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MP News: पिछला बकाया लौटा नहीं रहे, नई किस्त मांगने में हज कमेटी ने कर दी जल्दी, जानें पूरा मामला

Wed, 09 Oct 2024 02:07 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: शबाहत हुसैन Updated Wed, 09 Oct 2024 02:07 PM IST
सार

MP News: सेंट्रल हज कमेटी ने हज आवेदकों से खर्च की पहली किस्त मांगनें में जितनी जल्दबाजी दिखाई है, उतनी तत्परता उस मामले में नहीं दिखाई, जिसमें उसे पिछले साल के हाजियों की बकाया रकम वापस लौटाना है। भोपाल समेत विभिन्न रुबात में ठहरे इन हाजियों की करोड़ों रुपए की राशि अब तक हज कमेटी के पास रखी हुई है। बार बार के रिमाइंडर और चिट्ठी पत्री पर भी उन्हें टका सा जवाब मिलता है, प्रक्रिया जारी है....!

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Haj Committee was quick to ask for new installment, know the whole matter
हज कमेटी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जानकारी के मुताबिक सऊदी अरब के मक्का और मदीना में भारत की कई रुबात (धर्मशालाएं) मौजूद हैं। तत्कालीन नवाब और निजामों ने अपने क्षेत्र की जनता को हज के दौरान सुविधाएं मुहैया कराने के लिहाज से इनका निर्माण कराया था। हाजियों को इनमें निःशुल्क ठहरने की अनुमति होती है। जिससे उन्हें हज खर्च में बचत मिल जाती है। 

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पहले जमा, फिर वापसी
जानकारी के मुताबिक हज आवेदन प्रक्रिया पूरी होते समय हाजियों से खर्च की पूरी राशि जमा करवा ली जाती है। जबकि रुबात में ठहरने वाले हाजियों की प्रक्रिया बाद में पूरी की जाती है। हज कमेटी ऑफ इंडिया रुबात पर खर्च होने वाली बाद में ऐसे हाजियों को लौटाती है। 
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प्रदेश के 200 हाजी
सऊदी अरब में मौजूद भोपाल नवाब द्वारा निर्मित रबात में करीब 200 हाजियों के ठहरने की जगह है। इनमें भोपाल, रायसेन और सीहोर जिले के हाजी शामिल होते हैं। पिछले वर्ष इन जिलों के करीब 200 हाजियों को एक लाख, 3500 रुपए प्रति हाजी के लिहाज से करीब दो करोड़, 70 लाख रुपए हज कमेटी के पास जमा हैं।
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रुबात यहां की भी हैं
मक्का मदीना में भोपाल नवाबों की बनाई गई रुबात के अलावा हैदराबाद निजाम की रुबात भी हैं। टोंक रियासत ने यहां 3 रुबात बनवाई हैं। इसके साथ ही बोहरा समाज, आरकोट और अंजुमन की रुबात यहां मौजूद हैं। जिनमें करीब 5 हजार लोगों के मुफ्त ठहरने की गुंजाइश रखी गई है।

अब तक नहीं लौटाई राशि
हज 2024 में शामिल हाजियों को सेंट्रल हज कमेटी ने अब तक रुबात की राशि नहीं लौटाई है। अकेले मप्र से करीब दो करोड़ रुपए हज कमेटी के पास हैं। सभी रुबात के मिलकर यह राशि बड़ा आंकड़ा रखती है। जहां हज कमेटी हाजियों की रकम वापसी पर अगंभीर है, वहीं अगले साल के हज के लिए पैसा मांगना चर्चाओं का विषय बन गया है।


मसूद बोले, पहले पुराना लौटाएं
राजधानी भोपाल के विधायक आरिफ मसूद ने हाजियों से समय पूर्व मांगी जा रही राशि को गलत करार दिया है। उनका कहना है कि कई महीनों पहले लोगों को राशि का इंतजाम करना मुश्किल भरा होगा। साथ ही इतने समय बड़ी रकम बैंक में रखे होने से इसमें ब्याज का गालमेल भी होगा। जो इस्लामी तरीके को दूषित करेगा। उन्होंने पिछले साल की हाजियों की बकाया रकम वापस करने की बात भी कही है।

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