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मोहन कैबिनेट बैठक: बिजली कंपनियों में 49 हजार से ज्यादा पदों की मंजूरी, सिंचाई जलकर पर ब्याज और जुर्माना माफ
Wed, 09 Jul 2025 07:10 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 09 Jul 2025 07:10 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। बिजली कंपनियों में 49 हजार पदों पर भर्ती की मंजूरी और किसानों पर सिंचाई राशि के ब्याज व जुर्माने को खत्म कर दिया गया। बैठक में महिलाओं, वन क्षेत्र और निवेश से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता बुधवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में तीनों विद्युत वितरण कंपनियों की संगठनात्मक संरचना में 49 हजार 263 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई। नियमित पदों के सृजन के फलस्वरूप पूर्व स्वीकृत पदों में से 17 हजार 620 अनुपयोगी पद समाप्त किए गए हैं और डाइंग कैडर में 5650 पदों पर कार्यरत कार्मिकों की सेवानिवृत्ति और त्यागपत्र आदि के बाद ये पद भी समाप्त किए जाएंगे। कंपनियों द्वारा सीधी भर्ती के लिए पदों की गणना करते समय इन पदों को संज्ञान में रखा जाएगा। विद्युत वितरण कंपनियों में संविदा आधार पर कार्यरत कार्मिक, निर्धारित आयु सीमा के पूर्ण होने अथवा नियमित सीधी भर्ती के पद पर चयनित होने तक कार्य कर सकेंगे। कंपनियों द्वारा नियमित पदों पर सीधी भर्ती के रिक्त पदों की गणना करते समय समकक्ष पद पर तत्समय कार्यरत संविदा कार्मिक की संख्या को घटाकर शेष रिक्त पदों पर सीधी भर्ती की जा सकेगी। वितरण कंपनियों को संगठनात्मक संरचना के अनुरूप कार्मिकों की समय-समय पर भर्ती के लिए ऊर्जा विभाग को अधिकृत किया गया है।
कैंपा फंड से 1038 करोड़ खर्च की मंजूरी
कैबिनेट ने प्रतिकरात्मक वन रोपण निधि (कैंपा निधि) के लिए वर्ष 2025-26 की वार्षिक कार्य आयोजना (Annual Plan of Operation) में अनुमोदित कार्यों के क्रियान्वयन के लिए 1478 करोड़ 38 लाख में से 1038 करोड़ रुपये के उपयोग की स्वीकृति दी गई। इस राशि का 80 प्रतिशत वन एवं वन्यप्राणी प्रबंधन एवं 20 प्रतिशत वन और वन्यजीव संबंधी अधोसंरचना के सुदृढीकरण पर व्यय किया जाता है। यह राशि वनों के सुधार, नदियों के पुनजीर्वन, पौधरोपण और वन्यप्राणी क्षेत्रों के विकास जैसे कार्यों में उपयोग की जाएगी।
66 नए आंगनवाड़ी केंद्र, 134 पद मंजूर
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 66 नए आंगनवाड़ी केंद्र खोलने की मंजूरी दी गई है। इसके लिए 134 नए पदों का भी सृजन किया गया है। योजना पर कुल 15.21 करोड़ रुपये खर्च होंगे। स्वीकृति अनुसार 66 आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 66 पद (मानसेवी), आंगनवाड़ी सहायिका के 66 पद (मानसेवी) तथा आंगनवाड़ी केंद्रों के पर्यवेक्षण के लिए पर्यवेक्षक के 02 पद नियमित शासकीय सेवक के पद शामिल हैं।
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किसानों को सिंचाई जलकर पर राहत
राज्य सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए सिंचाई जलकर पर ब्याज और दंड राशि माफ करने का फैसला लिया है। यदि किसान 31 मार्च 2026 तक मूल राशि चुका देते हैं तो करीब 84 करोड़ रुपये का ब्याज माफ होगा। इससे 35 लाख किसान लाभान्वित होंगे। जानकारी के अनुसार 31 मार्च 2025 की स्थिति में कृषकों पर सिंचाई जलकर की अवशेष राशि 647 करोड़ 67 लाख रुपये बकाया हैं। इसमें मूल राशि 563 करोड़ 29 लाख रुपये एवं ब्याज राशि 84 करोड़ 17 लाख रुपये है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022-23 में 45 करोड़ 58 लाख रुपये, वर्ष 2023-34 में 36 करोड़ 98 लाख रुपये और वर्ष 2024-25 में 35 करोड़ 43 लाख रुपये का सिंचाई राजस्व मिला है।
ग्रीष्मकालीन मूंग-उड़द की खरीदी को मंजूरी
कैबिनेट ने प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत रबी विपणन वर्ष 2023-26 तक ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की खरीदी के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। साथ ही ग्रीष्मकालीन वर्ष 2024-25 (विपणन वर्ष 2025-26) में मूंग एवं उड़द का पंजीकृत कृषकों से उपार्जन, राज्य उपार्जन एजेंसी म.प्र. राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित द्वारा किए जाने का निर्णय लिया गया है।
लेक व्यू होटल का होगा निजी विकास
भोपाल स्थित होटल लेक व्यू रेसीडेंसी को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने का निर्णय लिया गया है। पंजीयन और स्टांप शुल्क की प्रतिपूर्ति पर्यटन विभाग के बजट से होगी।
3 संभागों में नए क्षेत्रीय कार्यालय, 7 पदों की मंजूरी
नर्मदापुरम, चंबल और शहडोल संभागों में स्थानीय निधि संपरीक्षा के क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित होंगे। निवाड़ी, मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा जिलों के लिए 7 सहायक संचालक पद भी स्वीकृत किए गए हैं।
विद्युत क्रय अनुबंध समाप्त करने का फैसला
पूर्व में वैरिएबल दर पर विद्युत क्रय अनुबंध करने वाले विकासकों से अनुबंध समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। उनसे नुकसान की भरपाई कर बैंक गारंटी लौटाई जाएगी।
स्टांप संशोधन विधेयक को मंजूरी
भारतीय स्टांप (मध्य प्रदेश संशोधन) विधेयक 2025 को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इससे राज्य को लगभग 212 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा।
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कैंपा फंड से 1038 करोड़ खर्च की मंजूरी
कैबिनेट ने प्रतिकरात्मक वन रोपण निधि (कैंपा निधि) के लिए वर्ष 2025-26 की वार्षिक कार्य आयोजना (Annual Plan of Operation) में अनुमोदित कार्यों के क्रियान्वयन के लिए 1478 करोड़ 38 लाख में से 1038 करोड़ रुपये के उपयोग की स्वीकृति दी गई। इस राशि का 80 प्रतिशत वन एवं वन्यप्राणी प्रबंधन एवं 20 प्रतिशत वन और वन्यजीव संबंधी अधोसंरचना के सुदृढीकरण पर व्यय किया जाता है। यह राशि वनों के सुधार, नदियों के पुनजीर्वन, पौधरोपण और वन्यप्राणी क्षेत्रों के विकास जैसे कार्यों में उपयोग की जाएगी।
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66 नए आंगनवाड़ी केंद्र, 134 पद मंजूर
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 66 नए आंगनवाड़ी केंद्र खोलने की मंजूरी दी गई है। इसके लिए 134 नए पदों का भी सृजन किया गया है। योजना पर कुल 15.21 करोड़ रुपये खर्च होंगे। स्वीकृति अनुसार 66 आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 66 पद (मानसेवी), आंगनवाड़ी सहायिका के 66 पद (मानसेवी) तथा आंगनवाड़ी केंद्रों के पर्यवेक्षण के लिए पर्यवेक्षक के 02 पद नियमित शासकीय सेवक के पद शामिल हैं।
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किसानों को सिंचाई जलकर पर राहत
राज्य सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए सिंचाई जलकर पर ब्याज और दंड राशि माफ करने का फैसला लिया है। यदि किसान 31 मार्च 2026 तक मूल राशि चुका देते हैं तो करीब 84 करोड़ रुपये का ब्याज माफ होगा। इससे 35 लाख किसान लाभान्वित होंगे। जानकारी के अनुसार 31 मार्च 2025 की स्थिति में कृषकों पर सिंचाई जलकर की अवशेष राशि 647 करोड़ 67 लाख रुपये बकाया हैं। इसमें मूल राशि 563 करोड़ 29 लाख रुपये एवं ब्याज राशि 84 करोड़ 17 लाख रुपये है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022-23 में 45 करोड़ 58 लाख रुपये, वर्ष 2023-34 में 36 करोड़ 98 लाख रुपये और वर्ष 2024-25 में 35 करोड़ 43 लाख रुपये का सिंचाई राजस्व मिला है।
ग्रीष्मकालीन मूंग-उड़द की खरीदी को मंजूरी
कैबिनेट ने प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत रबी विपणन वर्ष 2023-26 तक ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की खरीदी के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। साथ ही ग्रीष्मकालीन वर्ष 2024-25 (विपणन वर्ष 2025-26) में मूंग एवं उड़द का पंजीकृत कृषकों से उपार्जन, राज्य उपार्जन एजेंसी म.प्र. राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित द्वारा किए जाने का निर्णय लिया गया है।
लेक व्यू होटल का होगा निजी विकास
भोपाल स्थित होटल लेक व्यू रेसीडेंसी को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने का निर्णय लिया गया है। पंजीयन और स्टांप शुल्क की प्रतिपूर्ति पर्यटन विभाग के बजट से होगी।
3 संभागों में नए क्षेत्रीय कार्यालय, 7 पदों की मंजूरी
नर्मदापुरम, चंबल और शहडोल संभागों में स्थानीय निधि संपरीक्षा के क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित होंगे। निवाड़ी, मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा जिलों के लिए 7 सहायक संचालक पद भी स्वीकृत किए गए हैं।
विद्युत क्रय अनुबंध समाप्त करने का फैसला
पूर्व में वैरिएबल दर पर विद्युत क्रय अनुबंध करने वाले विकासकों से अनुबंध समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। उनसे नुकसान की भरपाई कर बैंक गारंटी लौटाई जाएगी।
स्टांप संशोधन विधेयक को मंजूरी
भारतीय स्टांप (मध्य प्रदेश संशोधन) विधेयक 2025 को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इससे राज्य को लगभग 212 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा।
