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एनडीडीबी के कामों में अडंगा और संघ की नाराजगी से मंत्री लखन पटेल से छिना पशुपालन विभाग, अब आनंद की कमान
Wed, 15 Jul 2026 10:57 AM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Wed, 15 Jul 2026 10:57 AM IST
सार
मध्य प्रदेश सरकार ने देर रात गजट अधिसूचना जारी कर मंत्री लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस ले लिया। विभागीय फेरबदल के बाद अब उनके पास केवल आनंद विभाग का प्रभार रहेगा। इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
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मंत्री लखन पटेल।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राज्य सरकार ने पशुपालन विभाग का प्रभार स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री लखन पटेल से वापस ले लिया है। मंगलवार देर रात जारी गजट अधिसूचना के अनुसार अब उनके पास सिर्फ आनंद विभाग रहेगा। सरकार की ओर से विभाग वापस लेने के पीछे फिलहाल कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि एनडीबीबी के कामों में अड़ंगे और संघ की नाराजगी के कारण यह बदलाव किया गया है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पशुपालन विभाग अब अपने पास रखा है। मध्य प्रदेश दुग्ध संघ के संचालन की जिम्मेदारी नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) के पास है। सरकार और एनडीडीबी के बीच पांच साल का करार हुआ है। आरोप है कि एनडीडीबी के कामों को लेकर मंत्री की तरफ से कोई सहयोग नहीं मिल पा रहा था। उनके कामों को अटकाने के काम करने के आरोप है। वहीं, यह भी आरोप है कि स्वावलंबी गौशाला योजना में जमीन को लेकर गड़बड़ी की संघ, केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री को शिकायत की चर्चा है। शिकायतों की जांच के बाद सीएम मोहन यादव ने मंत्री लखन पटेल को तलब किया था। सूत्रों के अनुसार संघ की ओर से लखन पटेल को मंत्री पद से ही हटाने के निर्देश थे, लेकिन दतिया चुनाव और ओबीसी वोट बैंक को देखते हुए विभाग बदलने का निर्णय लिया गया है।
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पटेल दूसरी मंत्री जिन पर कार्रवाई
बता दें, लखन पटेल मोहन सरकार के दूसरे मंत्री हैं, जिन पर कार्रवाई कर विभाग वापस लिया गया है। इससे पहले मंत्री नागर सिंह चौहान पर कार्रवाई की गई थी। नागर सिंह चौहान से वन विभाग लेकर सीएम ने अपने पास रख लिया था। चौहान खदानों की अनुमति देने को लेकर विवादों में आए थे, जिसके बाद उनके मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्रवाई की थी।
ये भी पढ़ें- आज भोपाल पहुंचेगी कांग्रेस की साइकिल यात्राः पुराने शहर का ट्रैफिक बदलेगा,रॉयल मार्केट से एलबीएस तक रास्ता बंद
सरकारी नौकरी छोड़कर राजनीति में आए हैं लखन पटेल
प्रदेश के दमोह जिले की पथरिया विधानसभा सीट से विधायक लखन पटेल ने राजनीति में आने से पहले बैंकिंग क्षेत्र में लंबा कार्यकाल बिताया। उन्होंने जबलपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय से वर्ष 1978-79 में कृषि विषय से स्नातक (बीएससी एग्रीकल्चर) की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक में कई वर्षों तक सेवाएं दीं। बाद में उन्होंने बैंक की नौकरी छोड़ राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। राजनीतिक जीवन के दौरान वे जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष भी रहे।
दूसरी बार चुनाव जीत कर बने मंत्री
पहला चुनाव भाजपा ने वर्ष 2013 में लखन पटेल को दमोह जिले की पथरिया विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाकर मैदान में उतारा था। उन्होंने जीत हासिल कर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया। हालांकि, 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्हें बहुजन समाज पार्टी की उम्मीदवार रामबाई के हाथों हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2023 के चुनाव में उन्होंने जोरदार वापसी करते हुए दोबारा पथरिया सीट जीत ली और फिर से विधानसभा पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट में उन्हें स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री के रूप में शामिल किया गया।
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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पशुपालन विभाग अब अपने पास रखा है। मध्य प्रदेश दुग्ध संघ के संचालन की जिम्मेदारी नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) के पास है। सरकार और एनडीडीबी के बीच पांच साल का करार हुआ है। आरोप है कि एनडीडीबी के कामों को लेकर मंत्री की तरफ से कोई सहयोग नहीं मिल पा रहा था। उनके कामों को अटकाने के काम करने के आरोप है। वहीं, यह भी आरोप है कि स्वावलंबी गौशाला योजना में जमीन को लेकर गड़बड़ी की संघ, केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री को शिकायत की चर्चा है। शिकायतों की जांच के बाद सीएम मोहन यादव ने मंत्री लखन पटेल को तलब किया था। सूत्रों के अनुसार संघ की ओर से लखन पटेल को मंत्री पद से ही हटाने के निर्देश थे, लेकिन दतिया चुनाव और ओबीसी वोट बैंक को देखते हुए विभाग बदलने का निर्णय लिया गया है।
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पटेल दूसरी मंत्री जिन पर कार्रवाई
बता दें, लखन पटेल मोहन सरकार के दूसरे मंत्री हैं, जिन पर कार्रवाई कर विभाग वापस लिया गया है। इससे पहले मंत्री नागर सिंह चौहान पर कार्रवाई की गई थी। नागर सिंह चौहान से वन विभाग लेकर सीएम ने अपने पास रख लिया था। चौहान खदानों की अनुमति देने को लेकर विवादों में आए थे, जिसके बाद उनके मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्रवाई की थी।
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सरकारी नौकरी छोड़कर राजनीति में आए हैं लखन पटेल
प्रदेश के दमोह जिले की पथरिया विधानसभा सीट से विधायक लखन पटेल ने राजनीति में आने से पहले बैंकिंग क्षेत्र में लंबा कार्यकाल बिताया। उन्होंने जबलपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय से वर्ष 1978-79 में कृषि विषय से स्नातक (बीएससी एग्रीकल्चर) की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक में कई वर्षों तक सेवाएं दीं। बाद में उन्होंने बैंक की नौकरी छोड़ राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। राजनीतिक जीवन के दौरान वे जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष भी रहे।
दूसरी बार चुनाव जीत कर बने मंत्री
पहला चुनाव भाजपा ने वर्ष 2013 में लखन पटेल को दमोह जिले की पथरिया विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाकर मैदान में उतारा था। उन्होंने जीत हासिल कर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया। हालांकि, 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्हें बहुजन समाज पार्टी की उम्मीदवार रामबाई के हाथों हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2023 के चुनाव में उन्होंने जोरदार वापसी करते हुए दोबारा पथरिया सीट जीत ली और फिर से विधानसभा पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट में उन्हें स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री के रूप में शामिल किया गया।
