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MP News: माधव नेशनल पार्क टाइगर रिजर्व घोषित, प्रदेश का आठवां टाइगर रिजर्व होगा
Mon, 02 Dec 2024 10:07 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Mon, 02 Dec 2024 10:07 AM IST
सार
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की तकनीकी समिति ने माधव राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व घोषित करने को मंजूरी दी है। क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण और ईको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा।
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माधव नेशनल पार्क
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शिवपुरी जिले के माधव नेशनल पार्क को टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित कर दिया गया है। यह मध्यप्रदेश का आठवां टाइगर रिजर्व होगा। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की तकनीकी समिति ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिससे प्रदेश में बाघों के संरक्षण में एक नई दिशा मिलेगी। इसके 375 वर्ग किलोमीटर को कोर क्षेत्र और 1276 वर्ग किलोमीटर को बफर क्षेत्र के रूप में निर्धारित किया गया है, जिससे कुल क्षेत्रफल 1751 वर्ग किलोमीटर होगा।
इसके अलावा, समिति ने राष्ट्रीय उद्यान में एक नर और एक मादा बाघ को छोड़ने की भी मंजूरी दी है, जिससे बाघों की संख्या में वृद्धि और प्रजनन में मदद मिल सकेगी। यह कदम वन्यजीव संरक्षण और क्षेत्रीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। प्रदेश के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य-जीव) एल. कृष्णमूर्ति ने बताया कि इस निर्णय से न केवल बाघों के संरक्षण में मदद मिलेगी, बल्कि यह क्षेत्रीय वन्यजीव प्रबंधन को भी मजबूत करेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर, एनटीसीए को माधव राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व घोषित करने का प्रस्ताव भेजा गया था। माधव और कूनो राष्ट्रीय उद्यान में वन्य-जीव प्रबंधन की प्रक्रिया को मजबूत करने से स्थानीय समुदायों को ईको-टूरिज्म के रूप में नए अवसर मिलेंगे और क्षेत्र का समग्र विकास होगा। इस कदम से पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।
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इसके अलावा, समिति ने राष्ट्रीय उद्यान में एक नर और एक मादा बाघ को छोड़ने की भी मंजूरी दी है, जिससे बाघों की संख्या में वृद्धि और प्रजनन में मदद मिल सकेगी। यह कदम वन्यजीव संरक्षण और क्षेत्रीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। प्रदेश के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य-जीव) एल. कृष्णमूर्ति ने बताया कि इस निर्णय से न केवल बाघों के संरक्षण में मदद मिलेगी, बल्कि यह क्षेत्रीय वन्यजीव प्रबंधन को भी मजबूत करेगा।
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मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर, एनटीसीए को माधव राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व घोषित करने का प्रस्ताव भेजा गया था। माधव और कूनो राष्ट्रीय उद्यान में वन्य-जीव प्रबंधन की प्रक्रिया को मजबूत करने से स्थानीय समुदायों को ईको-टूरिज्म के रूप में नए अवसर मिलेंगे और क्षेत्र का समग्र विकास होगा। इस कदम से पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।
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