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MP Election: 10 अक्टू. को राहुल ब्यौहारी और 12 को प्रियंका मंडला आएंगी, महाकौशल-विंध्य की 68 सीटों को साधेंगे
Fri, 06 Oct 2023 09:42 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Fri, 06 Oct 2023 09:42 PM IST
सार
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब राष्ट्रीय नेताओं के दौरे तेज होते जा रहे है। इसी कड़ी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी प्रदेश के दौरे पर आ रहे है।
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राहुल गांधी और प्रियंका गांधी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा के बाद कांग्रेस नेताओं ने भी अपने दौरे तेज कर दिए हैं। कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी 12 अक्तूबर को मंडला आएंगी। वहीं, इसके दो दिन पहले 10 अक्तूबर को राहुल गांधी शहडोल जिले के ब्यौहारी में जनसभा को संबोधित करेंगे।महाकौशल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के सात दिन बाद अब कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी हुंकार भरेंगी। प्रियंका गांधी 12 अक्तूबर को दोपहर 12 बजे मंडला में एक जनसभा को संबोधित करेंगी। यह महाकौशल का प्रियंका का दूसरा दौरा है। इससे पहले प्रियंका 12 जून को जबलपुर में जनसभा में शामिल हुई थीं।
38 सीटें हैं महाकौशल की, कांग्रेस ने बनाया गढ़
महाकौशल में जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, कटनी, बालाघाट और सिवनी जिले आते हैं। 38 विधानसभा सीटों वाले महाकौशल में भाजपा को पिछली बार निराशा मिली थी। इसका बड़ा कारण आदिवासी वोटरों की नाराजगी मानी गई थी। 2018 में भाजपा को 13 और कांग्रेस को 24 सीटें मिली थीं। एक सीट निर्दलीय प्रत्याशी ने जीती थी। अब कांग्रेस के सामने अपने पिछले प्रदर्शन को दोहराने और भाजपा के सामने सत्ता में बने रहने के लिए यहां की ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने की चुनौती है।
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दोनों ही दलों का आदिवासी वोटरों पर फोकस
पिछले दो सालों से सत्ता पर काबिज भाजपा आदिवासी वोटरों को साधने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही है। पेसा एक्ट लागू करने से लेकर रानी दुर्गावती, रानी कमलापति से लेकर आदिवासी नायकों का महिमामंडन किया जा रहा है। वहीं, कांग्रेस भी आदिवासियों पर अत्याचार और भाजपा पर आदिवासियों को अब तक सिर्फ छिनने के आरोप लगा कर अपने आप को आदिवासी समाज की हितैषी बता रही है। हालांकि, अब यह देखना होगा कि 2023 में आदिवासी वोट बैंक किसकी तरफ जाता है।
विंध्य क्षेत्र में ब्राह्मणों को साधने की कवायद
राहुल गांधी 10 अक्तूबर को शहडोल के ब्यौहारी में जनसभा को संबोधित करेंगे। विंध्य में सतना, रीवा, सीधी, शहडोल, अनुपपूर, सिंगरौली, उमरिया जिले आते हैं। विंध्य की 30 विधानसभा सीटों में से 24 पर भाजपा का कब्जा है। वहीं, 6 सीट कांग्रेस के पास है। हालांकि, नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस ने रीवा महापौर सीट पर कब्जा जमा लिया। वहीं, सिंगरौली सीट पर आम आदमी पार्टी काबिज हो गई। इससे भाजपा की स्थिति गंभीर होती जा रही है। लेकिन भाजपा ने क्षेत्रीय और जातीय समीकरण साधने के लिए राजेंद्र शुक्ल को कैबिनेट मंत्री बनाया है।
शहडोल में आदिवासी वोटर बड़ी संख्या में है। कांग्रेस आदिवासी वोट, सीधी पेशाब कांड को लेकर साधेंगे। वहीं, भाजपा ने सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला और मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी का टिकट काट दिया है। कांग्रेस को अब उनकी भाजपा के खिलाफ नाराजगी से फायदा होने की उम्मीदें बढ़ गई है। विंध्य में ब्राह्मण, ओबीसी और गोंड वोट हैं। ओबीसी वोटों को साधने के लिए कांग्रेस ने विधायक कमलेश्वर पटेल को सेंट्रल वर्किंग कमेटी में शामिल कर बड़ा संदेश दिया है।
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38 सीटें हैं महाकौशल की, कांग्रेस ने बनाया गढ़
महाकौशल में जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, कटनी, बालाघाट और सिवनी जिले आते हैं। 38 विधानसभा सीटों वाले महाकौशल में भाजपा को पिछली बार निराशा मिली थी। इसका बड़ा कारण आदिवासी वोटरों की नाराजगी मानी गई थी। 2018 में भाजपा को 13 और कांग्रेस को 24 सीटें मिली थीं। एक सीट निर्दलीय प्रत्याशी ने जीती थी। अब कांग्रेस के सामने अपने पिछले प्रदर्शन को दोहराने और भाजपा के सामने सत्ता में बने रहने के लिए यहां की ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने की चुनौती है।
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दोनों ही दलों का आदिवासी वोटरों पर फोकस
पिछले दो सालों से सत्ता पर काबिज भाजपा आदिवासी वोटरों को साधने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही है। पेसा एक्ट लागू करने से लेकर रानी दुर्गावती, रानी कमलापति से लेकर आदिवासी नायकों का महिमामंडन किया जा रहा है। वहीं, कांग्रेस भी आदिवासियों पर अत्याचार और भाजपा पर आदिवासियों को अब तक सिर्फ छिनने के आरोप लगा कर अपने आप को आदिवासी समाज की हितैषी बता रही है। हालांकि, अब यह देखना होगा कि 2023 में आदिवासी वोट बैंक किसकी तरफ जाता है।
विंध्य क्षेत्र में ब्राह्मणों को साधने की कवायद
राहुल गांधी 10 अक्तूबर को शहडोल के ब्यौहारी में जनसभा को संबोधित करेंगे। विंध्य में सतना, रीवा, सीधी, शहडोल, अनुपपूर, सिंगरौली, उमरिया जिले आते हैं। विंध्य की 30 विधानसभा सीटों में से 24 पर भाजपा का कब्जा है। वहीं, 6 सीट कांग्रेस के पास है। हालांकि, नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस ने रीवा महापौर सीट पर कब्जा जमा लिया। वहीं, सिंगरौली सीट पर आम आदमी पार्टी काबिज हो गई। इससे भाजपा की स्थिति गंभीर होती जा रही है। लेकिन भाजपा ने क्षेत्रीय और जातीय समीकरण साधने के लिए राजेंद्र शुक्ल को कैबिनेट मंत्री बनाया है।
शहडोल में आदिवासी वोटर बड़ी संख्या में है। कांग्रेस आदिवासी वोट, सीधी पेशाब कांड को लेकर साधेंगे। वहीं, भाजपा ने सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला और मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी का टिकट काट दिया है। कांग्रेस को अब उनकी भाजपा के खिलाफ नाराजगी से फायदा होने की उम्मीदें बढ़ गई है। विंध्य में ब्राह्मण, ओबीसी और गोंड वोट हैं। ओबीसी वोटों को साधने के लिए कांग्रेस ने विधायक कमलेश्वर पटेल को सेंट्रल वर्किंग कमेटी में शामिल कर बड़ा संदेश दिया है।
