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Drivers Strike News: नए कानून के विरोध में भोपाल में भी थमे रहे कमर्शियल वाहनों के पहिए, यात्री रहे परेशान

Mon, 01 Jan 2024 02:41 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल Published by: दिनेश शर्मा Updated Mon, 01 Jan 2024 02:41 PM IST
सार

ड्राइवरों की हड़ताल के चलते सड़क से लेकर पेट्रोल पंप तक प्रभावित हुए। इसके साथ ही मालवाहक वाहनों के न चलने से सामान एक स्थान से दूसरे स्थान पर नहीं पहुंच पाया। 

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Drivers Strike News: Wheels of commercial vehicles stopped in Bhopal in protest against the new law
ट्रकों की हड़ताल का असर दिखने लगा है, पेट्रोल खत्म होने की आशंका में लोग पंप पर कतार लगा रहे हैं - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हिट एंड रन को लेकर बनाए गए नए कानून के विरोध में चल रही बस, ट्रक, ऑटो, टैंकर सहित अन्य कमर्शियल वाहन के ड्राइवरों की हड़ताल का असर राजधानी भोपाल में भी दिखाई दिया। 25000 से अधिक बस, ऑटो और ट्रक ड्राइवर ने शुक्रवार को केंद्र सरकार के नए आदेश को लेकर हड़ताल की। इसके चलते शहर में चलने वाली 368 लो फ्लोर और सैकड़ों मिनी बसों के पहिए थम गए। ऐसे में यात्रियों को नए साल के पहले दिन ही आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। पेट्रोल-डीजल का परिवहन करने वाले टैंकरों के ड्राइवर भी हड़ताल में शामिल रहे। इसके कारण पेट्रोल पंप पर भी लंबी-लंबी कतारें देखी गईं।
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सभी मार्गों पर असर
हड़ताल के कारण शहर के नादरा और आईएसबीटी बस स्टैंड में दर्जनों बसों के पहिए रुके रहे। इसी तरह राजधानी में प्रवेश के सभी आठ मुख्य मार्गों यानी हाईवे में ट्रक ड्राइवर के ट्रक खड़े रहे। ये सभी ड्राइवर हिट एंड रन केस को लेकर केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कानून का विरोध कर रहे थे। बता दें प्रदेश भर में 6 लाख से अधिक ट्रक और यात्री बस चालकों द्वारा इस नए कानून का विरोध किया जा रहा है। 
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मंगलवार को बड़ी मीटिंग
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस नई दिल्ली के अध्यक्ष ने ट्रक और यात्री बस चालकों की हड़ताल को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र भी लिखा है। इसमें कानून वापस लेने के लिए पुनर्विचार करने की बात लिखी गई है। साथ ही चेतवानी दी गई है कि अगर सरकार कानून वापस लेने से मना करती है तो ट्रक ड्राइवर आंदोलन के साथ-साथ चक्काजाम भी करेंगे। इधर ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के अनुसार हड़ताल को लेकर मंगलवार को देश भर के ट्रांसपोर्टर की एक बड़ी बैठक होगी। इसमें आगे के लिए निर्णय लिया जाएगा। इस नियम के आने के बाद भारी वाहन चालक अपनी नौकरियां छोड़ रहे हैं।
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सरकार विचार करे
जिला अध्यक्ष कैट भोपाल धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि सम्पूर्ण परिवहन उद्योग इस बात से बहुत चिंतित है कि इस तरह के कठोर कानून को लागू करने से पहले किसी प्रकार की कोई बातचीत नहीं की गई। देश भर में आपूर्ति शृंखला में अचानक व्यवधान आ सकता है। परिवहन उद्योग आर्थिक मशीनरी में एक महत्वपूर्ण कड़ी है और किसी भी व्यवधान के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। हम सरकार से अपील करते हैं कि ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन द्वारा व्यक्त की गई सभी समस्याओं पर गंभीरतापूर्वक विचार करे। 
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