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MP: नील गाय एवं कृष्ण मृग पकड़ने रॉबिन्सन हेलीकॉप्टर किराए पर ले रही सरकार,CM ने दिए फसल हानि रोकने के निर्देश
Thu, 13 Mar 2025 10:35 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 13 Mar 2025 10:35 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मध्यप्रदेश टाइगर फाउंडेशन समिति की 15वीं आमसभा की बैठक में वन्य जीवों के संरक्षण और किसानों की फसलों को नुकसान से बचाने के लिए ठोस कदम उठाने के दिए निर्देश।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की बैठक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को समत्व भवन में मध्य प्रदेश टाइगर फाउंडेशन समिति की 15वीं आमसभा की बैठक की। इसमें मुख्यमंत्री ने वन्य जीवों से किसानों की फसल की हानि को रोकने के ठोस कदम उठाने को कहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक में कहा कि प्रदेश में शेर, बाघ, चीता, सांभर, हाथी सहित कई वन्य जीवों की मौजूदगी है और इनका संरक्षण आवश्यक है। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि फसलों को नुकसान पहुंचाने वाली नील गाय एवं कृष्ण मृग को पकड़ने के लिए रॉबिन्सन 44 हेलीकॉप्टर किराए पर लेने के प्रयास जारी है।
मुख्यमंत्री ने हाथियों के कल्याण के लिए विशेष कदम उठाने की बात की और उनके लिए भोजन की व्यवस्था करने का निर्देश दिया, ताकि ये वन्य जीव आबादी क्षेत्रों में न भटकें। बैठक में मुख्यमंत्री ने वन्य जीवों के संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रेस्क्यू सेंटर और जू स्थापित करने के लिए केंद्रीय संस्थाओं से मार्गदर्शन लिया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में किसानों को जंगली पशुओं से होने वाली फसल हानि को रोकने के लिए विशेष कार्य योजना बनाई गई है। फसल हानि करने वाली नीलगायों एवं कृष्णमृगों (ब्लैक बक) को पकड़कर अन्यत्र स्थापित किया जाएगा। इन वन पशुओं को पकड़ने के लिए रॉबिन्सन 44 नामक हेलीकॉप्टर किराए पर लिया जाएगा। इसके लिए ई-टेंडर के जरिए निविदाएं भी आमंत्रित की गई हैं। किन्तु तीन निविदाएं बुलाने के बावजूद अभी तक वांछित हेलीकॉप्टर एवं अनुभवी पायलट की निविदा प्राप्त नहीं हुई है। इसलिए कैप्चर ऑपरेशन पूरा करने के लिए रॉबिन्सन 44 हेलीकॉप्टर या इसके समकक्ष विमान उपलब्ध कराने के लिए प्रमुख सचिव विमानन से अनुरोध किया गया है। हेलीकॉप्टर उपलब्ध होने पर नीलगाय और ब्लैक बक कैप्चर कार्य तत्काल प्रारंभ कर दिया जाएगा, इससे किसानों की फसल हानि रूकेगी।
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वन भवन में स्मारिका दुकान स्थापित की जाएगी
बैठक में बताया गया कि समिति द्वारा पेंच, सतपुड़ा, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व, रालामंडल, कूनो, गांधीसागर, वन्य जीव अभयारण्य एवं माधव राष्ट्रीय उद्यान में अब तक 180 जागरूकता कैम्प, 24 क्षमता उन्नयन कैम्प एवं 14 कर्मचारी कल्याण (सोलर इलेक्ट्रिफिकेशन ऑफ पेट्रोलिंग कैम्प) आयोजित किए गए। मध्यप्रदेश टाइगर फाउंडेशन समिति द्वारा नवीन वन भवन में एक स्मारिका दुकान स्थापित की जाएगी। यह सीधे समिति द्वारा ही संचालित की जाएगी। इस दुकान से प्राप्त होने वाली आय का उपयोग वन्य जीव संरक्षण में कार्यरत कर्मचारियों के कल्याण के लिए किया जाएगा।
5 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता
प्रदेश के अंतर्गत संरक्षित क्षेत्रों/वनमंडलों में कार्यरत वनकर्मियों की वन्य जीव संरक्षण/रेस्क्यू कार्यों में आकस्मिक दुर्घटनाओं के दौरान गंभीर रूप से घायल होने पर वनकर्मियों को उपचार के लिए तात्कालिक राशि की आवश्यकता होती है, ऐसी स्थिति में अन्य मदों से राशि उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में प्रत्येक प्रकरण में उपचार के लिए तात्कालिक आर्थिक सहायता पांच लाख रुपए की राशि तक एवं आवश्यक होने पर एयर एम्बुलेंस उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक राशि का भुगतान मध्यप्रदेश टाइगर फाउंडेशन समिति के अंतर्गत वन्यजीव संरक्षण योजनाओं अंतर्गत स्वीकृत कॉपर्स फंड से किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री ने हाथियों के कल्याण के लिए विशेष कदम उठाने की बात की और उनके लिए भोजन की व्यवस्था करने का निर्देश दिया, ताकि ये वन्य जीव आबादी क्षेत्रों में न भटकें। बैठक में मुख्यमंत्री ने वन्य जीवों के संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रेस्क्यू सेंटर और जू स्थापित करने के लिए केंद्रीय संस्थाओं से मार्गदर्शन लिया जाएगा।
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बैठक में बताया गया कि प्रदेश में किसानों को जंगली पशुओं से होने वाली फसल हानि को रोकने के लिए विशेष कार्य योजना बनाई गई है। फसल हानि करने वाली नीलगायों एवं कृष्णमृगों (ब्लैक बक) को पकड़कर अन्यत्र स्थापित किया जाएगा। इन वन पशुओं को पकड़ने के लिए रॉबिन्सन 44 नामक हेलीकॉप्टर किराए पर लिया जाएगा। इसके लिए ई-टेंडर के जरिए निविदाएं भी आमंत्रित की गई हैं। किन्तु तीन निविदाएं बुलाने के बावजूद अभी तक वांछित हेलीकॉप्टर एवं अनुभवी पायलट की निविदा प्राप्त नहीं हुई है। इसलिए कैप्चर ऑपरेशन पूरा करने के लिए रॉबिन्सन 44 हेलीकॉप्टर या इसके समकक्ष विमान उपलब्ध कराने के लिए प्रमुख सचिव विमानन से अनुरोध किया गया है। हेलीकॉप्टर उपलब्ध होने पर नीलगाय और ब्लैक बक कैप्चर कार्य तत्काल प्रारंभ कर दिया जाएगा, इससे किसानों की फसल हानि रूकेगी।
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वन भवन में स्मारिका दुकान स्थापित की जाएगी
बैठक में बताया गया कि समिति द्वारा पेंच, सतपुड़ा, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व, रालामंडल, कूनो, गांधीसागर, वन्य जीव अभयारण्य एवं माधव राष्ट्रीय उद्यान में अब तक 180 जागरूकता कैम्प, 24 क्षमता उन्नयन कैम्प एवं 14 कर्मचारी कल्याण (सोलर इलेक्ट्रिफिकेशन ऑफ पेट्रोलिंग कैम्प) आयोजित किए गए। मध्यप्रदेश टाइगर फाउंडेशन समिति द्वारा नवीन वन भवन में एक स्मारिका दुकान स्थापित की जाएगी। यह सीधे समिति द्वारा ही संचालित की जाएगी। इस दुकान से प्राप्त होने वाली आय का उपयोग वन्य जीव संरक्षण में कार्यरत कर्मचारियों के कल्याण के लिए किया जाएगा।
5 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता
प्रदेश के अंतर्गत संरक्षित क्षेत्रों/वनमंडलों में कार्यरत वनकर्मियों की वन्य जीव संरक्षण/रेस्क्यू कार्यों में आकस्मिक दुर्घटनाओं के दौरान गंभीर रूप से घायल होने पर वनकर्मियों को उपचार के लिए तात्कालिक राशि की आवश्यकता होती है, ऐसी स्थिति में अन्य मदों से राशि उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में प्रत्येक प्रकरण में उपचार के लिए तात्कालिक आर्थिक सहायता पांच लाख रुपए की राशि तक एवं आवश्यक होने पर एयर एम्बुलेंस उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक राशि का भुगतान मध्यप्रदेश टाइगर फाउंडेशन समिति के अंतर्गत वन्यजीव संरक्षण योजनाओं अंतर्गत स्वीकृत कॉपर्स फंड से किया जाएगा।
