से पहले ही राज्य की डिजिटल प्रणालियों में असामान्य गतिविधियों के संकेत मिल गए थे। संदिग्ध गतिविधियों की पहचान होते ही विभाग ने तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिया था। एहतियाती कदम उठाते हुए शुरुआत में लगभग 100 सरकारी वेबसाइटों को एक साथ बंद कर दिया गया था। इसके बाद विशेषज्ञ टीमों ने लगातार काम करते हुए सॉफ्टवेयर को अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू की। तकनीकी सुधार और सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद इनमें से 70 वेबसाइटों को नए संस्करण पर अपग्रेड करके दोबारा चालू कर दिया गया है।
सप्ताहांत तक पूरी बहाली
प्रशासन का कहना है कि शेष बचे 30 से अधिक पोर्टलों की सुरक्षा जांच और सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन का काम तेजी से जारी है। इन सभी पोर्टलों को शनिवार और रविवार तक पूरी तरह सुरक्षित करके दोबारा ऑनलाइन लाइव कर दिया जाएगा। सरकार साइबर सुरक्षा के विषय पर पूरी तरह मुस्तैद और सतर्क है। आम नागरिकों की सुविधाओं और सरकारी डेटा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार सभी प्रणालियों के सुरक्षित होने के बाद ही उन्हें आम जनता के लिए दोबारा उपलब्ध कराया जाएगा।
