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Mother Milk Bank: भोपाल के काटजू अस्पताल में अमृत कलश की शुरुआत, अब हर नवजात को मिलेगा मां के दूध का संबल
Fri, 29 Aug 2025 08:10 AM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Fri, 29 Aug 2025 08:10 AM IST
सार
नवजात शिशुओं, विशेष रूप से समय से पूर्व जन्मे, कमजोर एवं बीमार बच्चों को मां के दूध द्वारा जीवनरक्षक पोषण प्रदान करने के उद्देश्य से राजधानी भोपाल के डॉ. कैलाशनाथ काटजू चिकित्सालय में मानव मिल्क बैंक का शुभारम्भ किया गया।
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डॉ. कैलाशनाथ काटजू चिकित्सालय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गणेश चतुर्थी एवं कृष्ण जन्माष्टमी जैसे पर्वों के शुभ अवसर पर नवजात शिशुओं, विशेष रूप से समय से पूर्व जन्मे, कमजोर एवं बीमार बच्चों को मां के दूध द्वारा जीवनरक्षक पोषण प्रदान करने के उद्देश्य से राजधानी भोपाल के डॉ. कैलाशनाथ काटजू चिकित्सालय में मानव मिल्क बैंक का शुभारम्भ किया गया।
शिशु मृत्यु दर में भी कमी आएगी
डॉ. रचना दुबे, नोडल अधिकारी, केएनके चिकित्सालय ने बताया कि यह कदम उन नवजात शिशुओं के लिए आशा की किरण है जिन्हें किसी कारणवश अपनी मां का दूध नहीं मिल पाता। यह मिल्क बैंक माताओं के दान किए गए दूध को सुरक्षित रूप से पाश्चराइज कर नवजात शिशुओं को उपलब्ध कराने का कार्य करेगा। इससे शिशु मृत्यु दर में भी कमी आएगी और माताओं एवं बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। यह एक बहुत ही जरूरी और अच्छा कदम है जिससे कोई भी शिशु मां के दूध से वंचित न रहे। ।
यह भी पढ़ें-पटवारी के बाद मुस्लिम नेता के बिगड़े बोल, कहा- तीज पर तेरी मां-बहन भी पीती है
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भर्ती मरीजों के लिए उपलब्ध होगी सुविधा
यह सुविधा केवल डॉ.कैलाशनाथ काटजू चिकित्सालय में भर्ती मरीजों के लिए उपलब्ध होगी। मिल्क बैंक के शुभारम्भ अवसर पर चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. बलराम उपाध्याय, मिल्क बैंक इंचार्ज डॉ.स्मिता सक्सेना एवं अन्य सभी विशेषज्ञ, चिकित्सक एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
मानव मिल्क बैंक क्या है?
1- यह एक सेवा है जो स्तनपान कराने वाली माताओं से दूध दान के रूप में प्राप्त करती है।
2- यह दूध नवजात शिशुओं, विशेषकर समय से पहले जन्मे शिशुओं, या उन माताओं के बच्चों को दिया जाता है जो किन्हीं कारणों से स्तनपान कराने में असमर्थ हैं।
3- इस दूध को पाश्चुरीकृत किया जाता है और छह महीने तक सुरक्षित रूप से संग्रहीत किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें-PWD के सीनियर अकाउंटेंट को लोकायुक्त ने रिश्वत लेते दबोचा, ठेकेदार की FD वापस करने मांग रहा था पैसे
मिल्क बैंक के लाभ
1- यह नवजात शिशुओं में संक्रमण के खतरे को कम करने और उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने में मदद करता है।
2-यह उन शिशुओं को पोषण प्रदान करता है जिन्हें अन्यथा मां का दूध नहीं मिल पाता, जिससे उनकी जान बचाई जा सकती है।
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शिशु मृत्यु दर में भी कमी आएगी
डॉ. रचना दुबे, नोडल अधिकारी, केएनके चिकित्सालय ने बताया कि यह कदम उन नवजात शिशुओं के लिए आशा की किरण है जिन्हें किसी कारणवश अपनी मां का दूध नहीं मिल पाता। यह मिल्क बैंक माताओं के दान किए गए दूध को सुरक्षित रूप से पाश्चराइज कर नवजात शिशुओं को उपलब्ध कराने का कार्य करेगा। इससे शिशु मृत्यु दर में भी कमी आएगी और माताओं एवं बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। यह एक बहुत ही जरूरी और अच्छा कदम है जिससे कोई भी शिशु मां के दूध से वंचित न रहे। ।
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भर्ती मरीजों के लिए उपलब्ध होगी सुविधा
यह सुविधा केवल डॉ.कैलाशनाथ काटजू चिकित्सालय में भर्ती मरीजों के लिए उपलब्ध होगी। मिल्क बैंक के शुभारम्भ अवसर पर चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. बलराम उपाध्याय, मिल्क बैंक इंचार्ज डॉ.स्मिता सक्सेना एवं अन्य सभी विशेषज्ञ, चिकित्सक एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
मानव मिल्क बैंक क्या है?
1- यह एक सेवा है जो स्तनपान कराने वाली माताओं से दूध दान के रूप में प्राप्त करती है।
2- यह दूध नवजात शिशुओं, विशेषकर समय से पहले जन्मे शिशुओं, या उन माताओं के बच्चों को दिया जाता है जो किन्हीं कारणों से स्तनपान कराने में असमर्थ हैं।
3- इस दूध को पाश्चुरीकृत किया जाता है और छह महीने तक सुरक्षित रूप से संग्रहीत किया जा सकता है।
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मिल्क बैंक के लाभ
1- यह नवजात शिशुओं में संक्रमण के खतरे को कम करने और उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने में मदद करता है।
2-यह उन शिशुओं को पोषण प्रदान करता है जिन्हें अन्यथा मां का दूध नहीं मिल पाता, जिससे उनकी जान बचाई जा सकती है।
