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एमपी: इंदौर–राघौगढ़ फोरलेन जल्द होगा शुरू, 19 अंडरपास और 26 किमी सर्विस रोड से मिलेगी राहत
Fri, 23 Oct 2026 02:11 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Fri, 23 Oct 2026 02:11 PM IST
सार
इंदौर में एमआर-10 जंक्शन से राघौगढ़ के नेमावर रोड तक बन रहे 26.6 किमी लंबे ग्रीनफील्ड फोरलेन का निर्माण अंतिम चरण में है। 1011 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में 19 अंडरपास और 26 किमी सर्विस रोड बनाई जा रही है, जिससे स्थानीय यातायात और नागपुर की ओर कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
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इंदौर बायपास को मिलेगा नया वैकल्पिक मार्ग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग-47 (NH-47) पर इंदौर बायपास के एमआर-10 जंक्शन से राघौगढ़ स्थित नेमावर रोड तक 26.6 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड फोरलेन कॉरिडोर का निर्माण अंतिम चरण में है। 1011 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना से वाहन चालकों को एक अतिरिक्त मार्ग मिलेगा। इससे स्थानीय यातायात के साथ हरदा, बैतूल और नागपुर की दिशा में आने-जाने वालों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है। फोरलेन पर एक प्रमुख पुल, चार छोटे पुल और 19 व्हीकुलर अंडरपास बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा 27 जंक्शनों को विकसित किया जा रहा है। इन व्यवस्थाओं से स्थानीय वाहनों को सड़क पार करने और अलग-अलग दिशाओं में आने-जाने में सुविधा मिलेगी। साथ ही मुख्य मार्ग पर यातायात का प्रवाह बनाए रखने में मदद मिलेगी।
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चार गांवों को सर्विस रोड का फायदा
कॉरिडोर के दोनों ओर कुल 26 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड का प्रावधान है। इससे बेगमखेड़ी, खुड़ेल खुर्द, गोगाखेड़ी और मिर्जापुर सहित आसपास के गांवों के लोगों को बेहतर संपर्क मिलेगा। ग्रामीणों और सड़क किनारे स्थित प्रतिष्ठानों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
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बारिश में जलभराव रोकने के इंतजाम
परियोजना में करीब 16.4 किलोमीटर लंबी जल निकासी व्यवस्था के साथ पुलिया संबंधी काम भी शामिल हैं। इसका उद्देश्य बारिश के पानी की निकासी बेहतर रखना और जलभराव से सड़क को होने वाले नुकसान की आशंका कम करना है।
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रात में भी सुरक्षित सफर पर जोर
सड़क पर हाईवे लाइटिंग, रोड मार्किंग, रिफ्लेक्टिव स्टड और सुरक्षा दीवारों जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इनसे रात में सड़क की दृश्यता बढ़ाने और वाहन चालकों को लेन व सड़क की सीमाएं पहचानने में मदद मिलेगी।
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माल परिवहन को भी मिल सकता है फायदा
इंदौर प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र है। नए कॉरिडोर से हरदा और बैतूल की ओर संपर्क बेहतर होने के साथ नागपुर की दिशा में जाने वाले वाहनों को भी वैकल्पिक मार्ग मिलने की उम्मीद है। इससे माल परिवहन सुगम हो सकता है और यात्रा के समय व परिचालन लागत में संभावित कमी आ सकती है। फिलहाल निर्माण अंतिम चरण में है। यातायात शुरू करने की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।
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चार गांवों को सर्विस रोड का फायदा
कॉरिडोर के दोनों ओर कुल 26 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड का प्रावधान है। इससे बेगमखेड़ी, खुड़ेल खुर्द, गोगाखेड़ी और मिर्जापुर सहित आसपास के गांवों के लोगों को बेहतर संपर्क मिलेगा। ग्रामीणों और सड़क किनारे स्थित प्रतिष्ठानों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
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बारिश में जलभराव रोकने के इंतजाम
परियोजना में करीब 16.4 किलोमीटर लंबी जल निकासी व्यवस्था के साथ पुलिया संबंधी काम भी शामिल हैं। इसका उद्देश्य बारिश के पानी की निकासी बेहतर रखना और जलभराव से सड़क को होने वाले नुकसान की आशंका कम करना है।
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रात में भी सुरक्षित सफर पर जोर
सड़क पर हाईवे लाइटिंग, रोड मार्किंग, रिफ्लेक्टिव स्टड और सुरक्षा दीवारों जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इनसे रात में सड़क की दृश्यता बढ़ाने और वाहन चालकों को लेन व सड़क की सीमाएं पहचानने में मदद मिलेगी।
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माल परिवहन को भी मिल सकता है फायदा
इंदौर प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र है। नए कॉरिडोर से हरदा और बैतूल की ओर संपर्क बेहतर होने के साथ नागपुर की दिशा में जाने वाले वाहनों को भी वैकल्पिक मार्ग मिलने की उम्मीद है। इससे माल परिवहन सुगम हो सकता है और यात्रा के समय व परिचालन लागत में संभावित कमी आ सकती है। फिलहाल निर्माण अंतिम चरण में है। यातायात शुरू करने की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।
