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MP Cabinet: कृषि भूमि के अधिग्रहण पर मिलेगा चार गुना मुआवजा, अस्पतालों में परिजनों के लिए बनेगे शेल्टर होम
Wed, 22 Apr 2026 01:07 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Wed, 22 Apr 2026 01:07 PM IST
सार
मुख्यमंत्री मोहन यादव की कैबिनेट बैठक में किसानों और आम जनता के लिए बड़े फैसले लिए गए हैं। अब जमीन अधिग्रहण पर किसानों को चार गुना मुआवजा मिलेगा और स्वास्थ्य व विकास से जुड़ी कई योजनाओं को मंजूरी दी गई है। अस्पतालाें में मरीजों के परिजनों के ठहरने और खाने-पीने के लिए शेल्टर होम बनेंगे।
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सीएम की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में किसानों, मरीजों और विकास कार्यों को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। किसानों को विकास कार्यों के लिए भूमि अधिग्रहण पर अब चार गुना मुआवजा मिलेगा। प्रदेश में निर्माण और विकास कार्यों को तेज करने के लिए 33 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसमें सड़क, सिंचाई, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं, जिनसे लाखों लोगों को फायदा होगा। सरकार ने भूमि अधिग्रहण को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। मध्यप्रदेश भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार नियम 2015 ' के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए गुणन कारक (Multiplication Factor) को बढ़ाकर 2.0 कर दिया गया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय विकास कार्यों के लिए जमीन लेने पर किसानों को पहले से ज्यादा मुआवजा मिलेगा। नई व्यवस्था के तहत मल्टिप्लिकेशन फैक्टर 1 से बढ़ाकर 2 कर दिया गया है। इस बदलाव के बाद किसानों को अपनी जमीन का करीब चार गुना तक मुआवजा मिल सकेगा।
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स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को मंजूरी
कैबिनेट ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत प्रदेश में उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने, चिकित्सा महाविद्यालयों में उन्नयन और मण्डला में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना के लिए 5 हजार 479 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार मुख्यमंत्री समग्र एवं उन्नत तृतीयक स्वास्थ्य सेवा संस्था सुदृढ़ीकरण योजना (CM CARE 2025) योजना के 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 3 हजार 628 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गए है। योजना के माध्यम से तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के एक सशक्त हब के रूप में शासकीय और स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों एवं निजी क्षेत्र में सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण अंतर्गत ऑन्कोलॉजी (सर्जिकल, मेडिकल एवं रेडिएशन), कार्डियोलॉजी, कार्डियक सर्जरी तथा अंग प्रत्यारोपण इकाइयों की स्थापना आदि का प्रावधान किया जा रहा है। इसके लिए शासकीय निवेश के साथ-साथ निजी भागीदारों की विशेषज्ञता, नवीनतम तकनीक और पूंजी निवेश का उपयोग कर सेवाओं की उन्नत गुणवत्ता और उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही चिकित्सा महाविद्यालयो में उन्नयन के लिए 1 हजार 503 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए। स्वीकृति अनुसार इस योजना से चिकित्सा महाविद्यालयों में अगले 5 वर्षों तक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा सकेगा।
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मण्डला मेडिकल कॉलेज के लिए पुनरीक्षित स्वीकृति
मण्डला में नए सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापना के निर्माण के लिए पूर्व में स्वीकृत 249 करोड़ 63 लाख रूपये के स्थान पर 347 करोड़ 39 लाख रुपए की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। स्थल परिवर्तन के कारण तकनीकी कारणों से लागत में वृद्धि के कारण पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। मण्डला में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना से आसपास के क्षेत्र की जनता को तृतीयक स्तर की चिकित्सा सुविधाएं सुलभता से प्राप्त होंगी।
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अस्पतालों में परिजनों के ठहरने-खाने की सुविधा
कैबिनेट ने मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए भी बड़ी राहत दी है। अब मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में ठहरने और खाने-पीने की सस्ती व्यवस्था की जाएगी। यह सुविधा “नो प्रॉफिट-नो लॉस” आधार पर संचालित होगी और इसका संचालन गैर-लाभकारी संस्थाओं (NGO) के माध्यम से किया जाएगा। इससे दूर-दराज से आने वाले लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी।
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पीडब्ल्यूडी के लिए 25 हजार करोड़ रुपए की स्वीकृति
लोक निर्माण विभाग (PWD) के अंतर्गत 25,164 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसमें ग्रामीण सड़कों और जिला मार्गों के निर्माण व उन्नयन के लिए 6,150 करोड़, पुलों और सड़कों के उन्नयन के लिए 1,087 करोड़, भवनों की मरम्मत के लिए 765 करोड़ और वृहद पुलों के निर्माण के लिए 9,950 करोड़ रुपये शामिल हैं।
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नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना जारी रहेगी
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने कक्षा 6वीं और 9वीं के विद्यार्थियों के लिए नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का निर्णय लिया है। इस पर 990 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही शिक्षण संस्थानों और शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए आठ परियोजनाओं पर 1,200 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। उन्नत चिकित्सा सेवाओं के लिए 5,879 करोड़ रुपये की भी स्वीकृति दी गई है।
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सिंचाई परियोजनाओं को भी मंजूरी
सरकार ने सिंचाई क्षेत्र को बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। इन्दौख-रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 157 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। उज्जैन की इन्दौरुद्रखेड़ा सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिससे 10,800 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचित किया जाएगा और 35 गांवों को लाभ मिलेगा। वहीं छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना के लिए 969 करोड़ रुपये का पुनर्वास पैकेज दिया गया है। इस परियोजना से 600 गांवों और करीब 1.90 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को लाभ मिलने की संभावना है।
इन प्रस्तावों को भी मंजूरी
कैबिनेट ने राज्य वित्त आयोग के कार्यों के संपादन के लिए कार्यकाल अवधि के लिए 15 पदों के सृजन की स्वीकृति दी है। राज्य शासन द्वारा छठवें राज्य वित्त आयोग का गठन किया जा चुका है। बैठक में "मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तृतीय चरण को तीन वर्ष के संचालन के लिए 23 करोड़ 90 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही लोक सेवा प्रबंधन विभाग को अग्रिम कार्यवाही तथा प्रक्रिया निर्धारण कर नियमों एवं निर्देशों को जारी कर क्रियान्वयन के लिये अधिकृत किया गया है।
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स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को मंजूरी
कैबिनेट ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत प्रदेश में उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने, चिकित्सा महाविद्यालयों में उन्नयन और मण्डला में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना के लिए 5 हजार 479 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार मुख्यमंत्री समग्र एवं उन्नत तृतीयक स्वास्थ्य सेवा संस्था सुदृढ़ीकरण योजना (CM CARE 2025) योजना के 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 3 हजार 628 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गए है। योजना के माध्यम से तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के एक सशक्त हब के रूप में शासकीय और स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों एवं निजी क्षेत्र में सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण अंतर्गत ऑन्कोलॉजी (सर्जिकल, मेडिकल एवं रेडिएशन), कार्डियोलॉजी, कार्डियक सर्जरी तथा अंग प्रत्यारोपण इकाइयों की स्थापना आदि का प्रावधान किया जा रहा है। इसके लिए शासकीय निवेश के साथ-साथ निजी भागीदारों की विशेषज्ञता, नवीनतम तकनीक और पूंजी निवेश का उपयोग कर सेवाओं की उन्नत गुणवत्ता और उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही चिकित्सा महाविद्यालयो में उन्नयन के लिए 1 हजार 503 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए। स्वीकृति अनुसार इस योजना से चिकित्सा महाविद्यालयों में अगले 5 वर्षों तक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा सकेगा।
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मण्डला मेडिकल कॉलेज के लिए पुनरीक्षित स्वीकृति
मण्डला में नए सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापना के निर्माण के लिए पूर्व में स्वीकृत 249 करोड़ 63 लाख रूपये के स्थान पर 347 करोड़ 39 लाख रुपए की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। स्थल परिवर्तन के कारण तकनीकी कारणों से लागत में वृद्धि के कारण पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। मण्डला में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना से आसपास के क्षेत्र की जनता को तृतीयक स्तर की चिकित्सा सुविधाएं सुलभता से प्राप्त होंगी।
ये भी पढ़ें- MP Weather Today: एमपी में भीषण गर्मी, खजुराहो-नर्मदापुरम में पारा 43 डिग्री पार; इन 10 जिलों में लू का अलर्ट
अस्पतालों में परिजनों के ठहरने-खाने की सुविधा
कैबिनेट ने मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए भी बड़ी राहत दी है। अब मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में ठहरने और खाने-पीने की सस्ती व्यवस्था की जाएगी। यह सुविधा “नो प्रॉफिट-नो लॉस” आधार पर संचालित होगी और इसका संचालन गैर-लाभकारी संस्थाओं (NGO) के माध्यम से किया जाएगा। इससे दूर-दराज से आने वाले लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी।
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पीडब्ल्यूडी के लिए 25 हजार करोड़ रुपए की स्वीकृति
लोक निर्माण विभाग (PWD) के अंतर्गत 25,164 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसमें ग्रामीण सड़कों और जिला मार्गों के निर्माण व उन्नयन के लिए 6,150 करोड़, पुलों और सड़कों के उन्नयन के लिए 1,087 करोड़, भवनों की मरम्मत के लिए 765 करोड़ और वृहद पुलों के निर्माण के लिए 9,950 करोड़ रुपये शामिल हैं।
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नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना जारी रहेगी
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने कक्षा 6वीं और 9वीं के विद्यार्थियों के लिए नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का निर्णय लिया है। इस पर 990 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही शिक्षण संस्थानों और शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए आठ परियोजनाओं पर 1,200 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। उन्नत चिकित्सा सेवाओं के लिए 5,879 करोड़ रुपये की भी स्वीकृति दी गई है।
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सिंचाई परियोजनाओं को भी मंजूरी
सरकार ने सिंचाई क्षेत्र को बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। इन्दौख-रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 157 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। उज्जैन की इन्दौरुद्रखेड़ा सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिससे 10,800 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचित किया जाएगा और 35 गांवों को लाभ मिलेगा। वहीं छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना के लिए 969 करोड़ रुपये का पुनर्वास पैकेज दिया गया है। इस परियोजना से 600 गांवों और करीब 1.90 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को लाभ मिलने की संभावना है।
इन प्रस्तावों को भी मंजूरी
कैबिनेट ने राज्य वित्त आयोग के कार्यों के संपादन के लिए कार्यकाल अवधि के लिए 15 पदों के सृजन की स्वीकृति दी है। राज्य शासन द्वारा छठवें राज्य वित्त आयोग का गठन किया जा चुका है। बैठक में "मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तृतीय चरण को तीन वर्ष के संचालन के लिए 23 करोड़ 90 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही लोक सेवा प्रबंधन विभाग को अग्रिम कार्यवाही तथा प्रक्रिया निर्धारण कर नियमों एवं निर्देशों को जारी कर क्रियान्वयन के लिये अधिकृत किया गया है।
