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MP Election 2023: न खरगे, न राहुल, छिंदवाड़ा में कांग्रेस का मतलब कमलनाथ! जानिए इस बात के मायने

Thu, 19 Oct 2023 06:32 PM IST
Dinesh Sharma दिनेश शर्मा
Updated Thu, 19 Oct 2023 06:32 PM IST
सार

छिंदवाड़ा में सात विधानसभा सीटें हैं, जिसमें एक उम्मीदवार कमलनाथ का नाम सामने आ चुका है। शेष के नाम को लेकर कमलनाथ और नकुलनाथ के बयान ये इशारा कर रहे हैं कि यहां सारी कांग्रेस नाथ परिवार तक सीमित है। शेष नाम यहां पहले घोषित होंगे, दिल्ली से बाद में। 

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MP Election 2023: Neither Kharge, nor Rahul, Congress means Kamal Nath in Chhindwara!
छिंदवाड़ा के प्रत्याशियों को लेकर सामने आए बयान। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश कांग्रेस में इन दिनों टिकट को लेकर विरोध तेज होता जा रहा है। कहा जा रहा है कि इस बार टिकट बड़ी सोच-समझकर तय किए जा रहे हैं। पहले सर्वे, फिर स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक फिर सीईसी की बैठक में मंथन, तब जाकर कहीं नाम तय किेए जा रहे हैं। पर छिंदवाड़ा में ऐसा होता नजर नहीं आ रहा। पीसीसी चीफ कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ ने छिंदवाड़ा में मंच से लिस्ट से पहले ही कई सीटों के नामों का एलान कर दिया। अब इस पर भाजपा तो हमलावर है ही, कांग्रेस के कुछ नेता भी कैंडिडेट चयन प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं कमलनाथ को बार-बार भावी सीएम बताया जा रहा है।
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सबसे पहले जानते हैं ये बात सियासी गलियारों में क्यों चर्चित हो रही है। बता दें कि सोमवार को एक सवाल के जबाव में कमलनाथ ने कहा था कि छिंदवाड़ा की सीटों की घोषणा नकुलनाथ करेंगे। पहले घोषणा छिंदवाड़ा से होगी, फिर दिल्ली से। पीसीसी चीफ के इस बयान के बाद कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ ने छिंदवाड़ा में भरी सभा में कहा कि छिंदवाड़ा की छह सीटों की घोषणा मैं करूंगा। अलग-्अलग जगह सभा में तीन सीटों पर उन्होंने नाम भी बता दिए। अमरवाड़ा सीट से कमलेश शाह और परासिया सीट से सोहन लाल वाल्मीकि और पांढुर्ना में निलेश उईके को प्रत्याशी बताया। हालांकि कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर इन नामों की घोषणा नहीं की है। 
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इन बयानों से सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस टिकट तय करने से पहले ये बता रही कि हमने एक पूरी प्रक्रिया का पालन किया है। कई स्तर पर सर्वे किए हैं। स्क्रीनिंग कमेटी की बैठकों में नामों पर विचार किया है। सीईसी की बैठक में नामों पर मंथन हो रहा है, तब कहीं नामों की घोषणा हो रही है। पर छिंदवाड़ा के मामले में ऐसा होता नहीं दिख रहा। यहां नाथ परिवार ही सबकुछ तय कर रहा है। 
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भाजपा ने पूछा किसकी है कांग्रेस
इसे लेकर भाजपा भी हमलावर हैं। सीएम शिवराज सिंह चौहान भी पलटवार कर चुके हैं। उनका कहना है कि ये कांग्रेस का असली स्वरूप है और कांग्रेस किसकी है मुझे ये भी नहीं समझ आता, कांग्रेस के टिकट कहां तय हो रहे हैं...' अभी ये भी कहा गया कि छिंदवाड़ा के टिकट नकुलनाथ घोषित करेंगे और नकुलनाथ के घोषित करने के बाद फिर दिल्ली से घोषित होंगे और दो टिकट उन्होंने घोषित भी कर दिए। शिवराज ने पूछा कि क्या सोनिया गांधीजी की कांग्रेस अलग है, कमलनाथ जी की कांग्रेस अलग है। नकुलनाथ की कांग्रेस अलग है। कांग्रेस कितनी है,कांग्रेस किसकी है.. और कांग्रेस क्या है ये जनता जानना चाहती है..।

कांग्रेस बोली- हर प्रभावशाली नेता ऐसा करता है
इस सारे घटनाक्रम पर कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक ने कहा कि अपने क्षेत्र में हर प्रभावशाली नेता ऐसा करता है। वह कहता है कि आप तैयारी करो, चुनाव लड़ने में हम मदद करेंगे। वही नकुलनाथ अपने क्षेत्र में कर रहे हैं। इसमें क्या हो गया? क्या उन्होंने कोई चिट्ठी जारी की है? अगर ऐसा किया है तो मुझे दिखाइए।

कमलनाथ का गढ़ है छिंदवाड़ा
कमलनाथ करीब 40 साल से छिंदवाड़ा से सांसद रहे हैं। मध्य प्रदेश में 2019 के लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश में 29 में से 28 सीट भाजपा को मिली थीं, सिर्फ एक ही सीट ऐसी थी जो बीजेपी नहीं जीत पाई थी वो सीट थी छिंदवाड़ा। कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ यहां से कांग्रेस के एकमात्र सांसद हैं। बात करें बीते विधानसभा की तो यहां सात विधानसभा सीटें हैं, 2018 में सभी सातों सीटों पर कांग्रेस जीती थी। अब कमलनाथ पूरे प्रदेश की बागडोर संभाले हुए हैं, इस लिहाज से अब छिंदवाड़ा की ज़िम्मेदारी नकुलनाथ के कन्धों पर भी है। यही कारण है की कमलनाथ अब अलग से छिंदवाड़ा की बची हुई सीट का ऐलान नकुलनाथ से करवा रहे हैं।


टिकटों का हो रहा विरोध
कांग्रेस ने नवरात्र के पहले दिन 144 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है, लेकिन इसके बाद विरोध और बगावत शुरू हो गई है। इस बीच, पूर्व सीएम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह का द्वंद्व भी सामने आ गया। प्रदेश कांग्रेस के टिकट को लेकर नरयावली, उज्जैन ग्रामीण, शिवपुरी, दतिया, सिंगरौली और बुदनी के कार्यकर्ता नाराज हैं। यहां टिकट कटने से कई नेताओं ने दूसरी पार्टी ज्वाइन कर ली है। वहीं, कुछ ने पार्टी को दोबारा विचार करने के लिए समय दिया है। इस बीच चर्चा है कि शिवपुरी, पिछोर, दतिया सीट पर पार्टी प्रत्याशियों को लेकर दोबारा विचार कर सकती है। 
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