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MP Election: निशा बांगरे बोलीं- BJP से चुनाव लड़ती तो एक दिन में स्वीकार हो जाता इस्तीफा, आज भोपाल पहुंचेंगी
Sun, 08 Oct 2023 11:31 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Sun, 08 Oct 2023 11:31 AM IST
सार
MP Election 2023: पूर्व डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे आमला विधान सभा सीट से चुनाव लड़ना चाहती हैं। लेकिन सरकार उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं कर रही। ऐसे में उन्होंने न्याय यात्रा शुरू की है, जो सोमवार को सीएम हाउस पर आमरण अनशन के साथ खत्म होगी। अब सवाल ये उठता है कि क्या निशा का इस्तीफा स्वीकार होगा और क्या वे चुनाव लड़ पाएंगी।
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न्याय यात्रा में निशा बांगरे
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इस्तीफा देकर न्याय यात्रा पर निकली पूर्व डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे की यात्रा आज (रविवार) रात भोपाल पहुंचेगी। यहां वे सोमवार को सीएम हाउस पहुंचकर आमरण अनशन करेंगी। दरअसल, निशा आमला विधानसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहती हैं। इसके लिए उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है लेकिन तीन महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी सरकार ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। ऐसे में निशा न्याय यात्रा पर निकली हैं। उन्होंने अपनी यात्रा 28 सितंबर को आमला से शुरू की थी। उनकी ये यात्रा बोरी, सारणी, सलैया, शाहपुर, केसला, नर्मदापुरम, सलकनपुर, बुधनी, जैत, शाहगंज ओब्दुल्लाहा गंज और से मंडीदीप होते हुए भोपाल पहुंच रही है। पहली बार है जब कोई शासकीय अधिकारी अपना इस्तीफा स्वीकार करवाने के लिए इस तरह न्याय यात्रा पर निकला है। इधर निशा की यह यात्रा सरकार के लिए भी बड़ी चुनौती बन गई है।
यह कहना है
इधर, निशा का कहना है कि अगर वह बीजेपी से चुनाव लड़ती तो एक दिन में उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाता। उनका आरोप है कि शिवराज सरकार उनके साथ अन्याय कर रही है। तीन महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि एक तरफ भाजपा सरकार महिलाओं को राजनीति में आरक्षण देने की बात करती है, दूसरी ओर जब एक पढ़ी-लिखी महिला राजनीति में आना चाहती है, चुनाव लड़ना चाहती है तो उसे रोका जा रहा है। ऐसे में उन्हें इस न्याय का यात्रा पर निकलना पड़ा। अब वे कल सीएम हाउस पहुंचकर आमरण अनशन करेंगी।
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यह कहना है
इधर, निशा का कहना है कि अगर वह बीजेपी से चुनाव लड़ती तो एक दिन में उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाता। उनका आरोप है कि शिवराज सरकार उनके साथ अन्याय कर रही है। तीन महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि एक तरफ भाजपा सरकार महिलाओं को राजनीति में आरक्षण देने की बात करती है, दूसरी ओर जब एक पढ़ी-लिखी महिला राजनीति में आना चाहती है, चुनाव लड़ना चाहती है तो उसे रोका जा रहा है। ऐसे में उन्हें इस न्याय का यात्रा पर निकलना पड़ा। अब वे कल सीएम हाउस पहुंचकर आमरण अनशन करेंगी।
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