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मध्यप्रदेश में बाढ़: हालात में हो रहा सुधार, नरोत्तम बोले- अभी 14 हजार लोग राहत शिविरों में रह रहे
Sun, 08 Aug 2021 03:42 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sun, 08 Aug 2021 03:42 PM IST
सार
मध्यप्रदेश में बीते सप्ताह भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को ग्वालियर-चंबल का हवाई सर्वेक्षण किया और हालात का जायजा लिया।
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मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा
- फोटो : ANI
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विस्तार
मध्य प्रदेश में बाढ़ के हालात अब काबू में आने लगे हैं। राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि राज्य में हालात सुधर रहे हैं। अच्छी बात यह है कि रविवार को राज्य में कोई भी बचाव अभियान चलाने की जरूरत नहीं पड़ी। फिलहाल अलग-अलग जिलों में 14 हजार से ज्यादा लोग 230 से ज्यादा राहत शिविरों में रह रहे हैं। इस बीच, केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सुबह-सुबह ग्वालियर-चंबल इलाके का हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि इलाके ने पिछले 40 वर्षों में ऐसी आफत नहीं झेली है।
मिलकर चुनौती का सामना करेंगे : सिंधिया
सर्वेक्षण से पहले ग्वालियर में पत्रकारों से बात करते हुए सिंधिया ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार ने मिलकर इस चुनौती का सामना किया है। इसी का नतीजा है कि अब तक 15,000 लोगों को बचाया जा चुका है। राहत और बचाव कार्य में तेजी लाई जा रही है। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों में लगातार राहत सामग्री भेजी जा रही है। सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की मरम्मत का काम तेज गति से किया जाएगा।
इससे पहले सिंधिया ने श्योपुर जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए राहत सामग्री के ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने ग्वालियर में निर्वाचित प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक भी की। बता दें कि इस सप्ताह की शुरुआत में उत्तरी मध्य प्रदेश के चंबल-ग्वालियर क्षेत्र में बारिश के कारण कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई। इस दौरान हजारों लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
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बचाव कार्यों में एयरफोर्स भी शामिल
इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार सुबह तीन जिलों में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की थी। उन्होंने ट्वीट कर बताया था कि गुना, अशोकनगर, विदिशा जिलों में बाढ़ की स्थिति और बचाव अभियान का जायजा लिया। गांवों में फंसे लोगों को निकालने के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें भी रात से काम कर रही हैं। भारतीय वायुसेना भी इसमें जुटी हुई है।
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मिलकर चुनौती का सामना करेंगे : सिंधिया
सर्वेक्षण से पहले ग्वालियर में पत्रकारों से बात करते हुए सिंधिया ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार ने मिलकर इस चुनौती का सामना किया है। इसी का नतीजा है कि अब तक 15,000 लोगों को बचाया जा चुका है। राहत और बचाव कार्य में तेजी लाई जा रही है। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों में लगातार राहत सामग्री भेजी जा रही है। सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की मरम्मत का काम तेज गति से किया जाएगा।
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इससे पहले सिंधिया ने श्योपुर जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए राहत सामग्री के ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने ग्वालियर में निर्वाचित प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक भी की। बता दें कि इस सप्ताह की शुरुआत में उत्तरी मध्य प्रदेश के चंबल-ग्वालियर क्षेत्र में बारिश के कारण कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई। इस दौरान हजारों लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
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बचाव कार्यों में एयरफोर्स भी शामिल
इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार सुबह तीन जिलों में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की थी। उन्होंने ट्वीट कर बताया था कि गुना, अशोकनगर, विदिशा जिलों में बाढ़ की स्थिति और बचाव अभियान का जायजा लिया। गांवों में फंसे लोगों को निकालने के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें भी रात से काम कर रही हैं। भारतीय वायुसेना भी इसमें जुटी हुई है।
