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MP Assembly Session: ग्रीन बेल्ट-सरकारी जमीनों पर बनी अवैध कॉलोनियां नहीं होंगी वैध, विधानसभा में बोले कैलाश

Thu, 04 Jul 2024 11:13 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल Published by: दिनेश शर्मा Updated Thu, 04 Jul 2024 11:13 PM IST
सार

सदन में भाजपा विधायक हरदीप सिंह डंग के अवैध कॉलोनियों को लेकर किए सवाल पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने साफ कहा कि प्रदेश में ग्रीन बेल्ट और सरकारी जमीनों पर बनी अवैध कॉलोनियां वैध नहीं होंगी। 

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MP Assembly Session: Illegal colonies built on green belt-government lands will not be legal, Kailash said
मध्य प्रदेश विधानसभा - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन की कार्रवाई शुरू होते ही एक बार फिर सदन में नर्सिंग घोटाले के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा। विपक्ष ने नर्सिंग घोटाले पर विशेषाधिकार नियम के तहत चर्चा की मांग की। इधर, सहकारिता और खेल व युवा मामलों के मंत्री विश्वास सारंग में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि कई नर्सिंग कॉलेज को परमिशन कांग्रेस के शासनकाल में दी गई। सदन में भाजपा विधायक हरदीप सिंह डंग के अवैध कॉलोनियों को लेकर किए सवाल पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने साफ कहा कि प्रदेश में ग्रीन बेल्ट और सरकारी जमीनों पर बनी अवैध कॉलोनियां वैध नहीं होंगी। 
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विजयवर्गीय ने डंग के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि अवैध कॉलोनियों की समस्या के पीछे काम चल रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश हैं, हम कार्रवाई कर रहे हैं। अवैध कॉलोनी प्रदेश में नहीं बने, इस पर हम कड़े नियम बना रहे हैं। आगामी सदन में विधेयक प्रस्तुत करेंगे। विजयवर्गीय ने कहा कि ग्रीन बेल्ट, सरकारी जमीन पर बनी अवैध कॉलोनी वैध नहीं होंगी। इनसे हटकर जो दूसरी कॉलोनियां हैं, वहां अधोसंरचना संबंधी काम होंगे। कांग्रेस विधायक दिनेश जैन बोले- अवैध कॉलोनियां धड़ल्ले से कट रही हैं। मेरी विधानसभा में अभी भी 20 से 25 कॉलोनियां काटी जा रही हैं।
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सिर्फ हंगामा करने से काम चलने वाला नहीं
नर्सिंग घोटाले पर विपक्ष के हंगामे को लेकर मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि सदन में नर्सिंग गड़बड़ी मामले पर पर्याप्त समय मिला। विपक्ष को आगे भी समय मिलेगा, लेकिन सिर्फ हंगामा करने से काम चलने वाला नहीं है। मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए। सरकार किसी भी मुद्दे से भाग नहीं रही है। बजट में किसी क्षेत्र में किसी जनप्रतिनिधि को कोई समस्या हो, मुझे आकर मिले। मैं व्यक्तिगत तौर पर उनकी मदद करूंगा। 
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बीआरटीएस बसों के मामले में जांच के आदेश
वहीं, कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने बीआरटीएस की बसों को लेकर सवाल किया। लेकिन जवाब से वह संतुष्ट नहीं हुए। कांग्रेस विधायक ने कहा बीआरटीएस कॉरिडोर में संचालित बीसीएलएल बस संचालन के लिए ठेकेदार को इंदौर में पांच करोड़ और भोपाल में दो करोड़ की अतिरिक्त राशि दी गई। जबकि टेंडर की शर्तों में इसका प्रावधान नहीं था गड़बड़ी की गई है। इस पर मंत्री विजयवर्गीय ने जांच के आदेश देते हुए कहा कि प्रमुख सचिव मामले की जांच करेंगे, गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। 
 
कांग्रेस विधायक मूंग की बोरी लेकर विधानसभा पहुंचे
कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह विरोध के चलते मूंग की बोरी लेकर विधानसभा पहुंचे। मूंग खरीदी को 16 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के स्थान पर आठ क्विंटल प्रति हेक्टेयर करने की मांग की।

अमरकंटक में नल जल योजना पर सवाल
कांग्रेस विधायक बुंदेलाल मार्को ने सदन में सवाल पूछते हुआ कहा कि 2017 में अमरकंटक के लिए 23 करोड़ की नल जल योजना दी गई। लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हुआ है। इस पर कैलाश विजयवर्गीय बोले- फॉरेस्ट एरिया आने के कारण परमिशन में समय लग रहा है। तीन महीने में परमिशन देने की कोशिश करेंगे।

सिंघार ने पेट्रोल डीजल की कीमतों को लेकर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले आठ हजार करोड़ की घोषणाएं की गई। काम आठ करोड़ का भी शुरू नहीं हुआ। मप्र में दूसरे राज्यों के मुकाबले पेट्रोल-डीजल सबसे ज्यादा महंगा है। बजट में इसकी कीमत घटाने को लेकर कोई प्रावधान नहीं किया गया। इससे पहले नर्सिंग घोटाले के मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंत्री विश्वास सारंग के खिलाफ विशेषाधिकार हनन पर चर्चा की मांग की। इस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि उन्हें सूचनाएं मिली हैं। इनका परीक्षण करने के बाद आगे का निर्णय लेंगे। विपक्ष चर्चा कराने की मांग पर अड़ा रहा। इसके चलते सदन में हंगामे की स्थिति बन गई।

बगैर इजाजत राष्ट्रपति से भूमिपूजन कराया
सिंघार ने कहा कि मई 2022 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भोपाल आए थे। उन्होंने ईदगाह हिल्स पर रेस्पिरेटरी इंस्टीट्यूट का भूमिपूजन किया था, लेकिन जहां इस सेंटर का भूमिपूजन कराया गया, वहां एयरपोर्ट अथॉरिटी और सेना ने इजाजत नहीं दी। वो काम शुरू नहीं हो पाया। राष्ट्रपति से ऐसी जगह का भूमिपूजन करा लिया, जहां कि परमिशन नहीं थी। उमंग सिंघार ने कहा कि लोकायुक्त के आठ प्रतिवेदन लंबित हैं। क्या सरकार भ्रष्टाचार को छिपाना चाहती है। सरकारी संपत्तियां बेची जा रही हैं। 500 करोड़ में जो संपत्ति बेची गई, उसकी बाजार मूल्य 5 हजार करोड़ होगा। ये पैसा किसकी जेब में जा रहा है।


मंत्री काश्यप नहीं लेंगे वेतन-भत्ते
एमएसएमई मंत्री चेतन काश्यप ने सदन में मंत्री पद के वेतन-भत्ते छोड़ने का एलान किया। उन्होंने कहा कि जो संपन्न हैं उन्हें ऐसा करना चाहिए।

रात 10 बजे तक चली सदन की कार्यवाही
हंगामे के बाद गुरुवार को विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन रात 10 बजे तक सदन की कार्यवाही चलती रही। बजट को लेकर पक्ष विपक्ष एक दूसरे को घेरते रहे। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि बजट में ओबीसी के लिए कम राशि का प्रावधान क्यों किया गया। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि वित्त मंत्री के नाते मुझे यह कष्ट हुआ कि पूरे बजट को नहीं सुना गया। कम से कम आप बात को सुनते फिर आप अपनी बात कहते रहे। इस दौरान सदन में कई बार हंगामे की स्थिति भी बनी। कांग्रेस ने नर्सिंग घोटाला, महाकाल लोक में भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दे उठाए। कांग्रेस विधायक महेश परमार ने कहा कि उज्जैन में सिंहस्थ के नाम पर बेशकीमती जमीन की बंदरबांट की जा रही हैं। उनके इस बयान पर सदन में जमकर हंगामा हुआ।
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