फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Digvijaya Singh Alleges EVM Can Be Hacked, Claims Upto 40% Votes Can't Be Changed

MP Politics: दिग्विजय ने फिर उठाया EVM हैकिंग का मुद्दा, लगाया आरोप- 40% वोटों में हो सकता है हेरफेर

Wed, 24 Jan 2024 04:31 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: रवींद्र भजनी Updated Wed, 24 Jan 2024 04:31 PM IST
सार

Digvijaya Singh EVM Hacking: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) हैकिंग का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि मैं यह आरोप नहीं लगा रहा कि हेरफेर हो रहा है लेकिन 30 से 40 प्रतिशत वोटों का हेरफेर हो सकता है। 
 

विज्ञापन
Digvijaya Singh Alleges EVM Can Be Hacked, Claims Upto 40% Votes Can't Be Changed
दिग्विजय सिंह ने डमी मशीन के साथ प्रेजेंटेशन दिया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डेढ़ महीने पहले मध्य प्रदेश समेत तीन राज्यों में भाजपा ने पूर्ण बहुमत से सरकार बनाई है। इसे लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को लेकर सवाल उठाए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने गुजरात से आए अतुल पटेल के साथ ईवीएम को हैक कर दिखाया। बचते-बचाते यह दावा भी कर दिया कि ईवीएम हैकिंग से 30 से 40 प्रतिशत वोटों में हेरफेर हो सकता है। 

विज्ञापन


विज्ञापन


राजधानी भोपाल में आयोजित इस पत्रकार वार्ता के दौरान दिग्विजय सिंह ने मीडिया के सामने ईवीएम एक्सपर्ट अतुल पटेल से पूरी मतदान प्रक्रिया का डेमो किया। इस दौरान एक ईवीएम में 10 वोट डाले गए। चुनाव चिह्न के तौर पर सेब, केला और तरबूज था। इस दौरान अधिकांश पत्रकारों ने केला चिह्न पर वोट दिया, लेकिन नतीजे चौंकाने वाले थे। अंतिम नतीजे में सेब को ज्यादा मत प्राप्त हुए। दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि 140 करोड़ आबादी वाले देश में जहां 90 करोड़ मतदाता हैं तो क्या हम ऐसे लोगों के हाथ में ये सब तय करने का अधिकार दे दें? पूरी इलेक्शन प्रोसेस का मालिक न मतदाता है, न अधिकारी-कर्मचारी हैं। इसका मालिक सॉफ्टवेयर बनाने और सॉफ्टवेयर डालने वाला है। सिंह ने बताया कि पहले कौन-सा ईवीएम कौन से बूथ पर जाएगा ये कलेक्टर तय करते थे, अब ये रैंडमाईजेशन के नाम पर इलेक्शन कमिशन के सेंट्रल ऑफिस से लोड होता है। मशीन सॉफ्टवेयर की बात मानेगी ऑपरेट करने वाले की नहीं मानेगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पूर्व सीएम ने केंद्रीय निर्वाचन आयोग को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है, दबाव में है। चुनाव आयोग से हम निष्पक्षता की उम्मीद करते हैं। लेकिन ईवीएम का सारा काम प्राइवेट लोगों के हाथ में है। जब सॉफ्टवेयर ही सब करता है तो वही सॉफ्टवेयर तय करेगा सरकार किसकी बनेगी। चुनाव आयोग ने खुद आरटीआई के जवाब में कहा है कि उनके पास कोई भी टेक्निकल टीम नहीं है। 

निर्वाचन आयोग से पूछे सवाल
कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने कहा कि 2003 से लेकर आज तक निर्वाचन आयोग ने ईवीएम के सॉफ्टवेयर को पब्लिक डॉमिन में क्यों नहीं डाला है? मशीन के पार्ट्स अलग-अलग जगह से आते हैं। पहले इसमें लगने वाला चिप सिंगल प्रोग्रामेबल था, जिसे अब मल्टीपल प्रोग्रामेबल चिप में तब्दील कर दिया है। ऐसा क्यों? चुनाव आयोग इन सवालों का जवाब नहीं दे रहा है। सॉफ्टवेयर कौन डाल रहा है? इसका कोई जवाब नही है। इससे तो ऐसा लग रहा है कि मतदाात नहीं बल्कि सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने वाला तय करेगा कि सरकार किसकी बनेगी। कौन-सी मशीन किस बूथ पर जाएगी, यह रिटर्निंग ऑफिसर तय नहीं करता। यह भी कंप्यूटर तय करता है। भाजपा को जनता का नहीं मशीन का वोट मिल रहा है। ईवीएम से इतना प्रेम है तो हमें ईवीएम से निकलने वाली वीवीपैट (VVPAT) पर्ची हाथ में दे दीजिए। हम उसे डिब्बे में डालेंगे। हमारी मांग संवैधानिक है। न्यायपालिका की जिम्मेदारी है कि वह हमारी संवैधानिक मांगों का संरक्षण करें। 

सिर्फ पांच देशों में होती है ईवीएम से वोटिंग
दिग्विजय सिंह ने कहा कि आज विश्व के सिर्फ पांच देश में ईवीएम से वोटिंग होती है। इनमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, नाइजीरिया, वेनेजुएला और ब्राजील शामिल है। ऑस्ट्रेलिया में जो सॉफ्टवेयर डाला जाता है वो ओपन है, जनता के बीच है। भारत में चुनाव आयोग ने अब तक सॉफ्टवेयर पब्लिक नहीं किया है। ये तो और गंभीर विषय है। ऐसे कई प्रश्न है जो आज लोगों के दिमाग में है। सिंह ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री काल में टीएन सेशन साहब का जमाना देखा है। तब हम आयोग से डरते थे। आज आयोग निष्पक्ष नहीं है। हम लोग कुछ कह दें तो ईसीआई नोटिस दे देता है, मोदी कुछ भी बोलें उन्हें नोटिस नहीं मिलता। 

भाजपा पहले ही जीत की स्क्रिप्ट लिख देती है
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि चुनावों से पहले ही भाजपा माहौल बनाती है। इसके जरिये नैरेटिव सेट किया जाता है। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलवामा को लेकर वोट देने की मांग की। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले मामा (शिवराज सिंह चौहान) ने लाड़ली बहना योजना को वोट देने की बात कही और माहौल बनाया। मेरा आरोप है कि चुनाव आयोग भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के दबाव में काम कर रहा है। आयोग को मेरे खिलाफ जो कार्रवाई करना है कर लें। जब मोदी जी कोई बयान दें तो उन पर आयोग कोई करवाई नहीं करता है। 

दिग्विजय सिंह से सीधी बात
नैरेटिव की बात है तो कर्नाटक में बजरंग बली के मुद्दे पर भाजपा क्यों नहीं जीती?

दिग्विजयः अगर ये सब जगह मैनिपुलेशन करेंगे तो जनता को जल्दी समझ आ जाएगा। जहां इन्हें पता है कि भाजपा है ही नहीं वहां नहीं करेंगे। हर जगह नहीं करेंगे। इससे उनकी पोल खुल जाएगी। पंजाब में नहीं करेंगे, तमिलनाडु में नहीं करेंगे, केरल में नहीं करेंगे, क्योंकि इन राज्यों में उनके पास जनता का समर्थन नहीं है। मध्य प्रदेश में सभी 230 सीटों पर इन्होंने ईवीएम में गड़बड़ी नहीं की। 120-130 सीटों पर की। 10 प्रतिशत वोट का स्विंग किया, इसलिए हम कुछ सीटें 60-70 हजार वोट से हारे हैं। भाजपा नेता लालकृष्ण आडवानी भी ईवीएम पर सवाल उठा चुके हैं। 

सवालः आप यह लड़ाई कैसे जीतेंगे?
दिग्विजयः जब अन्याय अपनी सीमा को पार कर जाता है तो कोई न कोई प्रकट होता है। फिर कोई न कोई प्रकट होगा और लोकतंत्र की जीत होगी।   

सवालः आपकी पार्टी तो आपकी ही नहीं सुनती। यदि पहले सुन लेती तो कांग्रेस की स्थिति आज ऐसी नहीं होती? 
दिग्विजयः पार्टी पर बात अलग से करेंगे। आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस सिर्फ इसी मुद्दे पर है कि चुनाव को किस तरह से प्रभावित किया जा रहा है। ईवीएम से वोटों में हेरफेर हो रहा है। सॉफ्टवेयर से सबकुछ हो रहा है। आज मैं सिर्फ इसी मुद्दे पर बातचीत करना चाहता हूं।  

सवालः मध्य प्रदेश में तो 2018 में कांग्रेस की सरकार बनी थी, तब क्या हुआ था? 
दिग्विजयः जी हां, विध्य में हमें अच्छी सीट मिलनी थी। वहां पर हमें सिर्फ सात सीट मिली थी। उन्होंने कुछ सीटों पर मशीनों का खेल किया। वहां हमें एक सीट मिली है। इसमें ही खेल कर दिया। यह मेरा आरोप है। 


कमलनाथ ने भी मिलाए सुर में सुर
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी दिग्विजय के सुर में सुर मिलाए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय चुनाव प्रक्रिया में ईवीएम मशीन की विश्वसनीयता को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने तकनीकी विशेषज्ञों के साथ भोपाल में डमी ईवीएम मशीन में छेड़छाड़ का प्रदर्शन एक पत्रकार वार्ता के जरिए प्रस्तुत किया। वहां मौजूद पत्रकारों ने स्वयं डमी ईवीएम का बटन दबाया और यह पाया कि न सिर्फ वोट संख्या में बल्कि वीवीपेट से प्राप्त होने वाली पर्ची में भी बदलाव किया जा सकता है। इसका सीधा अर्थ है कि जो वोट भारत का नागरिक डाल रहा है उसमें छेड़छाड़ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यह आवश्यक हो गया है कि भारतीय लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए और भारत के नागरिकों का मतदान 100% सुरक्षित करने के लिए वोटिंग की प्रणाली में बदलाव किया जाए। ईवीएम हटाकर मत पत्र से चुनाव कराए जाएं। अगर ईवीएम से ही चुनाव कराने हैं तो वोट की पर्ची मतदाता को हाथ में मिलनी चाहिए जिसे वह मत पेटी में डालें और इसी पर्ची को गिना जाए।

भाजपा ने ठुकराए दिग्विजय सिंह के आरोप
भाजपा प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने दिग्विजय सिंह के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब से लक्ष्मण सिंह बुरी तरीके से चुनाव हारे और जयवर्धन सिंह चुनाव जीते हैं, तब से लक्ष्मण सिंह का मूड खराब है। वे लगातार राहुल गांधी , दिग्विजय सिंह और कांग्रेस को निशाना बना रहे हैं। इसी नाराजगी को दूर करने के लिए दिग्विजय सिंह जी ने ईवीएम पर निशाना साधा है। बस वे इस बात का जवाब दे दें कि जब ईवीएम में गड़बड़ी है तो जयवर्धन सिंह का, छिन्दवाड़ा, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना का चुनाव कांग्रेस कैसे जीती? एमपी में कांग्रेस के 66 विधायक चुनाव कैसे जीते? ईवीएम पर आरोप लगाकर दिग्विजय सिंह कर्नाटक, हिमाचल, तेलंगाना और मध्य प्रदेश के 66 कांग्रेस विधायकों की जीत पर खुद प्रश्नचिन्ह लगा रहे हैं। विजयी कांग्रेसी विधायकों का मजाक उड़ा रहे हैं। दिग्विजय सिंह जी यह भी बताएं कि उनके साथ इस मुद्दे पर कांग्रेस क्यों खड़ी नहीं है? 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed