{"_id":"650e8708c457cbdbb7067b49","slug":"mp-a-gate-of-bhadbhada-dam-was-opened-at-3-oclock-in-the-night-such-an-opportunity-came-after-20-years-2023-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: रात तीन बजे खोला गया भदभदा डैम का एक गेट, 20 साल बाद आया ऐसा अवसर, भोपालवासियों का इंतजार हुआ खत्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: रात तीन बजे खोला गया भदभदा डैम का एक गेट, 20 साल बाद आया ऐसा अवसर, भोपालवासियों का इंतजार हुआ खत्म
Sat, 23 Sep 2023 12:04 PM IST
लोकेंद्र सिंह चंपावत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: लोकेंद्र सिंह चंपावत
Updated Sat, 23 Sep 2023 12:04 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के भोपाल में भदभदा डैम को रात तीन बजे खोला गया। करीब 20 साल बाद भोपालवासियों का इंतजार खत्म हुआ है। लोगों ने उत्साहित होकर डैम को रात में देखने निकले पड़े।
विज्ञापन
रात तीन बजे खोला गया भदभदा डैम का एक गेट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भोपाल में डैम के गेट खुलने का इंतजार लोगों को हर मानसून में रहता है। इस बार के मानसून ने भोपालवासियों को इस अवसर के लिए खासा इंतजार करवाया। लेकिन सितंबर माह में ये मौका आ ही गया, जब भदभदा डैम के गेट खोले गए।
विज्ञापन
भोपालवासियों को जिस घड़ी का इंतजार था। आखिर वह पल आ ही गया। भोपाल का बड़ा तालाब अपने फुल टैंक लेवल के नजदीक 1666.50 फीट पर पहुंच गया है। इसी को देखते हुए भदभदा डैम का एक गेट रात्रि तीन बजे खोला गया। इस मानसून में यह पहला मौका है जब भोपाल में किसी डैम का गेट खोला गया हो। इतना ही नहीं बताया जा रहा है कि 20 साल बाद ऐसा अवसर आया है जब सितंबर के महीने में भदभदा डैम का गेट खोला गया हो। इसके पहले 2003 में ऐसा मौका बना था। डैम के गेट खोले जाने की सूचना पाते ही उत्साहित भोपालवासी रात में ही अद्भुत दृश्य देखने के लिए भदभदा के नजदीक एकत्र हो गए। एतिहात के तौर पर सबसे पहले सायरन बजाया गया। उसके बाद डैम के गेट खोले गए। सीहोर में बारिश होने, कोलांस नदी में पानी बढ़ने और बड़े तालाब के कैचमेंट एरिया के पानी भरने से ऐसी स्थिति बनी। आगे परेशानी न हो ऐसे में सतर्कता के लिए पहले से ही गेट खोलकर पानी को डिस्चार्ज किया है।
विज्ञापन
सीहोर में बारिश से बिगड़े हालात
सीहोर में चार घंटे के चार इंच बारिश दर्ज की गई। इसका असर सीहोर के साथ-साथ भोपाल के आस-पास ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में भी देखने को मिला। कई स्थानों पर जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया। छोटे पुल और रपटों पर से पानी बहने से आवागमन भी प्रभावित हो गया। कोलान्स नदी में आठ फीट से अधिक पानी भर जाने से हालात बिगड़ गए। जो लोग फंस गए थे, उन्हें सकुशल निकाला गया। भोपाल में अब तक 36.24 इंच बारिश हो चुकी है।
विज्ञापन
