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भोपाल में सेना दिवस-2027 का शंखनाद: 55 जिलों की मिट्टी से रोपा संकल्प वृक्ष, 15 जनवरी को दिखेगा सेना का शौर्य
Sun, 01 Nov 2026 10:35 AM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Sun, 01 Nov 2026 10:35 AM IST
सार
मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर भोपाल में सेना दिवस-2027 के आयोजनों का आगाज 55 जिलों की मिट्टी से संकल्प वृक्ष के रोपण के साथ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 15 जनवरी को होने वाला सेना दिवस का आयोजन प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगा, वहीं 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा।
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सीएम मोहन यादव ने लगाया संकल्प् वृक्ष
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस पर राजधानी भोपाल में सेना दिवस-2027 के आयोजनों की शुरुआत अनूठे अंदाज में हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को शौर्य स्मारक में 'संकल्प वृक्ष' का पौधरोपण किया। इस दौरान प्रदेश के सभी 55 जिलों से लाई गई मिट्टी को वृक्ष में अर्पित किया गया। 'मेरी माटी' अभियान के तहत हुई यह पहल प्रदेश की एकता, अखंडता और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक बनी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सेना की विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इसमें भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम, सामरिक क्षमता और आधुनिक तकनीकी नवाचारों को प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में सेना दिवस परेड, रण हुंकार और एकीकृत युद्ध प्रदर्शन की झलकियां भी शामिल हैं।
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15 जनवरी को भोपाल में पहली बार होगा सेना दिवस का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए यह गौरव का अवसर है कि 1 नवंबर से 15 जनवरी 2027 तक प्रदेश की धरती पर भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। 15 जनवरी को भोपाल में सेना दिवस का मुख्य आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से प्रदेशवासियों को भारतीय सेना के अदम्य साहस, अनुशासन और सामरिक क्षमता को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। यह आयोजन विशेष रूप से युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
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2027 होगा युवा वर्ष, सेना दिवस से होगी शुरुआत
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला, युवा, गरीब और किसान वर्गों को देश के विकास की प्राथमिकता में रखा है। इसी सोच के अनुरूप राज्य सरकार ने भी पांच साल के कार्यकाल में हर वर्ष को एक विशेष वर्ग के कल्याण के लिए समर्पित करने का संकल्प लिया है। वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जबकि 2027 युवा वर्ष होगा। इसकी शुरुआत सेना के शौर्य और पराक्रम को समर्पित आयोजन से होना प्रदेश के युवाओं के लिए गौरव की बात है।
एनसीसी और अग्निवीर योजना से युवाओं में राष्ट्रसेवा का भाव
मुख्यमंत्री ने एनसीसी की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से युवाओं में अनुशासन, देशभक्ति और सैन्य प्रशिक्षण के संस्कार विकसित होते हैं। एनसीसी के अनुभव जीवनभर प्रेरणा देते हैं। उन्होंने अग्निवीर योजना को भी युवाओं की सेना में भागीदारी और राष्ट्रसेवा की भावना मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
55 जिलों की मिट्टी से दिया एकता का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी 55 जिलों से मिट्टी एकत्रित कर संकल्प वृक्ष के रोपण में उसका उपयोग करना मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और एकता का प्रतीक है। अलग-अलग बोलियां, परंपराएं और संस्कृतियां होने के बावजूद प्रदेशवासी एक सूत्र में बंधे हैं। उन्होंने मिट्टी के कलश लेकर आए विद्यार्थियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि राष्ट्र और प्रदेश के निर्माण में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने सेना दिवस के आयोजन के लिए रक्षा मंत्रालय, भारतीय सेना, एनसीसी और अन्य आयोजकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सेना के शौर्य और बलिदान को नमन करने का यह विशेष अवसर है और प्रदेश सरकार इसे यादगार बनाने के लिए प्रयास कर रही है।
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15 जनवरी को भोपाल में पहली बार होगा सेना दिवस का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए यह गौरव का अवसर है कि 1 नवंबर से 15 जनवरी 2027 तक प्रदेश की धरती पर भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। 15 जनवरी को भोपाल में सेना दिवस का मुख्य आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से प्रदेशवासियों को भारतीय सेना के अदम्य साहस, अनुशासन और सामरिक क्षमता को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। यह आयोजन विशेष रूप से युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
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2027 होगा युवा वर्ष, सेना दिवस से होगी शुरुआत
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला, युवा, गरीब और किसान वर्गों को देश के विकास की प्राथमिकता में रखा है। इसी सोच के अनुरूप राज्य सरकार ने भी पांच साल के कार्यकाल में हर वर्ष को एक विशेष वर्ग के कल्याण के लिए समर्पित करने का संकल्प लिया है। वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जबकि 2027 युवा वर्ष होगा। इसकी शुरुआत सेना के शौर्य और पराक्रम को समर्पित आयोजन से होना प्रदेश के युवाओं के लिए गौरव की बात है।
एनसीसी और अग्निवीर योजना से युवाओं में राष्ट्रसेवा का भाव
मुख्यमंत्री ने एनसीसी की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से युवाओं में अनुशासन, देशभक्ति और सैन्य प्रशिक्षण के संस्कार विकसित होते हैं। एनसीसी के अनुभव जीवनभर प्रेरणा देते हैं। उन्होंने अग्निवीर योजना को भी युवाओं की सेना में भागीदारी और राष्ट्रसेवा की भावना मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
55 जिलों की मिट्टी से दिया एकता का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी 55 जिलों से मिट्टी एकत्रित कर संकल्प वृक्ष के रोपण में उसका उपयोग करना मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और एकता का प्रतीक है। अलग-अलग बोलियां, परंपराएं और संस्कृतियां होने के बावजूद प्रदेशवासी एक सूत्र में बंधे हैं। उन्होंने मिट्टी के कलश लेकर आए विद्यार्थियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि राष्ट्र और प्रदेश के निर्माण में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने सेना दिवस के आयोजन के लिए रक्षा मंत्रालय, भारतीय सेना, एनसीसी और अन्य आयोजकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सेना के शौर्य और बलिदान को नमन करने का यह विशेष अवसर है और प्रदेश सरकार इसे यादगार बनाने के लिए प्रयास कर रही है।
