MP News: यासीन मछली ने फ्री में नशा देकर बनाए इतने ड्रग पैडलर, कोड वर्ड में करते थे डील, अब तक 14 गिरफ्तार
यासीन मछली, उसके चाचा शाहवर अहमद और गिरोह के सदस्यों ने फ्री में नशा देकर भोपाल में आधा सैकड़ा से अधिक ड्रग्स पैडलर बनाए हैं। ये सभी कोड वर्ड में डील करते थे। पुलिस अब तक नेताओं के बेटे और दो विदेशियों समेत 14 तस्करों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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राजधानी भोपाल में लव जिहाद से चर्चाओं में आया मछली परिवार अब ड्रग्स की तस्करी और करोड़ों की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के लिए चर्चाओं में है। मछली परिवार का लड़का यासीन मछली और उसका चाचा शाहवर अहमद उर्फ शाहवर मछली एमडी ड्रग्स की तस्करी के मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं। यह ड्रग्स तस्कर गिरोह भोपाल के बड़े क्लबों, रेस्टोरेंट और नाइट पार्टियों का आयोजन कर शहर के रईसजादों, कॉलेज की छात्राओं, युवाओं और खासकर हिंदू युवतियों को ड्रग्स का नशा कराकर उन्हें अपना ग्राहक और शिकार बना रहा था।
यासीन मछली और शाहवर की गिरफ्तारी के बाद भोपाल पुलिस और क्राइम ब्रांच ने अब तक यासीन मछली के दर्जन भर से अधिक गुर्गों को गिरफ्तार किया है। ये सभी ड्रग्स पैडलर के तौर पर काम कर रहे थे। पुलिस और क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि भोपाल में ही यासीन मछली और उसके गिरोह के आधा सैकड़ा ड्रग्स पैडलर हैं, जो अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग प्रोफाइल के युवक-युवतियों, छात्रों को ड्रग्स की लत लगाकर उन्हें अपना ग्राहक बना रहे थे। यह पैडलर टेलीग्राम के जरिए ऑनलाइन ड्रग्स बेचने के साथ पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों से बचने के लिए कोड वर्ड में बात करते थे। भोपाल पुलिस कई ड्रग्स पैडलरों की कुंडली भी खंगाल चुकी है, लेकिन या तो वे संदिग्ध फरार हैं या भूमिगत हो गए हैं। ऐसे में पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जाल बिछा रही है।
कई राज्यों में फैला यासीन मछली का ड्रग्स का जाल
यासीन मछली और उसके गिरोह का जाल युवा पीढ़ी को पूरी तरह से नशे की लत लगाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहा था। यासीन का गिरोह मुंबई, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब और अन्य राज्यों के बड़े ड्रग्स तस्करों से भी संबंध रखता था। जांच में इसका खुलासा हो चुका है। यासीन मछली के लिए ड्रग्स पैडलर का काम करने वाली थाईलैंड की महिला को भोपाल और नाइजेरियाई युवक को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। अब तक एक दर्जन पैडलर सहित 14 आरोपी ड्रग्स तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किए जा चुके हैं। आरोपी पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों से बचने के लिए टेलीग्राम के जरिए सौदा करते थे और कोड वर्ड में बात करते थे। सौदा तय होने के बाद ऑनलाइन डिलीवरी भी कराते थे।
अधिकांश ड्रग्स पैडलर पहले ग्राहक बने थे
पुलिस सूत्रों के अनुसार यासीन मछली गिरोह के लिए काम करने वाले ड्रग्स पैडलर पहले सामान्य युवक ही थे। किसी क्लब, पार्टी में उनकी मुलाकात यासीन या उसके गिरोह के किसी युवक से हुई और वह उन्हें फ्री का नशा देने लगा। नशे की लत लगने के बाद उन्हें फ्री का नशा करने के लिए ड्रग्स पैडलर बनने का ऑफर दिया। कोई रास्ता नहीं बचने पर वे पैडलर बन गए। हालांकि, कुछ पैडलर ऐसे भी हैं जो वर्तमान में नशा नहीं कर रहे हैं, लेकिन यह जांच के बाद ही साफ हो सकेगा।
पब-क्लब और नाइट पार्टियों में सक्रिय रहते हैं पैडलर
पुलिस की जांच में सामने आया है कि यासीन नशे का नया ग्राहक बनाने के लिए अपने पैडलर को भोपाल के सभी प्रतिष्ठित और बड़े पबों, क्लबों और नाइट पार्टियों में अपने खर्च पर भेजता था और वहां नए ग्राहक तलाशने का टास्क देता है। नया ग्राहक मिलने के बाद पहले उसे फ्री में नशा दिया जाता है। इसके बाद उसे ऑनलाइन टेलीग्राम के जरिए नशा खरीदने की ट्रेनिंग दी जाती है। गिरोह से जुड़े गुर्गे राजस्थान, मुंबई, दिल्ली से लाकर एमडी और अन्य खतरनाक ड्रग्स की सप्लाई भोपाल में करते थे।
अब तक ये तस्कर हो चुके हैं गिरफ्तार
यासीन मछली के साथ उसका चाचा शाहवर अहमद उर्फ शाहवर मछली को एमडी ड्रग्स की तस्करी में गिरफ्तार किया गया था। वर्तमान में दोनों जेल में हैं। इसके बाद जगजीत सिंह जग्गा, अंश चावला को गिरफ्तार किया गया। जग्गा दिल्ली के तस्करों से संपर्क करता था। नाइजेरियाई युवक ओराचोर और थाईलैंड की महिला बेंचामत मून गिरफ्तार किए गए हैं। कांग्रेस नेत्री का बेटा अंशुल सिंह भूरी और एआईएमआईएम पार्टी के पूर्व नेता तौकीर निजामी का बेटा तौफीक निजामी, शाकिर सहित 14 तस्कर अब तक गिरफ्तार हो चुके हैं।
