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MP Budget 2025: ड्रोन प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए नई नीति की तैयारी, औद्योगीकरण पर विशेष ध्यान; जानें

Wed, 12 Mar 2025 01:51 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: शबाहत हुसैन Updated Wed, 12 Mar 2025 01:51 PM IST
सार

MP Budget 2025: मध्यप्रदेश बजट 2025 सरकार की औद्योगीकरण, निवेश और रोजगार सृजन की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार का ध्यान स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने और नई तकनीकों के विकास पर है। 
 

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MP Budget 2025: New policy prepared to promote drone technology
ड्रोन प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए नई नीति की तैयारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को मध्यप्रदेश विधानसभा में वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया, जिसमें सरकार ने निवेश, औद्योगीकरण और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी है। बजट में वर्ष 2025-26 को "उद्योग और रोजगार वर्ष" के रूप में मनाने की घोषणा की गई, जिससे प्रदेश को औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। 
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मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया है। इसी दिशा में फरवरी 2025 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया, जिसके दौरान 89 एमओयू (समझौता ज्ञापन) हस्ताक्षरित हुए। इससे 26.61 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 21 लाख से अधिक नए रोजगार उत्पन्न होने की संभावना है।
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"डेस्टिनेशन - मध्यप्रदेश निवेश" अभियान के तहत अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिससे 3.74 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश प्रस्ताव मिले हैं। सरकार का मानना है कि यह निवेश प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के असंख्य अवसर प्रदान करेगा।
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प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को और गति देने के लिए सरकार 14,500 एकड़ भूमि पर 39 नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास कर रही है। इससे 3 लाख से अधिक नए रोजगार उत्पन्न होने की संभावना है। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को सरल बनाने के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत 287 बिंदुओं में से 282 सुधार लागू किए जा चुके हैं। 

इसके परिणामस्वरूप, भूमि आवंटन प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया गया है। जीआईएस आधारित भूमि आवंटन प्रणाली लागू की गई, जिससे भूमि आवंटन की समय अवधि 59 दिन से घटकर 29 दिन हो गई है। अब तक 1,880 से अधिक भूखंडों का आवंटन डिजिटल प्रणाली के माध्यम से किया जा चुका है। उद्योगों के लिए अनुमतियों की संख्या घटाई गई है और प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया गया है।

'एक जिला एक उत्पाद' पर जोर
प्रदेश सरकार "एक जिला एक उत्पाद" योजना के तहत स्थानीय कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने के लिए प्रयासरत है। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि परंपरागत हस्तशिल्प और उत्पादों को भी बढ़ावा मिलेगा। अशोकनगर का चंदेरी हैंडलूम, धार का बाग प्रिंट, बालाघाट का चिरौंजी चावल, रतलाम का रतलामी सेव और सीहोर के लकड़ी के खिलौने प्रदेश की समृद्ध हस्तकला और स्थानीय उत्पादों की पहचान हैं। 

गर्व की बात यह है कि प्रदेश के 19 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हो चुका है, जिनमें चंदेरी साड़ी, महेश्वर साड़ी, बाटिक प्रिंट, रतलामी सेव, मूंगिया गजक और शरबती गेहूं शामिल हैं। सरकार इन उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग करने के लिए विशेष योजनाएँ चला रही है। मध्यप्रदेश सरकार नवाचार और अत्याधुनिक उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए भी बड़े कदम उठा रही है। टियर-2 शहरों में ग्लोबल केपेबिलिटी सेंटर (GCCs) को प्रोत्साहित किया जा रहा है। 

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एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, कॉमिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण इकाइयों के विस्तार के लिए नई नीतियां लागू की जा रही हैं। ड्रोन प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए विशेष औद्योगिक नीति बनाई जा रही है। इन प्रयासों का लक्ष्य मध्यप्रदेश को भविष्य की तकनीकों का केंद्र बनाना है, जिससे युवाओं को आधुनिक उद्योगों में रोजगार के अवसर मिलेंगे।


2024 के बजट में क्या खास था?
पिछले साल सरकार ने प्रदेश में उद्योगों और निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े फैसले किए। टेक्सटाइल, आईटी, फार्मा, ऑटोमोबाइल और अक्षय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों को आगे बढ़ाने के लिए विशेष योजनाएं बनाई गईं थी। उज्जैन में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन हुआ, जिसमें 12,170 करोड़ रुपये के निवेश से हजारों रोजगार के अवसर बनने की संभावना बनी। 


धार जिले में पीएम मित्रा पार्क स्थापित करने की घोषणा की गई, जिससे कपड़ा उद्योग को मजबूती मिलेगी और लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा, मुरैना के सीतापुर में मेगा लेदर फुटवेयर पार्क की नींव रखी गई, जिससे प्रदेश के चमड़ा उद्योग को गति मिलेगी। उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क की भी शुरुआत हुई, जिससे चिकित्सा उपकरणों के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ सुधारों के तहत सरकार ने कई नियमों को सरल बनाया और उद्योगों के लिए नए अवसर खोले।
 
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